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Bihar News: स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार का बड़ा फैसला, बिहार के हर सरकारी अस्पताल में लगेंगे सीसीटीवी
Wed, 01 Jul 2026 01:43 PM IST
आशुतोष प्रताप सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: आशुतोष प्रताप सिंह
Updated Wed, 01 Jul 2026 01:43 PM IST
सार
बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए बड़ा फैसला लिया है।उन्होंने घोषणा की है कि बिहार के सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में चरणबद्ध तरीके से सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे।
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बिहार के स्वास्थ्य मंत्री
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बिहार के स्वास्थ्य मंत्री का पद संभालने के बाद निशांत कुमार लगातार एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। वह लगातार सरकारी अस्पतालों का दौरा कर रहे हैं और जहां भी लापरवाही मिल रही है, वहां तुरंत कार्रवाई कर रहे हैं। अब स्वास्थ्य व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए उन्होंने एक बड़ा फैसला लिया है। निशांत कुमार ने घोषणा की है कि बिहार के सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में चरणबद्ध तरीके से सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। सरकार का उद्देश्य अस्पतालों में डॉक्टरों और कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर प्रभावी निगरानी रखना और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।
कंट्रोल रूम से होगी सभी अस्पतालों की मॉनिटरिंग
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों को आधुनिक तकनीक से जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके लिए एक विशेष सॉफ्टवेयर तैयार किया जा रहा है, जिसकी मदद से स्वास्थ्य विभाग के कंट्रोल रूम से ही सभी अस्पतालों की निगरानी की जाएगी। उन्होंने कहा कि वह खुद विभाग से अस्पतालों की मॉनिटरिंग करेंगे और जरूरत पड़ने पर निरीक्षण के लिए टीमों को भी भेजा जाएगा। हालांकि सरकार की प्राथमिकता यही रहेगी कि अधिकतर निगरानी कंट्रोल रूम से ही हो सके। अगर कहीं भी किसी तरह की लापरवाही या अनियमितता सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
डॉक्टरों की मौजूदगी और कामकाज का पूरा रिकॉर्ड रहेगा
निशांत कुमार ने कहा कि सरकार की सबसे बड़ी चिंता डॉक्टरों और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की अनुपस्थिति है। इसी समस्या को दूर करने के लिए तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बिहार में करीब 15 हजार सरकारी स्वास्थ्य संस्थान हैं और सभी जगह चरणबद्ध तरीके से सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। साथ ही ऐसा सॉफ्टवेयर तैयार किया जा रहा है, जिसमें डॉक्टर के अस्पताल आने से लेकर जाने तक की पूरी गतिविधि दर्ज होगी।
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ये भी पढ़ें- पवन सिंह आज से 'माननीय' कहलाएंगे, विधान परिषद् में आज निशांत समेत 10 का शपथ ग्रहण
उन्होंने कहा कि यदि कोई डॉक्टर सुबह 9 बजे अस्पताल पहुंचता है और दोपहर 1 बजे तक ड्यूटी पर रहता है तो इस दौरान उसने ओपीडी में कितने मरीज देखे, आईपीडी की जिम्मेदारी निभाई, सर्जरी की या अन्य कौन-कौन से कार्य किए, इसका पूरा रिकॉर्ड सिस्टम में सुरक्षित रहेगा। इस व्यवस्था से डॉक्टरों की कार्यप्रणाली पारदर्शी होगी और उनकी जवाबदेही भी तय की जा सकेगी।
मरीजों तक सही दवा पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सरकार का सबसे बड़ा लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि मरीजों को मिलने वाली दवाएं सही मात्रा में और सही तरीके से उन तक पहुंचें। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार इस दिशा में काम कर रही है ताकि किसी भी मरीज को दवा मिलने में किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। उनका कहना है कि निगरानी व्यवस्था मजबूत होने से अस्पतालों में सेवाओं की गुणवत्ता में भी सुधार आएगा।
जिला अस्पताल बनेंगे सुपर स्पेशियलिटी, CHC होंगे स्पेशियलिटी अस्पताल
निशांत कुमार ने घोषणा की कि राज्य के सभी जिला अस्पतालों को चरणबद्ध तरीके से सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके साथ ही सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) को भी चरणबद्ध तरीके से स्पेशियलिटी अस्पताल बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि लोगों को बेहतर इलाज के लिए दूसरे शहरों का रुख न करना पड़े और उन्हें अपने जिले तथा आसपास के सरकारी अस्पतालों में ही उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।
