चीन ने हाल ही में अपने सबसे बड़े रणनीतिक सहयोगी पाकिस्तान के साथ आर्थिक संबंधों में एक महत्वपूर्ण बदलाव किया है। सितंबर 2025 में, चीन ने पाकिस्तान के प्रमुख इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के लिए फंडिंग रोक दी है, जिससे पाकिस्तान को अन्य वित्तीय संस्थानों का रुख करना पड़ा है। आखिर चीन ने ऐसा क्यों किया? SCO सम्मेलन के बाद चीन का ये निर्णय कितना महत्वपूर्ण है?
चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (CPEC) में रुकावट
रिपोर्ट्स के मुताबिक चीन ने मेन लाइन-1 (ML-1) रेलवे अपग्रेड प्रोजेक्ट के लिए $2 बिलियन की फंडिंग से इनकार कर दिया है। यह प्रोजेक्ट CPEC का सबसे बड़ा हिस्सा था और कराची से पेशावर तक 1,726 किलोमीटर के रेल कॉरिडोर को शामिल करता था। पाकिस्तान अब इस प्रोजेक्ट के लिए एशियाई विकास बैंक (ADB) से $2 बिलियन का लोन मांग रहा है।
पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ की चीन यात्रा की असफलता
सितंबर 2025 में शहबाज शरीफ ने अपनी टीम के साथ चीन की यात्रा की, लेकिन CPEC फेज-2 के लिए नई फंडिंग हासिल करने में असफल रहे। रिपोर्ट्स के मुताबिक वे केवल $8.5 बिलियन के MoUs और संयुक्त उद्यमों के साथ वापस लौटे, जिनमें कृषि, इलेक्ट्रिक वाहन, सोलर एनर्जी, और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्र शामिल थे... देखिए पूरा वीडियो...