Bihar: क्या खत्म होगी बिहार से पूर्ण शराबबंदी? CM नीतीश की चुप्पी के निकाले जा रहे मायने
Bihar News: औरंगाबाद की सभा में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा पूर्ण शराबबंदी पर चुप्पी साधने से बिहार की राजनीति में नई चर्चा शुरू हो गई है। जहां एक ओर पहले हर मंच से शराबबंदी के समर्थन में बोलते रहे सीएम ने इस बार इस मुद्दे से दूरी बनाई, वहीं एनडीए के कुछ सहयोगी दल पहले से ही इसे खत्म करने की मांग उठाते रहे हैं।
विस्तार
वर्ष 2016 में बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू करने के बाद से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पिछले साल की प्रगति यात्रा तक हर सभा में दारूबंदी पर बोलते रहे हैं। वह हर सभा में यह कहते रहे हैं कि राज्य में पूर्ण शराबबंदी उन्होंने महिलाओं की मांग पर, महिलाओं और बिहार के हित में लागू की है। इन सभाओं में मुख्यमंत्री शराबबंदी के फायदे बताते हुए महिलाओं से हामी भी भरवाते रहे हैं। राज्यसभा के लिए निर्वाचित होने के बावजूद मुख्यमंत्री की बिहार की समृद्धि यात्रा जारी है। समृद्धि यात्रा के चौथे चरण के अंतिम दिन औरंगाबाद के बारूण के मुंशीबिगहा में मुख्यमंत्री ने इस चरण की अंतिम सभा को संबोधित किया।
सीएम ने शराबबंदी पर बोलने से किया परहेज
बिहार में शराबबंदी खत्म करने की मांग
खैर, विधानसभा चुनाव हुए और विपक्ष की सरकार के बजाय राज्य में फिर से नीतीश कुमार की सरकार बनी। सरकार बनने के बाद भी राज्य में शराबबंदी खत्म करने की मांग समाप्त नहीं हुई, बल्कि यह मांग और तेज हो गई। इतना ही नहीं, शराबबंदी के प्रति पहले से मुखर रहे केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी और भी ज्यादा मुखर हो गए। उनके और ज्यादा मुखर होने से राज्य में पूर्ण शराबबंदी खत्म होने की चर्चा ने इन दिनों और जोर पकड़ लिया है।
नए मुख्यमंत्री पर नजर
बिहार में जेडीयू नेता अक्सर यह बात कहते हैं कि जब तक नीतीश कुमार मुख्यमंत्री की कुर्सी पर हैं, तब तक बिहार से पूर्ण शराबबंदी खत्म नहीं होगी। इन चर्चाओं के बीच नीतीश कुमार ने अचानक राज्यसभा जाने का निर्णय लिया और वे राज्यसभा के सदस्य निर्वाचित भी हो गए हैं। यही वजह है कि राज्य में यह चर्चा तेज हो गई है कि नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद जो भी इस कुर्सी पर बैठेगा, वह पूर्ण शराबबंदी को खत्म कर सकता है।
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इसी बीच शुक्रवार को समृद्धि यात्रा के चौथे चरण के अंतिम दिन औरंगाबाद में आयोजित सभा में मुख्यमंत्री ने जैसे ही पूर्ण शराबबंदी पर कोई चर्चा नहीं की, वैसे ही इस मुद्दे पर चर्चाएं और तेज हो गईं। मुख्यमंत्री की इस रहस्यमयी चुप्पी को दारूबंदी खत्म होने के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। ऐसे में राज्य में पूर्ण शराबबंदी खत्म होती है या नहीं, इसकी वास्तविक स्थिति जानने के लिए नए मुख्यमंत्री और उनके इस मुद्दे पर रुख का इंतजार करना होगा। फिलहाल, राज्य में पूर्ण शराबबंदी के जल्द खत्म होने की चर्चा जोरों पर है।
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