श्री अग्रसेन संस्कार सेवा समिति कोटा संभाग के तत्वावधान में छह से आठ अप्रैल तक श्रीराम धाम सेवा ट्रस्ट अमर निवास रावतभाटा रोड पर श्री महालक्ष्मी माता एवं खाटूश्याम नरेश श्याम बाबा का महाछप्पन भोग आयोजित किया जाएगा। इसे दर्ज करने के लिए गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड की टीम कोटा पहुंच रही है। कार्यक्रम संयोजक तथा अग्रसेन संस्कार सेवा समिति के महामंत्री अशोक अग्रवाल ने बताया कि महाछप्पन भोग के लिए उत्तर प्रदेश के 40 कारीगरों द्वारा देसी घी से निर्मित विविध व्यंजन तैयार कराए जा रहे हैं, जो छप्पनभोग में रखे जाएंगे।
आयोजन आदिगुरु शंकराचार्य एवं बड़ा भक्तमाल गौसंत सेवी ट्रस्ट रामघाट अयोध्या के महंत अवधेश कुमाराचार्य के सान्निध्य में होगा। उन्होंने बताया कि छप्पन भोग के दर्शन प्रतिदिन प्रात छह से रात 10 बजे तक होंगे। जिन्हें सर्वसमाज के लिए खोला जाएगा। छप्पनभोग के दौरान चिरौंजी, शुगर फ्री, अंजीर मूंगफली, बिस्किट, मखाना, नमकीन पिस्ता, चॉकलेट, बादाम, बताशे, चिरौंजी, अखरोट, हरी इलायची, छुआरा, पीली सरसों, नारियल, काली मिर्च, पोलो गोली, हल्दी आदि के 18 महल बनाए जाएंगे।
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प्रवक्ता संजय गोयल ने बताया कि महाछप्पन भोग का आयोजन कोटा में कोचिंग स्टूडेंट्स की कमी के चलते अर्थव्यवस्था को हो रहे नुकसान को फिर से गति देने के लिए किया जा रहा है। माता लक्ष्मी को महा छप्पन भोग लगाकर उनसे कोटा की समृद्धि, प्रगति और खुशहाली की कामना की जाएगी। छप्पन भोग को तैयार करने के लिए 26 मार्च से 40 कारीगरों की टीम लगी हुई है।
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संयोजक अशोक अग्रवाल सब्जी वालों ने बताया कि महा छप्पनभोग में 5 क्विटंल मेवे, 350 लीटर देसी घी और 12 क्विंटल शक्कर का उपयोग किया जाएगा। उन्होंने बताया कि महल और मूर्तियां बनाने तथा विभिन्न मिष्ठान तैयार करने में डेढ़ क्विंटल काजू, 70 किलो बादाम, 14 किलो इलायची, 12 क्विंटल चीनी, 22 पीपा देशी घी, 32 किलो मखाने, 40 किलो अंजीर, 30 किलो खुरमानी, 30 किलो पिस्ता, 35 किलो छुआरे, 30 किलो शुगर फ्री, 32 किलो पोलो गोली, 35 किलो अखरोट, 14 किलो काली मिर्च, 14 किलो चिरौंजी, 12 किलो सरसों, 32 किलो हल्दी समेत विभिन्न सामग्री प्रयोग में लाई जा रही है।