उदयपुर जिले के कुराबड़ क्षेत्र में शनिवार सुबह उस वक्त अफरातफरी मच गई जब एक तेंदुआ अचानक एक घर में घुस गया। उसने घर में मौजूद महिला और उसके तीन साल के बेटे पर हमला कर दिया। गनीमत रही कि ग्रामीणों ने समय रहते दरवाजा बाहर से बंद कर दिया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद वन विभाग की टीम ने तेंदुए को सुरक्षित पकड़ लिया।
जानकारी के मुताबिक, घटना कुराबड़ की बेमला ग्राम पंचायत के आड़ी तलाई क्षेत्र की है। सुबह करीब 11:30 बजे बद्रीलाल मीणा के घर में अचानक तेंदुआ घुस आया। उस वक्त घर के आंगन में बद्रीलाल की पत्नी मंजू बाई (25) और बेटा रोहित खेल रहे थे। तेंदुए ने झपट्टा मारते हुए दोनों को गिरा दिया, जिससे वे घायल हो गए। महिला के शोर मचाने पर तेंदुआ पक्के कमरे में जा घुसा। तभी वहां से गुजर रहे ग्रामीणों ने सूझबूझ दिखाते हुए कमरे का गेट बाहर से बंद कर दिया।
करीब तीन घंटे तक तेंदुआ अंदर बंद रहा। इस दौरान उसने दहाड़ते हुए गेट के हिस्से को तोड़ दिया और बाहर निकल भागा। ग्रामीणों ने हिम्मत नहीं हारी और करीब 500 मीटर तक पीछा किया। कुछ देर बाद तेंदुआ पास के पोल्ट्री फार्म में जा घुसा, जहां लोगों ने फिर दरवाजा बंद कर दिया।
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सूचना मिलने पर उदयपुर से वन्यजीव उड़नदस्ता टीम दोपहर करीब 2 बजकर 18 मिनट पर मौके पर पहुंची। टीम ने आठ मिनट के अंदर ऑपरेशन पूरा करते हुए तेंदुआ को ट्रेंकुलाइज कर सुरक्षित पिंजरे में बंद किया। इसके बाद उसे इलाज के लिए सज्जनगढ़ जैव उद्यान भेज दिया गया।
घायल मां-बेटे को सीएचसी कुराबड़ में भर्ती कराया गया है, जहां दोनों की हालत अब सामान्य बताई जा रही है। मौके पर क्षेत्रीय वन अधिकारी रामनारायण डांगी, वनकर्मी ओमप्रकाश और जयसिंह के साथ कुराबड़ थाना प्रभारी प्रभुलाल मीणा भी पहुंचे और स्थिति पर नजर बनाए रखी।
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