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Bihar: गंगा में बढ़ता खतरा! बंद पड़ा सरकारी स्टीमर, जान हथेली पर रख नदी पार कर रहे शिक्षक
Mon, 27 Jul 2026 07:06 PM IST
पटना ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: पटना ब्यूरो
Updated Mon, 27 Jul 2026 07:06 PM IST
सार
Bihar News: दानापुर दियारा क्षेत्र में गंगा का जलस्तर बढ़ने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। सरकारी स्टीमर सेवा इंजन खराब होने के कारण बंद है, जिससे ग्रामीण, छात्र और शिक्षक छोटी नावों के सहारे नदी पार करने को मजबूर हैं। कई शिक्षक अपनी सुरक्षा के लिए खुद लाइफ जैकेट खरीदकर सफर कर रहे हैं।
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उफनाती नदी में जान जोखिम में डालकर यात्रा करने को मजबूर लोग
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने के साथ ही दानापुर दियारा क्षेत्र के लोगों की मुश्किलें भी बढ़ती जा रही हैं। पिछले वर्ष सरकार की ओर से लोगों की सुविधा और सुरक्षा के लिए स्टीमर सेवा संचालित की गई थी, लेकिन इस बार सरकारी स्टीमर बंद होने से हजारों ग्रामीणों, छात्रों और शिक्षकों को छोटी नावों के सहारे नदी पार करनी पड़ रही है। ऐसे में हर दिन दुर्घटना की आशंका लोगों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।
इंजन खराब होने से ठप पड़ी स्टीमर सेवा
स्थानीय लोगों के अनुसार सरकारी स्टीमर का इंजन खराब हो गया है। बताया जा रहा है कि इसकी मरम्मत के लिए बाहर से मैकेनिकल इंजीनियर बुलाया गया है। अधिकारियों ने जल्द सेवा बहाल करने का आश्वासन दिया है, लेकिन तब तक लोगों को नाव के भरोसे ही गंगा पार करनी पड़ रही है।
शिक्षक बोले- रोज जान जोखिम में डालकर पहुंचते हैं स्कूल
दियारा क्षेत्र के स्कूलों में पढ़ाने जाने वाले शिक्षकों का कहना है कि वे प्रतिदिन अपनी जान जोखिम में डालकर गंगा पार करते हैं। उनका आरोप है कि सरकार की ओर से अब तक न तो लाइफ जैकेट उपलब्ध कराई गई है और न ही सुरक्षित स्टीमर सेवा शुरू की गई है। मजबूरी में कई शिक्षक अपनी सुरक्षा के लिए स्वयं पैसे खर्च कर लाइफ जैकेट खरीद रहे हैं।
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एक शिक्षक ने बताया कि नाव से सफर करते समय हर दिन मन में डर बना रहता है। हाल ही में जिस नाव से वे यात्रा कर रहे थे, उसका इंजन (जनरेटर) बीच नदी में खराब हो गया। इसके बाद दूसरी नाव बुलाकर उसे किनारे तक खींचा गया। इस दौरान नाव में सवार सभी यात्रियों की सांसें थम गई थीं।
'सुरक्षा के नियमों का हो रहा पालन'
वहीं, नाविकों का कहना है कि वे सुरक्षा का पूरा ध्यान रखते हैं और एक नाव पर 25 से अधिक यात्रियों को नहीं बैठाते। उनका दावा है कि ओवरलोडिंग नहीं की जाती और यात्रियों को पूरी सावधानी के साथ नदी पार कराया जाता है।
ग्रामीणों ने की स्टीमर सेवा शुरू करने की मांग
स्थानीय लोगों और शिक्षकों का कहना है कि गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन को तत्काल स्टीमर सेवा बहाल करनी चाहिए। साथ ही नियमित रूप से दियारा आने-जाने वाले शिक्षकों, छात्रों और ग्रामीणों को लाइफ जैकेट जैसी सुरक्षा सुविधाएं भी उपलब्ध करानी चाहिए। उनका कहना है कि किसी बड़े हादसे का इंतजार करने के बजाय समय रहते प्रभावी कदम उठाना जरूरी है।
