सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Bihar ›   chhattisgarh steel plant blast kills six people in bihar mourning in village ground report today bihar news

Bihar: 'कमाने गए थे पिताजी… क्या पता था नहीं लौटेंगे', स्टील प्लांट ब्लास्ट ने बुझा दिए छह घरों के चिराग

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गया जी Published by: अमर उजाला ब्यूरो Updated Fri, 23 Jan 2026 01:26 PM IST
विज्ञापन
सार

जिले के डुमरिया प्रखंड के गोटीबांध गांव पर गुरुवार को ऐसा दुख टूटा, जिसने पूरे गांव को शोक में डुबो दिया। छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार स्थित एक निजी स्टील प्लांट में हुए भीषण विस्फोट में गांव के छह मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि पांच अन्य गंभीर रूप से घायल हैं।

chhattisgarh steel plant blast kills six people in bihar mourning in village ground report today bihar news
रोते बिलखते मृतकों के परिजन - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
Follow Us

“सुबह घर से निकलते वक्त पिताजी ने बच्चों के सिर पर हाथ फेरा था। पत्नी से कहा था,"चार-पांच दिन में लौट आएंगे। मां ने माथे पर टीका लगाया था। किसे पता था कि यह उनका आखिरी सफर होगा…,” रोते-बिलखते परिजनों की ये बातें सुनकर पूरे गांव की आंखें नम हो गईं। गया जी जिले के डुमरिया प्रखंड अंतर्गत गोटीबांध गांव में शोक का सन्नाटा पसरा है। हर घर में मातम है, हर चेहरे पर दर्द। बुजुर्ग मां बेटे का नाम लेकर बार-बार बेहोश हो जा रही है। पत्नी कभी पति की तस्वीर से बातें करती है, तो कभी बच्चों को सीने से लगाकर फूट-फूटकर रो पड़ती है। पूरे गांव का माहौल दिल दहला देने वाला है।
Trending Videos


छह मजदूरों की दर्दनाक मौत, गांव को मिला कभी न भरने वाला जख्म

गुरुवार का दिन गोटीबांध गांव के लिए कभी न भूलने वाला बन गया। छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार स्थित एक निजी स्टील प्लांट में हुए भीषण हादसे ने गांव के छह घरों के चिराग बुझा दिए। वहीं, पांच मजदूर गंभीर रूप से घायल हैं और जिंदगी-मौत से जूझ रहे हैं। यह हादसा उन गरीब मजदूरों की त्रासदी है, जो दो वक्त की रोटी की तलाश में परदेस गए थे। विडंबना यह है कि देश के अलग-अलग हिस्सों में होने वाले ऐसे हादसों में अक्सर बिहार के मजदूर ही शिकार बनते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, गुरुवार सुबह करीब 10 बजे स्टील प्लांट के कोयला भट्ठे के पास अचानक विस्फोट हो गया। तेज गैस रिसाव और आग की चपेट में आकर छह मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई। सभी मृतक गया जिले के डुमरिया प्रखंड के गोटीबांध गांव के निवासी थे। हादसे की खबर गांव पहुंचते ही कोहराम मच गया। जिन घरों से कुछ दिन पहले पिता और बेटे मजदूरी के लिए निकले थे, वहां अब चीत्कार और विलाप गूंज रहा है।

मृतकों की पहचान

इस दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वाले मजदूरों की पहचान इस प्रकार हुई है, श्रवण कुमार (22), राजदेव कुमार (22), जितेंद्र (37), बदरी भुइयां (42), विनय भुइयां (40) और सुंदर भुइयां (40)। सभी मृतक डुमरिया थाना क्षेत्र के गोटीबांध गांव के रहने वाले थे।

कई मजदूर घायल, अस्पताल में जारी है इलाज

हादसे में गोटीबांध गांव के ही कल्पू भुइयां (44) और रामू भुइयां (34) गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनका इलाज अस्पताल में चल रहा है। इसके अलावा झारखंड के शबीर अंसारी (34), मुमताज अंसारी (26) और शराफत अंसारी (32) भी घायल हैं। कुल 11 मजदूरों को रेस्क्यू किया गया था, जिनमें से छह की मौत हो चुकी थी। घायलों में अधिकांश बिहार और झारखंड के मजदूर शामिल हैं।

पिता-पुत्र की एक साथ मौत, कई परिवार उजड़े

इस हादसे ने कई परिवारों को पूरी तरह तबाह कर दिया। स्टील प्लांट विस्फोट में शुनर भारती और उनके बेटे राजदेव भारती की एक साथ मौत हो गई। वहीं, विनय भारती अपने पीछे एक बेटा और चार बेटियां छोड़ गए हैं। उनका बेटा बचपन से मानसिक रूप से अस्वस्थ है। जितेंद्र भारती की चार महीने की दूधमुंही बेटी है, जो शायद कभी अपने पिता को पहचान भी नहीं पाएगी।
 
ये भी पढ़ें: बोधगया के कालचक्र मैदान में तीन दिवसीय बौद्ध महोत्सव का उद्घाटन, केंद्रीय मंत्री हुए शामिल


ठेकेदार पर धोखे का आरोप

मृतकों के साथी मजदूर राजेश कुमार ठाकुर ने बताया कि वे 7 जनवरी को 25 मजदूरों के साथ घर से निकले थे। झारखंड के ठेकेदार ने कहा था कि क्रेशर मशीन पर हल्का काम है, लेकिन वहां जबरन स्टील प्लांट में झोंक दिया गया। उन्होंने बताया कि वे 18 जनवरी को किसी कारणवश घर लौट आए थे, वरना आज वे भी इस हादसे का शिकार हो सकते थे।

मृतक श्रवण भारती के पिता शंकर भारती ने रोते हुए कहा, “मेरा बेटा रोजी-रोटी के लिए गया था। ठेकेदार ने धोखा दिया। सरकार से बस यही मांग है कि हमारे बच्चों की मौत बेकार न जाए।” उन्होंने ठेकेदार पर कड़ी कार्रवाई और उचित मुआवजे की मांग की है। हादसे के बाद गोटीबांध गांव में चूल्हे नहीं जले। हर घर से रोने की आवाजें आ रही हैं। महिलाएं बेसुध हैं, बच्चे सहमे हुए हैं और बुजुर्गों की आंखें सूनी हो चुकी हैं। पूरा गांव शोक में डूबा है।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किया मुआवजे का ऐलान

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार स्थित स्टील प्लांट में हुए भीषण हादसे को अत्यंत दुखद बताया है। उन्होंने हादसे में बिहार के मजदूरों की मृत्यु पर गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है। मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री राहत कोष से सभी मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये और घायलों को पचास-पचास हजार रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है। साथ ही, मुख्यमंत्री ने स्थानीय आयुक्त, नई दिल्ली को निर्देश दिया है कि वे छत्तीसगढ़ सरकार से समन्वय स्थापित कर घायलों के समुचित इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करें और मृतकों के पार्थिव शरीर को शीघ्र बिहार भेजने की कार्रवाई करें।

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

Election
एप में पढ़ें

Followed