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Bihar: नालंदा समेत सात जिलों के लिए बनेगा ईको टूरिज्म मास्टर प्लान, संवरेंगे जंगल; पहाड़ और प्राकृतिक स्थल

Sun, 26 Jul 2026 07:30 AM IST
पटना ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नालंदा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नालंदा Published by: पटना ब्यूरो Updated Sun, 26 Jul 2026 07:30 AM IST
सार

बिहार सरकार ने प्राकृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ईको टूरिज्म मास्टर प्लान तैयार करने का फैसला किया है। पहले चरण में नालंदा समेत सात जिलों को शामिल किया गया है, जहां प्राकृतिक स्थलों का वैज्ञानिक तरीके से विकास कर आधुनिक पर्यटन सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे पर्यटन, पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय रोजगार को नई गति मिलेगी।

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bihar Eco-tourism plan to drive development in seven districts including Nalanda
बिहार सरकार ने ईको टूरिज्म मास्टर प्लान तैयार करने का फैसला किया - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

सूबे की प्राकृतिक धरोहरों को नया जीवन देने और सैलानियों को आकर्षित करने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ी पहल की है। पर्यटन विभाग ने प्रदेश के प्रमुख पर्यावरणीय और प्राकृतिक पर्यटन स्थलों के समग्र विकास के लिए एक व्यापक 'ईको टूरिज्म मास्टर प्लान' तैयार करने का निर्णय लिया है। इस महत्वाकांक्षी योजना के पहले चरण में नालंदा सहित सात जिलों को शामिल किया गया है, जिसके जरिए बिहार में प्राकृतिक पर्यटन की एक नई इबारत लिखी जाएगी।
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सात जिलों से होगी शुरुआत, बनेंगे मॉडल
योजना के प्रथम चरण में जिन सात जिलों का चयन किया गया है, उनके जंगलों, पहाड़ों और झरनों को विकसित कर अन्य जिलों के लिए एक बेहतरीन मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। पहले चरण में नालंदा, कैमूर, पश्चिम चंपारण, अररिया, किशनगंज, बांका और सहरसा को शामिल किया गया है।
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पर्यटन गतिविधियों का मुख्य केंद्र रहेगा नालंदा
पिछले कुछ वर्षों के आंकड़ों पर गौर करें तो राज्य में सर्वाधिक पर्यटक नालंदा पहुंचे हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए नालंदा को इस मास्टर प्लान का सबसे अहम केंद्र बनाया गया है। योजना के तहत राजगीर की पहाड़ियों, नेचर सफारी, जू सफारी, घोड़ाकटोरा झील की प्राकृतिक संपदा और आसपास के हरित क्षेत्रों को आधुनिक एवं आकर्षक रूप में विकसित किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य पर्यटकों के ठहराव की अवधि बढ़ाना है, ताकि स्थानीय अर्थव्यवस्था को प्रत्यक्ष और अधिक लाभ मिल सके।
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वैज्ञानिक आकलन के बाद विकसित होंगी आधुनिक सुविधाएं
योजना को धरातल पर उतारने से पहले प्रत्येक जिले की प्राकृतिक और पर्यटन संभावनाओं का वैज्ञानिक आकलन किया जाएगा। रिपोर्ट के आधार पर चरणबद्ध तरीके से विकास कार्य आगे बढ़ाए जाएंगे।
चयनित पर्यटन स्थलों पर सैलानियों के लिए सुगम सड़क मार्ग, व्यवस्थित पार्किंग, आधुनिक सूचना केंद्र, स्वच्छता के पुख्ता इंतजाम, सुरक्षित ट्रैकिंग पथ, विश्राम स्थल तथा अन्य आवश्यक पर्यटक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

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रोजगार और ग्रामीण विकास को मिलेगा बढ़ावा
पर्यटन विभाग का मानना है कि ईको टूरिज्म केवल पर्यटकों की संख्या बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण विकास का भी एक सशक्त माध्यम है। इन गतिविधियों से स्थानीय युवाओं, स्वयं सहायता समूहों और छोटे उद्यमियों को सीधे तौर पर जोड़ा जाएगा, जिससे रोजगार के नए और स्थायी अवसर सृजित होंगे।

अधिकारियों का बयान
डीएफओ राजकुमार मोहन ने बताया कि ईको टूरिज्म के विकास के लिए जिले के 11 जलस्रोतों का चयन किया गया है। साथ ही यहां किए जाने वाले संभावित विकास कार्यों का खाका तैयार कर विभाग को भेज दिया गया है। विभागीय स्तर पर मास्टर प्लान तैयार करने की पूरी प्रक्रिया चल रही है।
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