Bihar News: बिहार में इन पदों पर जल्द होगी बहाली, सहायक प्राध्यापकों को बड़ी राहत; जानिए क्या है पूरा मामला?
Patna News: लंबे समय से बहाली का इंतजार कर रहे लाइब्रेरियन साइंस के अभ्यर्थियों के लिए काम की खबर है। जल्द ही बिहार में लाइब्रेरियन, सहायक लाइब्रेरियन और लाइब्रेरी अटेंडेंट पदों पर बहाली शुरू होने वाली है। इधर, सहायक प्राध्यापकों को भी राहत दी गई है। आइये जानते हैं पूरा मामला...
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विस्तार
बिहार के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में लंबे समय से खाली पड़े लाइब्रेरी से जुड़े पदों पर जल्द बहाली की प्रक्रिया शुरू होगी। राज्यपाल ने सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को रिक्त पदों को भरने के लिए नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया है। इसमें लाइब्रेरियन, सहायक लाइब्रेरियन और लाइब्रेरी अटेंडेंट के पद शामिल हैं। कुलपतियों के साथ हुई बैठक में विश्वविद्यालयों की लाइब्रेरी व्यवस्था को मजबूत करने और प्रशिक्षित कर्मियों की उपलब्धता पर विशेष जोर दिया गया। राज्यपाल राज्यपाल सय्यद अता हसनैन ने कहा कि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक माहौल उपलब्ध कराने के लिए विश्वविद्यालयों और कॉलेजों की लाइब्रेरी में प्रशिक्षित लाइब्रेरियन की नियुक्ति जरूरी है। रिक्त पदों पर नियुक्ति होने से लाइब्रेरी साइंस की पढ़ाई कर चुके युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
लंबे समय से खाली हैं कई पद
राज्य के कई विश्वविद्यालयों और उनके अधीन कॉलेजों में लाइब्रेरियन समेत लाइब्रेरी से जुड़े विभिन्न पद लंबे समय से रिक्त हैं। इससे लाइब्रेरी के संचालन और विद्यार्थियों को मिलने वाली सुविधाओं पर असर पड़ रहा है। राज्यपाल ने कुलपतियों को अपने-अपने विश्वविद्यालयों में रिक्त पदों की स्थिति की समीक्षा कर नियुक्ति की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का निर्देश दिया है।
असिस्टेंट प्रोफेसरों को भी बड़ी राहत
बैठक में विश्वविद्यालयों के असिस्टेंट प्रोफेसरों और संविदा सहायक प्राध्यापकों से जुड़े एक महत्वपूर्ण मुद्दे पर भी चर्चा हुई। अब नौकरी के साथ पीएचडी की पढ़ाई जारी रखने को लेकर राहत मिल सकती है। राज्यपाल ने ऐसे प्रावधान के लिए विशेष निर्देश जारी करने की घोषणा की है, जिससे नियुक्ति के बाद भी शिक्षक अपना शोध कार्य जारी रख सकेंगे। इससे उन शिक्षकों को बड़ी राहत मिलेगी, जिन्हें नौकरी मिलने के बाद पीएचडी बीच में छोड़ने की स्थिति का सामना करना पड़ता है। शोध कार्य जारी रहने से वे समय पर अपनी पीएचडी पूरी कर सकेंगे।
नियुक्ति के साथ शोध जारी रखने की अनुमति
राज्यपाल की ओर से दिए गए निर्देश का उद्देश्य विश्वविद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति और उनके शोध कार्य के बीच बेहतर संतुलन बनाना है। संविदा सहायक प्राध्यापकों समेत अन्य पात्र शिक्षकों को नियुक्ति के साथ पीएचडी और शोध कार्य पूरा करने का अवसर देने पर जोर दिया गया है।
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समर्थ पोर्टल के इस्तेमाल पर जोर
कुलपतियों के साथ बैठक में विश्वविद्यालयों में समर्थ पोर्टल के अधिक प्रभावी इस्तेमाल पर भी जोर दिया गया। विश्वविद्यालयों से जुड़े प्रशासनिक और शैक्षणिक कार्यों को डिजिटल माध्यम से व्यवस्थित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही पोर्टल पर उपलब्ध विद्यार्थियों और विश्वविद्यालयों से संबंधित डेटा को सुरक्षित रखने पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया। राज्यपाल ने विश्वविद्यालयों में डिजिटल व्यवस्था को मजबूत करने और डेटा सुरक्षा के मानकों का पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।