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Bihar News: BAU में गड़बड़ी का दावा, सुधाकर सिंह बोले- जांच के बिना नहीं रुकेगी लड़ाई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांका
Published by: भागलपुर ब्यूरो
Updated Tue, 24 Mar 2026 05:03 PM IST
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सार
राजद सांसद और पूर्व कृषि मंत्री सुधाकर सिंह ने बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर के कुलपति डॉ. दुनिया राम सिंह पर गंभीर भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं। उन्होंने राज्यपाल को पत्र लिखकर नियुक्तियों में गड़बड़ी, प्रशासनिक शिथिलता और वित्तीय अनियमितताओं की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
बिहार कृषि विश्वविद्यालय
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बिहार की राजनीति में अपनी बेबाक बयानबाजी के लिए चर्चित पूर्व कृषि मंत्री और राजद सांसद सुधाकर सिंह ने एक बार फिर भ्रष्टाचार के मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने बिहार कृषि विश्वविद्यालय (BAU), सबौर के कुलपति डॉ. दुनिया राम सिंह के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए राज्यपाल सह कुलाधिपति को एक विस्तृत पत्र लिखा है। इस पत्र में विश्वविद्यालय में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार की उच्चस्तरीय जांच की मांग की गई है। सुधाकर सिंह ने अपने पत्र में कुलपति पर पद के दुरुपयोग और नियुक्ति प्रक्रियाओं में धांधली के गंभीर आरोप लगाए हैं।
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नियुक्ति में पारदर्शिता का अभाव
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में होने वाली नियुक्तियों में नियमों को ताक पर रखा जा रहा है और पारदर्शिता की कमी है। सांसद का आरोप है कि विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली पूरी तरह संदिग्ध हो चुकी है, जिससे संस्थान की शैक्षणिक साख पर असर पड़ रहा है। उन्होंने साफ कहा कि जब तक निष्पक्ष जांच नहीं होगी, तब तक शिक्षा तंत्र की शुचिता बहाल नहीं हो सकती। सुधाकर सिंह ने अपने पत्र में सिर्फ मौजूदा शिकायतों का ही जिक्र नहीं किया, बल्कि विधानसभा और विधान परिषद द्वारा पहले दिए गए आदेशों की भी याद दिलाई।
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उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि सदन के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद अब तक शासन और प्रशासन के स्तर पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। उनके अनुसार, यह स्थिति लोकतांत्रिक संस्थाओं के अपमान जैसी है। उन्होंने कहा, "यह केवल एक व्यक्ति के खिलाफ शिकायत नहीं है, बल्कि बिहार के कृषि शिक्षा तंत्र को भ्रष्टाचार से बचाने की लड़ाई है। बार-बार पत्राचार के बावजूद चुप्पी साधना प्रशासनिक उदासीनता की पराकाष्ठा है।"
राजभवन और सरकार की चुप्पी पर उठे सवाल
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि सुधाकर सिंह ने पहले भी कई बार अलग-अलग तारीखों में शिकायतें दर्ज कराई थीं, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर किसके संरक्षण में इन शिकायतों को ठंडे बस्ते में डाला जा रहा है। सुधाकर सिंह के इस कदम के बाद बिहार की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। माना जा रहा है कि यह मामला आने वाले दिनों में बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन सकता है। राजद इस मुद्दे को सदन से लेकर सड़क तक भ्रष्टाचार के बड़े मामले के रूप में उठाने की तैयारी में है। अब सबकी नजरें राजभवन पर टिकी हैं कि राज्यपाल इन आरोपों के आधार पर कुलपति के खिलाफ कोई कार्रवाई या न्यायिक जांच का आदेश देते हैं या नहीं।