{"_id":"6aa8de78b4fc959221076010","slug":"video-indefinite-strike-by-bhms-interns-in-ghazipur-continues-for-the-third-day-patients-turned-away-2026-09-15","type":"video","status":"publish","title_hn":"गाजीपुर में तीसरे दिन भी बीएचएमएस इंटर्न्स की अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी, लौटे मरीज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गाजीपुर में तीसरे दिन भी बीएचएमएस इंटर्न्स की अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी, लौटे मरीज
गाजीपुर में बीएचएमएस इंटर्न के मानदेय में वृद्धि को लेकर इंटर्न और छात्रों ने सोमवार को राजकीय होम्योपैथिक चिकित्सा महाविद्यालय के चिकित्सालय की ओपीडी में तीसरे दिन भी ताला बंद कर मुख्य गेट पर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे रहे। कॉलेज प्रशासन ने उनको हड़ताल खत्म करने को लेकर समझाया। पर इसके बाद भी सभी गेट पर ही डटे रहे। इसकी वजह से इलाज, जांच व दवा के लिए पहुंचे मरीज बगैर इलाज के वापस चले गए। इसकी वजह से कुछ मरीज छात्रों के इस हड़ताल से नाराज दिखे, तो कुछ समर्थन में भी दिखाई दिए। दोपहर करीब 12:30 बजे के बाद महाविद्यालय के इंटर्न, छात्र व छात्राएं जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला से मुलाकात कर उन्हें मुख्यमंत्री को संबोधित पत्रक सौंपा।
राजकीय होम्योपैथिक चिकित्सा महाविद्यालय के इंटर्न डॉ. ऋषभ खरे, डॉ. दीपक कुमार और डॉ. हसन रजा मलिक ने बताया कि, बीएचएमएस के इंटर्नों को बीते 15 वर्षों से 7,500 रुपये प्रतिमाह मानदेय के रूप में मिल रहा है। लंबे समय से हमारी मांग थी कि इसे बढ़ाकर 25,000 रुपये की जाए। जब हमारी मांगे नहीं सुनी गई तो बीते 11 सितंबर को ओपीडी बंद कर सरजू पांडेय पार्क पहुंचकर सदर एसडीएम विनोद जोशी के माध्यम से मुख्यमंत्री को संबोधित पत्रक सौंपा गया था। पर इसके बाद भी कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद 13 सितंबर को राजकीय होम्योपैथिक चिकित्सा महाविद्यालय के अस्पताल की ओपीडी पर ताला लगाने के साथ ही हड़ताल शुरू हो गया। शुक्रवार को तीसरे दिन भी ओपीडी पर लगा ताला बंद रहा। साथ ही सुबह 8 बजे से ही महाविद्यालय के करीब 20 इंटर्न और 150 से अधिक की संख्या में छात्र व छात्राएं गेट पर हड़ताल पर बैठ गए। साथ ही दोपहर करीब बाइक से रायफल क्लब पहुंचकर जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला से मुलाकात कर उन्हें पत्रक भी सौंपा गया है। जिसपर उन्होंने इस पत्र को मुख्यमंत्री कार्यालय तक भेजने का आश्वासन दिया है। दूसरी तरफ, रेवतीपुर के बसुका गांव से अस्पताल पहुंची इलाज के लिए पहुंची देवंती देवी ने बताया कि, मुझे पेट संबंधी समस्या है। यहीं से उनकी दवा चल रही है, हड़ताल की जानकारी नहीं होने से रूटीन जांच और दवा लेने अस्पताल पहुंची थी। पर हड़ताल की वजह से बिना जांच व दवा लिए ही वापस चली गई। इस दौरान वह हड़ताली इंटर्नों से काफी नाराज दिखाई दी।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।