UP Election : जदयू का बड़ा एलान- UP में 25 सीटों पर लड़ने की तैयारी; NDA के साथ पर क्या बोले यूपी प्रभारी?
JDU Party : नीतीश कुमार की पार्टी- जनता दल यूनाईटेड ने पंजाब के बाद उत्तर प्रदेश के चुनावी संग्राम में उतरने की तैयारी कर रखी है। जदयू 25 सीटों के लिए तैयारी में है, हालांकि नॉर्थ ईस्ट से अलग यूपी में वह एनडीए के घटक के रूप में उतरना चाह रहा।
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विस्तार
जनता दल यूनाईटेड ने नीतीश कुमार के नेतृत्व में अब दूसरे राज्यों की ओर गंभीरता से रुख करना शुरू कर दिया है। नॉर्थ ईस्ट में अलग उतरने का खामियाजा भुगत चुका जदयू अब पंजाब के साथ ही उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुट गया है। जदयू के यूपी प्रभारी और राज्य के वरिष्ठ मंत्री श्रवण कुमार ने यूपी की 25 सीटों पर एनडीए के घटक के रूप में उतरने की योजना पर बुधवार को विस्तार से बात की।
मंत्री श्रवण कुमार ने क्या कहा?
बिहार सरकार के मंत्री और जदयू के उत्तर प्रदेश प्रभारी श्रवण कुमार ने कहा कि पार्टी उत्तर प्रदेश में प्रत्याशी उतारने को लेकर गंभीर है। पार्टी राष्ट्रीय स्तर पर एनडीए का हिस्सा है। कई राज्यों में पहले जदयू अकेले चुनाव में उतर चुका है, लेकिन अब पहले के मुकाबले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन में हम बेहतर समन्वय कर रहे हैं। इसलिए, जदयू ने एनडीए के सबसे बड़े दल- भारतीय जनता पार्टी के साथ वहां चुनाव में उतरना चाह रहा है। बिहार में एनडीए ने लंबे समय तक नीतीश कुमार का नेतृत्व देखा है और अब वह जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में पार्टी को बड़े फलक पर ले जाना चाहते हैं तो भाजपा से सकारात्मक संकेत का इंतजार है।
जदयू से फायदा या नुकसान?
जनता दल यूनाईटेड की बिहार में पिछड़ा, अति पिछड़ा के साथ अल्पसंख्यक मतदाताओं पर पकड़ मानी जाती है। उत्तर प्रदेश में इसका एक बड़ा हिस्सा अब तक कुमारी मायावती की बहुजन समाज पार्टी के पास है। चाणक्य इंस्टीट्यूट ऑफ पॉलिटिकल राइट्स एंड रिसर्च के अध्यक्ष सुनील कुमार सिन्हा कहते हैं कि यूपी में अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी के कुछ वोटरों पर तो जदयू का प्रभाव पड़ सकता है, लेकिन ज्यादा असर बसपा पर पड़ेगा। वैसे, अगर जदयू चुनाव अकेले या गठबंधन में भी लड़ना है तो अभी से जमीन पर उतर कर पहचान बनानी पड़ेगी। बिहार से सटे उत्तर प्रदेश के इलाकों में तो जदयू की पहचान मानी जा सकती है, लेकिन प्रयागराज, लखनऊ, कानपुर, मेरठ, अलीगढ़ जैसे अति महत्पूर्ण इलाकों में उसे बहुत व्यापक प्रचार की जरूरत पड़ेगी।