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Bihar News: बिहारी महिलाओं पर टिप्पणी को लेकर श्रेयसी सिंह का कड़ा ऐतराज, बोलीं- माफी से नहीं मिटती मानसिकता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जमुई
Published by: मुंगेर ब्यूरो
Updated Sun, 04 Jan 2026 05:35 PM IST
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सार
Bihar: बिहार सरकार की खेल एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्रेयसी सिंह ने उत्तराखंड के एक मंत्री पति द्वारा बिहारी महिलाओं को लेकर दिए गए बयान की कड़ी निंदा की। उन्होंने इसे महिलाओं के सम्मान के खिलाफ बताते हुए कहा कि ऐसी टिप्पणियां समाज को गलत दिशा में ले जाती हैं।
मंत्री श्रेयसी सिंह
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बिहार सरकार की खेल एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्रेयसी सिंह ने उत्तराखंड की मंत्री रेखा आर्या के पति गिरधारी लाल साहू द्वारा बिहारी महिलाओं को लेकर दिए गए विवादित बयान पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने इस बयान को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि महिलाओं की गरिमा और सम्मान के साथ इस तरह की टिप्पणी किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं हो सकती।
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मंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सार्वजनिक जीवन में रहने वाले लोगों को अपनी भाषा और शब्दों के चयन में विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। जमुई के एक दिवसीय दौरे के दौरान पत्रकारों से बातचीत में मंत्री श्रेयसी सिंह ने कहा कि भले ही संबंधित व्यक्ति ने सोशल मीडिया के माध्यम से माफी मांग ली हो, लेकिन वह उन्हें माफ नहीं करेंगी। उनका कहना था कि ऐसी टिप्पणियां केवल शब्द नहीं होतीं, बल्कि यह उस मानसिकता को दर्शाती हैं, जो समाज में महिलाओं के प्रति असम्मान को बढ़ावा देती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में कोई भी व्यक्ति इस तरह की गैर-जिम्मेदाराना भाषा का प्रयोग करने से पहले सौ बार सोचेगा।
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इस दौरान मंत्री ने राज्य में खेलों को बढ़ावा देने के लिए बिहार सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं और आर्थिक सहयोग देने के लिए सरकार लगातार नई योजनाएं ला रही है। जल्द ही नए और उभरते खिलाड़ियों के लिए एक स्पॉन्सरशिप पोर्टल शुरू किया जाएगा, जिसके माध्यम से खिलाड़ियों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
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इस योजना के तहत एक स्तर पर तीन लाख रुपये और दूसरे स्तर पर पांच लाख रुपये तक की सहायता दी जाएगी। मंत्री ने कहा कि “मेडल लाओ, नौकरी पाओ” जैसी योजनाओं से खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ा है और अब खेल केवल शौक नहीं, बल्कि करियर और रोजगार का मजबूत माध्यम बन रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य में खेलों की आधारभूत संरचना को तेजी से मजबूत किया जा रहा है। शूटिंग खेल के लिए जमुई, वाटर स्पोर्ट्स के लिए बांका सहित अन्य जिलों का चयन किया जा रहा है। साथ ही स्विमिंग और अन्य खेलों को भी बढ़ावा देने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।
एकलव्य कॉलेज योजना पर बात करते हुए मंत्री ने कहा कि पहले प्रत्येक जिले में एक कॉलेज खोलने की योजना थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 68 एकलव्य कॉलेज कर दिया गया है। वर्तमान में 15 कॉलेज संचालित हैं और वित्तीय वर्ष के अंत तक सभी 68 कॉलेजों का संचालन शुरू हो जाएगा। आईटी सेक्टर अब तक 10 से अधिक एमओयू साइन किए जा चुके हैं और निजी निवेशक तेजी से बिहार की ओर आकर्षित हो रहे हैं, जिससे युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार की राजनीति में एंट्री की चर्चा पर मंत्री ने कहा कि यदि वह राजनीति में आते हैं तो इसमें कोई आपत्ति नहीं है, क्योंकि हर बच्चे के लिए उसके माता-पिता ही सबसे बड़े रोल मॉडल होते हैं। वहीं जमुई दौरे के दौरान श्रेयसी सिंह ने जिले के कई गांवों का दौरा किया।
