Bihar News: गंगा का जलस्तर बढ़ा, खतरे के निशान से 1.80 मीटर नीचे; तटवर्ती इलाकों में बढ़ी बाढ़ की आशंका
समस्तीपुर में गंगा नदी का जलस्तर बढ़कर खतरे के निशान से महज 1.80 मीटर नीचे पहुंच गया है। बाया नदी और निचले इलाकों में पानी फैलने लगा है। प्रशासन ने तटबंधों की निगरानी, मरम्मत और राहत-बचाव की तैयारियां तेज कर दी हैं।
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समस्तीपुर जिले में गंगा नदी का लगातार बढ़ता जलस्तर एक बार फिर बाढ़ की आशंका को गहरा रहा है। मोहिउद्दीननगर, मोहनपुर और पटोरी क्षेत्र से होकर बहने वाली गंगा नदी का जलस्तर रविवार सुबह सरारी कैंप पर 43.70 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 45.50 मीटर से महज 1.80 मीटर नीचे है। जलस्तर में लगातार वृद्धि से तटवर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है।
गंगा के बढ़ते जलस्तर का असर अब इसकी सहायक बाया नदी पर भी दिखाई देने लगा है। कई निचले इलाकों और खेतों में पानी फैलने लगा है। इससे तटवर्ती गांवों में संभावित बाढ़ को लेकर लोगों ने सतर्कता बढ़ा दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि नेपाल और ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में बारिश जारी रही तो अगले कुछ दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
जल संसाधन विभाग और जिला प्रशासन ने हालात पर कड़ी नजर रखते हुए बाढ़ से निपटने की तैयारियां तेज कर दी हैं। जल संसाधन विभाग के कनीय अभियंता मनीष कुमार गुप्ता ने बताया कि गंगा और बाया नदी के जलस्तर की 24 घंटे निगरानी की जा रही है। संवेदनशील तटबंधों की युद्धस्तर पर मरम्मत कराई जा रही है। कमजोर स्थानों पर मिट्टी भराई का कार्य जारी है और आवश्यक सामग्री का पर्याप्त भंडारण किया गया है। उन्होंने कहा कि जहां भी कटाव या रिसाव की सूचना मिलेगी, वहां तत्काल मरम्मत कर स्थिति को नियंत्रित किया जाएगा।
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जिला प्रशासन ने संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों पर विशेष निगरानी शुरू कर दी है। सभी संबंधित विभागों को अलर्ट रहने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
जल संसाधन विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, नदी किनारे अनावश्यक आवाजाही से बचें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। तटबंध में रिसाव, कटाव या किसी भी असामान्य स्थिति की सूचना तत्काल स्थानीय प्रशासन या संबंधित अधिकारियों को दें।
फिलहाल गंगा नदी खतरे के निशान से नीचे बह रही है, लेकिन लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। यदि बारिश का सिलसिला जारी रहा तो आने वाले दिनों में गंगा और बाया नदी का जलस्तर और बढ़ सकता है। ऐसे में तटवर्ती गांवों के लोगों को विशेष सतर्क रहने की सलाह दी गई है।