Bihar: ऐश्वर्या राय की बात 100 फीसदी सही! लालू यादव का 'आदेश' बेकार; तेज के साथ रोहिणी भी चर्चा में क्यों?
Bihar News : बिहार के सबसे बड़े राजनीतिक परिवार में अब 'मुखिया' लालू यादव की चलती नहीं है। उनका आदेश सालभर के अंदर भी प्रभावी नहीं दिखा। उलटा, उनकी बहू ऐश्वर्या राय की हर बात सही निकल रही है। आगे क्या होगा, यह चर्चा फिलहाल खूब है।
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विस्तार
राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव के परिवार में फूट पड़ने की खबरें पार्टी से लेकर बिहार की सियासत तक को हिलाती रही हैं, लेकिन एक महिला को इस बात पर कभी यकीन नहीं हुआ। वह महिला हैं- ऐश्वर्या राय। लालू प्रसाद यादव की बड़ी बहू (जब तक तलाक न हो जाए)। ऐश्वर्या राय की चर्चा आज जरूरी है। लालू परिवार ने जब उन्हें बाहर का रास्ता दिखाया था, तभी से वह अकेली इस बात पर कायम रही हैं कि वहां कभी फूट नहीं पड़ती। सब एक हैं। बाहर-बाहर ही अलग हैं। अंदर नहीं। तेज प्रताप यादव पूरे एक साल पहले परिवार और पार्टी से निकाले गए थे, लेकिन आज देखें तो वास्तव में वह अकेले नहीं दिखते। रोहिणी आचार्य अपनी मां राबड़ी देवी के घर से रोती हुई भले बाहर निकलीं, लेकिन राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद उन्हीं के पास सिंगापुर में रहेंगे।
ऐश्वर्या राय के बयान वायरल हो रहे
दो दिन पहले तेजस्वी यादव ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में जाकर एक बड़ा पारिवारिक जलसा किया। अपनी संतान का जन्मदिन समारोह मनाया। तेजस्वी यादव की इस पार्टी के बारे में खूब प्रचारित किया गया था कि देश के तमाम बड़े विपक्षी नेता आएंगे। वह तो नहीं आए, लेकिन राजद के दिग्गज मौजूद थे। और, इस मौजूदगी के बीच सबसे ज्यादा चर्चा तेज प्रताप यादव की थी। बिहार के भूतपूर्व मुख्यमंत्री व देश के भूतपूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव और राज्य की पहली महिला मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव जब एनसीआर में आयोजित इस जन्मदिन समारोह में बाकी परिजनों के साथ दिखे तो उनकी पत्नी ऐश्वर्या राय के पुराने वीडियो भी एक बार फिर वायरल होने लगे, जिसमें वह कह रहीं कि लालू परिवार में कोई टूट-फूट नहीं।
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मई 2025 में तेज प्रताप को किया गया था अलग
25 मई 2025 को तेज प्रताप यादव के लिए लालू प्रसाद यादव ने परिवार और पार्टी के मुखिया के तौर पर एक आदेश जारी किया था। तेज प्रताप यादव के सोशल मीडिया हैंडल्स से एक महिला के साथ कुछ तस्वीरों और उसके साथ 12 साल से रिश्तों की बात सामने आने के बाद लालू प्रसाद ने बड़ा एलान किया था। उन्होंने बड़े बेटे तेज प्रताप यादव को पार्टी और परिवार से स्थायी तौर पर बाहर करने का एलान किया था। इसके बाद तेज प्रताप यादव उनके खिलाफ भले मुखर नहीं हुए, लेकिन छोटे भाई तेजस्वी यादव को लेकर कई बड़ी-कड़ी बातें कहीं। नतीजा यह रहा कि तेज प्रताप के खिलाफ महुआ में राजद ने वहां के तत्कालीन विधायक मुकेश रोशन को ही मैदान में रखा और दोनों की लड़ाई में एनडीए प्रत्याशी ने जीत हासिल कर ली। तेज प्रताप लंबे समय बाद 'माननीय' नहीं, बल्कि पूर्व विधायक होकर रह गए।
बिहार चुनाव के परिणाम में बहुत कुछ बदला