स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने पर जोर
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सरकारी अस्पतालों में सीसीटीवी कैमरे लगाने का उद्देश्य केवल निगरानी करना नहीं है, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार, डॉक्टरों और कर्मचारियों की जवाबदेही तय करना तथा मरीजों को समय पर बेहतर इलाज उपलब्ध कराना भी है। उन्होंने कहा कि तकनीक के बेहतर इस्तेमाल से बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और भरोसेमंद बनाया जाएगा।
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कंट्रोल रूम से होगी सभी अस्पतालों की मॉनिटरिंग
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों को आधुनिक तकनीक से जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके लिए एक विशेष सॉफ्टवेयर तैयार किया जा रहा है, जिसकी मदद से स्वास्थ्य विभाग के कंट्रोल रूम से ही सभी अस्पतालों की निगरानी की जाएगी। उन्होंने कहा कि वह खुद विभाग से अस्पतालों की मॉनिटरिंग करेंगे और जरूरत पड़ने पर निरीक्षण के लिए टीमों को भी भेजा जाएगा। हालांकि सरकार की प्राथमिकता यही रहेगी कि अधिकतर निगरानी कंट्रोल रूम से ही हो सके। अगर कहीं भी किसी तरह की लापरवाही या अनियमितता सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
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डॉक्टरों की मौजूदगी और कामकाज का पूरा रिकॉर्ड रहेगा
निशांत कुमार ने कहा कि सरकार की सबसे बड़ी चिंता डॉक्टरों और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की अनुपस्थिति है। इसी समस्या को दूर करने के लिए तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बिहार में करीब 15 हजार सरकारी स्वास्थ्य संस्थान हैं और सभी जगह चरणबद्ध तरीके से सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। साथ ही ऐसा सॉफ्टवेयर तैयार किया जा रहा है, जिसमें डॉक्टर के अस्पताल आने से लेकर जाने तक की पूरी गतिविधि दर्ज होगी।
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उन्होंने कहा कि यदि कोई डॉक्टर सुबह 9 बजे अस्पताल पहुंचता है और दोपहर 1 बजे तक ड्यूटी पर रहता है तो इस दौरान उसने ओपीडी में कितने मरीज देखे, आईपीडी की जिम्मेदारी निभाई, सर्जरी की या अन्य कौन-कौन से कार्य किए, इसका पूरा रिकॉर्ड सिस्टम में सुरक्षित रहेगा। इस व्यवस्था से डॉक्टरों की कार्यप्रणाली पारदर्शी होगी और उनकी जवाबदेही भी तय की जा सकेगी।
मरीजों तक सही दवा पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सरकार का सबसे बड़ा लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि मरीजों को मिलने वाली दवाएं सही मात्रा में और सही तरीके से उन तक पहुंचें। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार इस दिशा में काम कर रही है ताकि किसी भी मरीज को दवा मिलने में किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। उनका कहना है कि निगरानी व्यवस्था मजबूत होने से अस्पतालों में सेवाओं की गुणवत्ता में भी सुधार आएगा।
जिला अस्पताल बनेंगे सुपर स्पेशियलिटी, CHC होंगे स्पेशियलिटी अस्पताल
निशांत कुमार ने घोषणा की कि राज्य के सभी जिला अस्पतालों को चरणबद्ध तरीके से सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके साथ ही सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) को भी चरणबद्ध तरीके से स्पेशियलिटी अस्पताल बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि लोगों को बेहतर इलाज के लिए दूसरे शहरों का रुख न करना पड़े और उन्हें अपने जिले तथा आसपास के सरकारी अस्पतालों में ही उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।
स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने पर जोर
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सरकारी अस्पतालों में सीसीटीवी कैमरे लगाने का उद्देश्य केवल निगरानी करना नहीं है, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार, डॉक्टरों और कर्मचारियों की जवाबदेही तय करना तथा मरीजों को समय पर बेहतर इलाज उपलब्ध कराना भी है। उन्होंने कहा कि तकनीक के बेहतर इस्तेमाल से बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और भरोसेमंद बनाया जाएगा।