Bihar Panchayat Chunav 2026: पंचायत चुनाव में EVM से होगी वोटिंग, फेस रिकॉग्निशन से फर्जी वोटिंग पर लगेगी लगाम
Bihar Panchayat Chunav 2026: जहानाबाद दौरे पर मंत्री दीपक प्रकाश ने पंचायत चुनावों को पारदर्शी बनाने के लिए ईवीएम और फेस रिकॉग्निशन तकनीक के उपयोग की घोषणा की। उन्होंने विकास योजनाओं की समीक्षा करते हुए पंचायत स्तर पर जवाबदेही बढ़ाने का भरोसा दिया और मुख्यमंत्री के चेहरे पर एनडीए में चल रही बातचीत का संकेत भी दिया।
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पंचायती राज विभाग के मंत्री दीपक प्रकाश ने आगामी पंचायत चुनावों को लेकर एक बड़ा और महत्वपूर्ण बयान दिया है। जहानाबाद दौरे पर पहुंचे मंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य में होने वाले अगले पंचायत चुनाव न केवल ईवीएम के माध्यम से कराए जाएंगे, बल्कि फर्जी मतदान को पूरी तरह रोकने के लिए फेस रिकॉग्निशन का भी इस्तेमाल किया जाएगा। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि चुनाव में किसी प्रकार की गड़बड़ी नहीं होगी, इसका पूरा ध्यान रखा जाएगा।
मंत्री ने पंचायत प्रतिनिधियों से किया संवाद
मंत्री दीपक प्रकाश शहर के टाउन हॉल में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। यहां उन्होंने जिले के विभिन्न पंचायत प्रतिनिधियों के साथ सीधा संवाद किया। इस दौरान उन्होंने पंचायतों में चल रही विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की और जमीनी स्तर पर आने वाली समस्याओं को सुना। मंत्री ने प्रतिनिधियों को भरोसा दिलाया कि सरकार पंचायत स्तर पर पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
'मुख्यमंत्री के नाम पर सकारात्मक बातचीत जारी'
वहीं, मीडिया की ओर से बिहार के अगले मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर पूछे गए सवाल पर मंत्री ने सधे हुए अंदाज में जवाब दिया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नाम को लेकर एनडीए के सभी घटक दलों के बीच सकारात्मक बातचीत जारी है। अंतिम निर्णय के लिए थोड़ा इंतजार करना होगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं और आम जनता से इस विषय पर धैर्य बनाए रखने की अपील की।
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'अधिकारियों का स्थानांतरण संवैधानिक प्रक्रिया'
वहीं, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तरफ से अधिकारियों के तबादलों पर दिए गए विवादित बयान पर पलटवार करते हुए दीपक प्रकाश ने कहा कि अधिकारियों का स्थानांतरण पूरी तरह से एक संवैधानिक और प्रशासनिक प्रक्रिया है। उन्होंने साफ किया कि यह व्यवस्था का हिस्सा है और इसमें किसी भी प्रकार की राजनीति की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए। चुनाव आयोग अपने स्तर से सभी राज्यों में होने वाले चुनाव से पहले पदाधिकारियों का स्थानांतरण करता है, इस पर सवाल करना उचित नहीं है।