बिहार विधानसभा चुनाव परिणाम के साथ लालू परिवार में दूसरा दंगल शुरू हुआ। सोशल मीडिया के जरिए राजनीति में सक्रिय रहीं रोहिणी आचार्य ने तेजस्वी यादव को उनकी हार के कारण गिनाए और हंगामा शुरू हो गया। हंगामा इतना बढ़ा कि उन्होंने खुद पर चप्पल चलाए जाने की बात कहते हुए राबड़ी-लालू का घर छोड़ जाने की जानकारी सोशल मीडिया पर दी। जाते वक्त रोहिणी ने माता-पिता का पुत्र तेजस्वी यादव के प्रति मजबूरी का भी जिक्र किया और अपनी ओर से मां-बाप के प्रति मन में मैल नहीं होने की बात भी कही। चुनाव में तेजस्वी यादव की पार्टी राजद के 25 विधायक बने। उनमें खुद तेजस्वी भी एक हैं। किसी तरह विपक्ष के नेता की कुर्सी बचाए हुए तेजस्वी यादव फूंक-फूंक कर राजनीति का अंकगणित आजमाने को मजबूर हैं। दूसरी तरफ चुनाव में उनकी हार ने तेज प्रताप यादव का मनोबल जरूर सुधारा। यही कारण है कि तेज प्रताप यादव मां राबड़ी देवी के जन्मदिन में भी नजर आए और उसके बाद भी परिजनों के साथ दिखे। अब तो वह लालू-राबड़ी के अलावा तेजस्वी के परिवार के साथ भी नजर आए। इसके पहले वह तेजस्वी की संतान को पुचकारते हुए भी नजर आ चुके हैं।
और अब रोहिणी आचार्य के पास लालू यादव
लालू प्रसाद यादव को किडनी देकर दूसरा जीवन देने वाली बेटी रोहिणी आचार्य लोकसभा चुनाव में हार के बाद राजनीति से खुद को दूर करने की बात कह चुकी थीं, लेकिन विधानसभा चुनाव के पहले उनकी सक्रियता सभी ने देखी। हां, तेजस्वी यादव के आसपास रहने वालों को लेकर उन्होंने आपत्ति चुनाव के समय भी दिखाई थी और परिणाम के बाद तो बाकायदा मोर्चा खोलने के कारण ही परेशान होकर वापस सिंगापुर लौटी थीं। तेजस्वी के बेटे के जन्मदिन पर एनसीआर में जब पूरा परिवार जुटा तो यह सवाल खूब उछला कि रोहिणी अब भी परिवार से दूर हैं। तुरंत अब लालू प्रसाद ने इसका जवाब देने की जगह उनके घर की ओर रुख कर लिया। लालू ने सिंगापुर में रोहिणी के पास रहकर ही उनकी किडनी ग्रहण की थी और अब प्रत्यारोपण-उपरांत सामान्य मेडिकल जांच के लिए भी वह उन्हीं के पास हैं। वैसे भले ही रोहिणी जन्मदिन पार्टी में नहीं आईं, लेकिन वह लगातार लालू प्रसाद यादव और पूरे परिवार की राह पर चलते हुए सोशल मीडिया के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी तक को निशाने पर रख रही हैं।
अब ऐश्वर्या राय के दावों के सामने हकीकत को देखें
लालू परिवार के साथ बहुत कम समय रहीं बड़ी बहू ऐश्वर्या राय बार-बार यह दुहराती रही हैं कि लालू परिवार दिखाने के लिए बिखराव दिखाता है, वास्तव में सब साथ-साथ हैं। उनकी इस बात में नकारात्मकता है, क्योंकि कहा यह भी गया था कि घोटालों के मामले में अगर लालू यादव, राबड़ी देवी, मीसा भारती के साथ तेजस्वी यादव को भी जेल का रास्ता दिखाया जाता है तो तेज प्रताप यादव दूरी के आधार पर वारिस के रूप में सामने आ सकते हैं। वह भी कुछ मामलों में पेश हो रहे हैं, लेकिन परिवार से दूरी के बाद वह जिस तरह से भारतीय जनता पार्टी के कुछ नेताओं के साथ दिखे तो यह भी कहा गया कि उन्हें पाक-साफ मान लिया जा सकता है। यही कारण है कि राजद से निष्कासित होने के आधार पर बिहार विधान परिषद् में लालू यादव की पार्टी की ओर से उनके नहीं जाने की बात को लेकर संशय कायम रखा जा रहा है। वह सामने के खेमे में न चले जाएं, इसलिए माहौल बनाकर रखा जा रहा है।
पूरी खबर पढ़ने के बाद ऐश्वर्या राय के दावों से जुड़े इन सवालों के जवाब स्पष्ट हो जाते हैं:- 1. क्या तेज प्रताप यादव परिवार से अलग नजर आ रहे हैं? 2. क्या रोहिणी आचार्य लालू यादव से वास्तव में दूर दिख रहीं?