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Bihar: रांची में नकली शराब फैक्ट्री पर कार्रवाई, पूर्व MLC सुबोध राय गिरफ्तार; बिहार में भी जांच शुरू
Fri, 03 Jul 2026 08:53 AM IST
तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वैशाली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वैशाली
Published by: तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो
Updated Fri, 03 Jul 2026 08:53 AM IST
सार
वैशाली के पूर्व आरजेडी एमएलसी सुबोध राय को रांची में कथित अवैध शराब फैक्ट्री मामले में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। छापेमारी में 303 पेटी कथित अवैध विदेशी शराब बरामद हुई। गिरफ्तारी के बाद बिहार पुलिस ने भी शराब तस्करी से जुड़े मामलों की जांच तेज कर दी है।
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सुबोध राय, लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के पूर्व विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) और वैशाली के वरिष्ठ नेता सुबोध राय को झारखंड में कथित अवैध शराब निर्माण के मामले में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। यह कार्रवाई झारखंड पुलिस और उत्पाद विभाग की संयुक्त टीम ने रांची जिले के ओरमांझी स्थित एक बॉटलिंग प्लांट में की। छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने 303 पेटी कथित अवैध विदेशी शराब बरामद की।
प्रारंभिक जांच में आरोप है कि प्लांट में कम गुणवत्ता वाली शराब तैयार कर उस पर विभिन्न विदेशी ब्रांडों के कथित नकली लेबल लगाए जाते थे। इसके बाद शराब को दिल्ली, उत्तर प्रदेश और बिहार सहित अन्य राज्यों में ऊंचे दामों पर सप्लाई किया जाता था। मामले की जांच जारी है।
कौन हैं सुबोध राय?
सुबोध राय वर्ष 2016 से 2022 तक वैशाली सीट से आरजेडी के एमएलसी रहे हैं। वर्ष 2022 के चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। पुलिस के अनुसार, इस मामले में सुबोध राय के साथ उनके ड्राइवर और एक कर्मचारी को भी गिरफ्तार किया गया है। सभी से पूछताछ कर नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा रही है।
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बिहार में भी शुरू हुई जांच
सुबोध राय की गिरफ्तारी के बाद वैशाली पुलिस भी सक्रिय हो गई है। वैशाली के पुलिस अधीक्षक शुभांक मिश्रा ने बताया कि एक विशेष टीम गठित कर पूर्व एमएलसी से जुड़े मामलों की समीक्षा की जा रही है।
एसपी के अनुसार, चूंकि झारखंड में उनका बॉटलिंग प्लांट संचालित था, इसलिए बिहार में शराब तस्करी से जुड़े मामलों की भी गहन जांच की जाएगी। यह पता लगाया जाएगा कि कहीं इस प्लांट से बिहार में अवैध रूप से शराब की आपूर्ति तो नहीं की गई। यदि जांच में उनकी संलिप्तता सामने आती है तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
ये भी पढ़ें- Bihar: 10 बार शादी का रिश्ता टूटने से टूटी युवती, फंदे से लटककर दी जान; सामने आई ये वजह
गांव में पसरा सन्नाटा
रांची में कार्रवाई के बाद वैशाली जिले के गोरौल थाना क्षेत्र स्थित पोझा गांव में भी सन्नाटा पसरा है। बताया जाता है कि यहां पहले सुबोध राय की शराब फैक्ट्री संचालित होती थी, जहां वर्तमान में आटा मिल चल रही है। फैक्ट्री परिसर और आसपास के इलाके में लोगों ने इस मामले पर खुलकर कुछ भी कहने से परहेज किया।
2023 में भी हुई थी कार्रवाई
जानकारी के अनुसार, संबंधित फैक्टरी पर वर्ष 2023 में भी छापेमारी की गई थी। अब एक बार फिर हुई कार्रवाई के बाद जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क की कड़ियों को खंगाल रही हैं। रांची में गिरफ्तारी के बाद सुबोध राय को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। बिहार और झारखंड की पुलिस मामले के विभिन्न पहलुओं की संयुक्त रूप से जांच कर रही है।
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प्रारंभिक जांच में आरोप है कि प्लांट में कम गुणवत्ता वाली शराब तैयार कर उस पर विभिन्न विदेशी ब्रांडों के कथित नकली लेबल लगाए जाते थे। इसके बाद शराब को दिल्ली, उत्तर प्रदेश और बिहार सहित अन्य राज्यों में ऊंचे दामों पर सप्लाई किया जाता था। मामले की जांच जारी है।
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कौन हैं सुबोध राय?
सुबोध राय वर्ष 2016 से 2022 तक वैशाली सीट से आरजेडी के एमएलसी रहे हैं। वर्ष 2022 के चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। पुलिस के अनुसार, इस मामले में सुबोध राय के साथ उनके ड्राइवर और एक कर्मचारी को भी गिरफ्तार किया गया है। सभी से पूछताछ कर नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा रही है।
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बिहार में भी शुरू हुई जांच
सुबोध राय की गिरफ्तारी के बाद वैशाली पुलिस भी सक्रिय हो गई है। वैशाली के पुलिस अधीक्षक शुभांक मिश्रा ने बताया कि एक विशेष टीम गठित कर पूर्व एमएलसी से जुड़े मामलों की समीक्षा की जा रही है।
एसपी के अनुसार, चूंकि झारखंड में उनका बॉटलिंग प्लांट संचालित था, इसलिए बिहार में शराब तस्करी से जुड़े मामलों की भी गहन जांच की जाएगी। यह पता लगाया जाएगा कि कहीं इस प्लांट से बिहार में अवैध रूप से शराब की आपूर्ति तो नहीं की गई। यदि जांच में उनकी संलिप्तता सामने आती है तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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गांव में पसरा सन्नाटा
रांची में कार्रवाई के बाद वैशाली जिले के गोरौल थाना क्षेत्र स्थित पोझा गांव में भी सन्नाटा पसरा है। बताया जाता है कि यहां पहले सुबोध राय की शराब फैक्ट्री संचालित होती थी, जहां वर्तमान में आटा मिल चल रही है। फैक्ट्री परिसर और आसपास के इलाके में लोगों ने इस मामले पर खुलकर कुछ भी कहने से परहेज किया।
2023 में भी हुई थी कार्रवाई
जानकारी के अनुसार, संबंधित फैक्टरी पर वर्ष 2023 में भी छापेमारी की गई थी। अब एक बार फिर हुई कार्रवाई के बाद जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क की कड़ियों को खंगाल रही हैं। रांची में गिरफ्तारी के बाद सुबोध राय को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। बिहार और झारखंड की पुलिस मामले के विभिन्न पहलुओं की संयुक्त रूप से जांच कर रही है।