गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) के अवसर पर टोंक के पुलिस परेड ग्राउंड में जिला स्तरीय समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में जलदाय मंत्री कन्हैयालाल चौधरी ने ध्वज फहरा कर परेड की सलामी ली।
अपने संबोधन में मंत्री कन्हैयालाल चौधरी ने कहा कि संविधान लागू होने के समय देश की स्थिति क्या थी और आज हम कहां पहुंच चुके हैं, यह हम सभी के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि आज भारत विश्व की चौथी सबसे बड़ी शक्ति बन चुका है। सरकार ने बीते दो वर्षों में युवाओं को रोजगार देने का कार्य किया है। पहले जहां परीक्षाओं में पेपर लीक आम बात थी, वहीं पिछले दो वर्षों में एक भी पेपर लीक नहीं हुआ है। सरकार की प्राथमिकता है कि परीक्षा देने वाले योग्य युवाओं का निष्पक्ष चयन हो।
जलदाय मंत्री ने जल संसाधनों पर बोलते हुए कहा कि राजस्थान में कृषि, पेयजल और उद्योग—तीनों क्षेत्रों की जल आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए सरकार ने व्यापक स्तर पर काम किया है। उन्होंने बताया कि राम जल सेतु परियोजना, जिसे पहले ईआरसीपी के नाम से जाना जाता था, लगभग 50 हजार करोड़ रुपये की लागत से शुरू की गई है। इसके तहत 24 हजार करोड़ रुपये के वर्क ऑर्डर जारी किए जा चुके हैं। आने वाले समय में टोंक सहित 21 जिलों में पेयजल की कोई कमी नहीं रहेगी।
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डूंगरी बांध को लेकर उठ रहे विरोध पर मंत्री ने कहा कि कुछ लोग इस मुद्दे पर भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि बांध के डूब क्षेत्र में केवल 9 गांव आ रहे हैं और उन सभी गांवों को 100 प्रतिशत पुनर्वास के तहत उनकी सुविधा के अनुसार भूमि और आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। यदि 9 गांवों के पुनर्वास से 9 हजार गांवों का भला होता है, तो इससे बड़ा जनहित का कार्य कोई नहीं हो सकता।
'किसी भी दोषी मंत्री या नेता को बख्शा नहीं जाएगा'
पेपर लीक और ओएमआर शीट घोटाले पर मंत्री कन्हैयालाल चौधरी ने कहा कि इस मामले में जो भी दोषी सामने आ रहे हैं, चाहे वे आरपीएससी से जुड़े हों या पेपर बनाने वाली एजेंसियों से, सभी को गिरफ्तार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 2018 की परीक्षा में ओएमआर शीट में अंक बढ़ाना युवाओं के साथ सबसे बड़ा धोखा था। इस मामले में आगे भी बड़ी गिरफ्तारियां होंगी और पिछली सरकार के किसी भी दोषी मंत्री या नेता को बख्शा नहीं जाएगा।
जेजेएम घोटाले का उल्लेख करते हुए मंत्री ने कहा कि पूर्व मंत्री नौ महीने तक जेल में रह चुके हैं और आगे भी कानून अपना काम करेगा। डिस्टर्ब एरिया बिल पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि इस कानून के लागू होने से अब किसी भी क्षेत्र में शांति भंग करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। किसी भी गतिविधि के लिए कलेक्टर की अनुमति अनिवार्य होगी, जिससे लोगों को राहत मिलेगी।
आगामी विधानसभा बजट सत्र को लेकर मंत्री ने कहा कि सरकार टोंक को रेल नेटवर्क से जोड़ने के लिए प्रयासरत है। उन्होंने बताया कि वे जल्द ही केंद्रीय रेल मंत्री से मुलाकात कर टोंक के साथ मालपुरा और टोडारायसिंह को भी रेल सुविधा से जोड़ने की मांग रखेंगे।