यह भी पढ़ें: 'क्या छात्र आतंकवादी हैं?' AK-47 विवाद पर BJP पर बरसा विपक्ष, राहुल गांधी बोले- माफी मांगें PM मोदी
ग्रामीणों का कहना है कि गंगा का जलस्तर बढ़ते ही हर साल हादसों का खतरा बढ़ जाता है। उनका दावा है कि पिछले वर्षों में भी नाव दुर्घटनाओं में लोगों की जान जा चुकी है। ऐसे में प्रशासन को इस बार किसी अनहोनी से पहले स्थायी और सुरक्षित व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए।
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इंजन खराब होने से ठप पड़ी स्टीमर सेवा
स्थानीय लोगों के अनुसार सरकारी स्टीमर का इंजन खराब हो गया है। बताया जा रहा है कि इसकी मरम्मत के लिए बाहर से मैकेनिकल इंजीनियर बुलाया गया है। अधिकारियों ने जल्द सेवा बहाल करने का आश्वासन दिया है, लेकिन तब तक लोगों को नाव के भरोसे ही गंगा पार करनी पड़ रही है।
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शिक्षक बोले- रोज जान जोखिम में डालकर पहुंचते हैं स्कूल
दियारा क्षेत्र के स्कूलों में पढ़ाने जाने वाले शिक्षकों का कहना है कि वे प्रतिदिन अपनी जान जोखिम में डालकर गंगा पार करते हैं। उनका आरोप है कि सरकार की ओर से अब तक न तो लाइफ जैकेट उपलब्ध कराई गई है और न ही सुरक्षित स्टीमर सेवा शुरू की गई है। मजबूरी में कई शिक्षक अपनी सुरक्षा के लिए स्वयं पैसे खर्च कर लाइफ जैकेट खरीद रहे हैं।
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एक शिक्षक ने बताया कि नाव से सफर करते समय हर दिन मन में डर बना रहता है। हाल ही में जिस नाव से वे यात्रा कर रहे थे, उसका इंजन (जनरेटर) बीच नदी में खराब हो गया। इसके बाद दूसरी नाव बुलाकर उसे किनारे तक खींचा गया। इस दौरान नाव में सवार सभी यात्रियों की सांसें थम गई थीं।
'सुरक्षा के नियमों का हो रहा पालन'
वहीं, नाविकों का कहना है कि वे सुरक्षा का पूरा ध्यान रखते हैं और एक नाव पर 25 से अधिक यात्रियों को नहीं बैठाते। उनका दावा है कि ओवरलोडिंग नहीं की जाती और यात्रियों को पूरी सावधानी के साथ नदी पार कराया जाता है।
ग्रामीणों ने की स्टीमर सेवा शुरू करने की मांग
स्थानीय लोगों और शिक्षकों का कहना है कि गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन को तत्काल स्टीमर सेवा बहाल करनी चाहिए। साथ ही नियमित रूप से दियारा आने-जाने वाले शिक्षकों, छात्रों और ग्रामीणों को लाइफ जैकेट जैसी सुरक्षा सुविधाएं भी उपलब्ध करानी चाहिए। उनका कहना है कि किसी बड़े हादसे का इंतजार करने के बजाय समय रहते प्रभावी कदम उठाना जरूरी है।
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ग्रामीणों का कहना है कि गंगा का जलस्तर बढ़ते ही हर साल हादसों का खतरा बढ़ जाता है। उनका दावा है कि पिछले वर्षों में भी नाव दुर्घटनाओं में लोगों की जान जा चुकी है। ऐसे में प्रशासन को इस बार किसी अनहोनी से पहले स्थायी और सुरक्षित व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए।