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Bihar: तिरंगे में लौटा वीर और गांव की हर आंख हुई नम, शहादत पर झुका पूरा भागलपुर, गूंज उठे देशभक्ति के नारे
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भागलपुर
Published by: भागलपुर ब्यूरो
Updated Sun, 22 Mar 2026 05:42 PM IST
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सार
भागलपुर के सबौर मिर्जापुर गांव में शहीद जवान नीरज कुमार का पार्थिव शरीर पहुंचते ही शोक और गर्व का माहौल बन गया। गांव के लोग अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़े, जबकि परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था।
भागलपुर में शहीद नीरज कुमार को नम आंखों से विदाई
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
देश की रक्षा करते हुए शहीद हुए वीर जवान नीरज कुमार का पार्थिव शरीर जब उनके पैतृक गांव सबौर मिर्जापुर पहुंचा, तो पूरा गांव एक साथ शोक और गर्व के भाव में डूब गया। हर आंख नम थी, हर दिल भारी था, लेकिन अपने लाल की शहादत पर गर्व भी साफ झलक रहा था। जैसे ही सेना के जवानों की गाड़ी गांव में दाखिल हुई, लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। हर कोई अपने वीर सपूत की अंतिम झलक पाने के लिए आतुर दिखा। गांव का माहौल खामोशी और दर्द के सन्नाटे से भरा हुआ था।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
शहीद नीरज कुमार के घर के बाहर सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गई। मां, पत्नी, छोटे-छोटे दो बच्चे और भाइयों का रो-रोकर बुरा हाल था। मां अपने बेटे को देखकर बार-बार बेहोश हो जा रही थी, जबकि पत्नी की आंखों से आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे थे। बच्चों को शायद पूरी तरह समझ नहीं था कि उनके पिता अब कभी वापस नहीं आएंगे, लेकिन माहौल की गंभीरता ने उन्हें भी स्तब्ध कर दिया था।
तिरंगे में लिपटा पार्थिव शरीर, गूंजे देशभक्ति के नारे
जैसे ही तिरंगे में लिपटा पार्थिव शरीर घर के आंगन में लाया गया, वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं। “भारत माता की जय” और “वीर जवान अमर रहे” के नारों से पूरा इलाका गूंज उठा। ये नारे एक ओर देशभक्ति की भावना को प्रकट कर रहे थे, तो दूसरी ओर शहीद के प्रति सम्मान और श्रद्धांजलि भी दे रहे थे। सबौर थाना की पुलिस और सेना के जवानों ने पूरे सम्मान के साथ शहीद को अंतिम सलामी दी। जवानों ने हथियार झुकाकर अपने साथी को श्रद्धांजलि अर्पित की। वह क्षण बेहद भावुक था, जब पूरे सैन्य सम्मान के साथ शहीद के पार्थिव शरीर को सलामी दी गई। इस दृश्य को देखकर हर व्यक्ति भाव-विभोर हो गया और कई लोगों की आंखों से आंसू छलक पड़े।
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बचपन से ही देश सेवा का सपना
गांव के बुजुर्गों ने बताया कि नीरज कुमार बचपन से ही देशभक्ति की भावना से ओत-प्रोत थे। उनका सपना था कि वह सेना में जाकर देश की सेवा करें। शहीद के अंतिम यात्रा जुलूस में सबौर थाना की पुलिस के साथ-साथ औद्योगिक प्रक्षेत्र थाना जीरो माइल की पुलिस भी साथ चल रही थी, जिससे पूरे कार्यक्रम को सुरक्षा और सम्मान के साथ संपन्न कराया गया।
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परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
शहीद नीरज कुमार के घर के बाहर सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गई। मां, पत्नी, छोटे-छोटे दो बच्चे और भाइयों का रो-रोकर बुरा हाल था। मां अपने बेटे को देखकर बार-बार बेहोश हो जा रही थी, जबकि पत्नी की आंखों से आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे थे। बच्चों को शायद पूरी तरह समझ नहीं था कि उनके पिता अब कभी वापस नहीं आएंगे, लेकिन माहौल की गंभीरता ने उन्हें भी स्तब्ध कर दिया था।
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तिरंगे में लिपटा पार्थिव शरीर, गूंजे देशभक्ति के नारे
जैसे ही तिरंगे में लिपटा पार्थिव शरीर घर के आंगन में लाया गया, वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं। “भारत माता की जय” और “वीर जवान अमर रहे” के नारों से पूरा इलाका गूंज उठा। ये नारे एक ओर देशभक्ति की भावना को प्रकट कर रहे थे, तो दूसरी ओर शहीद के प्रति सम्मान और श्रद्धांजलि भी दे रहे थे। सबौर थाना की पुलिस और सेना के जवानों ने पूरे सम्मान के साथ शहीद को अंतिम सलामी दी। जवानों ने हथियार झुकाकर अपने साथी को श्रद्धांजलि अर्पित की। वह क्षण बेहद भावुक था, जब पूरे सैन्य सम्मान के साथ शहीद के पार्थिव शरीर को सलामी दी गई। इस दृश्य को देखकर हर व्यक्ति भाव-विभोर हो गया और कई लोगों की आंखों से आंसू छलक पड़े।
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बचपन से ही देश सेवा का सपना
गांव के बुजुर्गों ने बताया कि नीरज कुमार बचपन से ही देशभक्ति की भावना से ओत-प्रोत थे। उनका सपना था कि वह सेना में जाकर देश की सेवा करें। शहीद के अंतिम यात्रा जुलूस में सबौर थाना की पुलिस के साथ-साथ औद्योगिक प्रक्षेत्र थाना जीरो माइल की पुलिस भी साथ चल रही थी, जिससे पूरे कार्यक्रम को सुरक्षा और सम्मान के साथ संपन्न कराया गया।