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Bihar: बरुआ नदी रेलवे पुल पर मालगाड़ी दुर्घटना के बाद रेलवे का कड़ा रुख, 12 कर्मियों को किया तलब
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जमुई
Published by: मुंगेर ब्यूरो
Updated Mon, 05 Jan 2026 12:42 PM IST
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सार
किउल–जसीडीह रेलखंड के टेलवा बाजार हॉल्ट स्थित बरुआ नदी रेलवे पुल पर 28 दिसंबर को हुई मालगाड़ी दुर्घटना के बाद आसनसोल रेल मंडल ने कड़ा रुख अपनाया है।
बरुआ नदी रेलवे पुल मालगाड़ी हादसा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
किउल–जसीडीह रेलखंड के टेलवा बाजार हॉल्ट स्थित बरुआ नदी रेलवे पुल पर 28 दिसंबर को हुई मालगाड़ी दुर्घटना के बाद आसनसोल रेल मंडल ने सख्त कार्रवाई की है। हादसे की प्रारंभिक जांच में लापरवाही के संकेत मिलने के बाद पीडब्ल्यूवाई (परमानेंट वे) सेक्शन के सुपरवाइजर सहित कुल 12 रेलकर्मियों को जांच के लिए आसनसोल बुलाया गया है। इन सभी से दुर्घटना के कारणों और उस रात की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विस्तृत पूछताछ की जाएगी।
रेलवे सूत्रों के अनुसार, 27 दिसंबर की रात सिमुलतला स्टेशन के आसपास रेलवे ट्रैक और पुल की सुरक्षा की जिम्मेदारी इन कर्मियों पर थी। आरोप है कि निर्धारित मानकों के अनुसार निगरानी और सुरक्षा नहीं बरती गई, जिससे मालगाड़ी हादसे का शिकार हुई। जांच के दायरे में पीडब्ल्यूवाई सुपरवाइजर के अलावा कर्मचारी महेंद्र कुमार, निरंजन यादव समेत अन्य रेलकर्मी भी शामिल हैं।
हादसे के बाद रेलवे प्रशासन ने त्वरित और कड़े कदम उठाए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्कालीन डीआरएम को उनके पद से हटा दिया गया और अन्य वरिष्ठ अधिकारी को नई जिम्मेदारी सौंपी गई। साथ ही, घटनास्थल और आसपास के पूरे रेलखंड पर सुरक्षा व्यवस्था को हाई अलर्ट मोड पर रखा गया है, ताकि भविष्य में किसी भी तरह की चूक या संभावित साजिश को रोका जा सके।
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अब इस पुल पर रेलवे कर्मियों की 24 घंटे निगरानी लागू कर दी गई है। कर्मी दो शिफ्टों में तैनात रहेंगे और ट्रैक, पुल और आसपास की गतिविधियों पर लगातार नजर रखेंगे। उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी इस पुल पर असामाजिक तत्वों द्वारा फिश प्लेट खोलने का प्रयास किया गया था, जिससे रेल सुरक्षा पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया था।
सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए रेलवे ने इस पुल और आसपास के संवेदनशील इलाके में सीसीटीवी कैमरे लगाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। सूत्रों के अनुसार, जल्द ही हाई-रिजॉल्यूशन नाइट विजन कैमरे लगाए जाएंगे, जिससे अंधेरे में भी किसी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत पहचान कर कार्रवाई संभव हो सकेगी। रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यात्रियों और मालगाड़ियों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
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रेलवे सूत्रों के अनुसार, 27 दिसंबर की रात सिमुलतला स्टेशन के आसपास रेलवे ट्रैक और पुल की सुरक्षा की जिम्मेदारी इन कर्मियों पर थी। आरोप है कि निर्धारित मानकों के अनुसार निगरानी और सुरक्षा नहीं बरती गई, जिससे मालगाड़ी हादसे का शिकार हुई। जांच के दायरे में पीडब्ल्यूवाई सुपरवाइजर के अलावा कर्मचारी महेंद्र कुमार, निरंजन यादव समेत अन्य रेलकर्मी भी शामिल हैं।
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हादसे के बाद रेलवे प्रशासन ने त्वरित और कड़े कदम उठाए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्कालीन डीआरएम को उनके पद से हटा दिया गया और अन्य वरिष्ठ अधिकारी को नई जिम्मेदारी सौंपी गई। साथ ही, घटनास्थल और आसपास के पूरे रेलखंड पर सुरक्षा व्यवस्था को हाई अलर्ट मोड पर रखा गया है, ताकि भविष्य में किसी भी तरह की चूक या संभावित साजिश को रोका जा सके।
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बरुआ नदी पुल पर 24 घंटे निगरानी की व्यवस्था
अब इस पुल पर रेलवे कर्मियों की 24 घंटे निगरानी लागू कर दी गई है। कर्मी दो शिफ्टों में तैनात रहेंगे और ट्रैक, पुल और आसपास की गतिविधियों पर लगातार नजर रखेंगे। उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी इस पुल पर असामाजिक तत्वों द्वारा फिश प्लेट खोलने का प्रयास किया गया था, जिससे रेल सुरक्षा पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया था।
सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए रेलवे ने इस पुल और आसपास के संवेदनशील इलाके में सीसीटीवी कैमरे लगाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। सूत्रों के अनुसार, जल्द ही हाई-रिजॉल्यूशन नाइट विजन कैमरे लगाए जाएंगे, जिससे अंधेरे में भी किसी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत पहचान कर कार्रवाई संभव हो सकेगी। रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यात्रियों और मालगाड़ियों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
