{"_id":"6a66bb93a4b356346709fe7f","slug":"bihar-dairy-development-foundation-stone-laid-for-curd-lassi-plant-and-key-projects-2026-07-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bihar: बिहार के इस जिले को मिलेगी डेयरी विकास की सौगात, आज दही-लस्सी प्लांट समेत कई परियोजनाओं का शिलान्यास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bihar: बिहार के इस जिले को मिलेगी डेयरी विकास की सौगात, आज दही-लस्सी प्लांट समेत कई परियोजनाओं का शिलान्यास
Mon, 27 Jul 2026 07:29 AM IST
पटना ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नालंदा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नालंदा
Published by: पटना ब्यूरो
Updated Mon, 27 Jul 2026 07:29 AM IST
सार
बिहार के नालंदा जिले में आज डेयरी क्षेत्र के विकास को नई गति देने वाली कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण होगा। 20 मीट्रिक टन क्षमता वाले दही-लस्सी प्लांट, एचपीसीएल पेट्रोल पंप, सुधा कैफेटेरिया, 300 रिटेलरों को डीप फ्रीजर वितरण, पशु परिवहन वाहन लोकार्पण और जीविका पशु सखी प्रशिक्षण जैसी योजनाएं किसानों, पशुपालकों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करेंगी।
विज्ञापन
नालंदा को मिलेगी डेयरी विकास की बड़ी सौगात
- फोटो : Amar Ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
नालंदा जिले में डेयरी, दुग्ध उत्पादन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक और स्वर्णिम अध्याय जुड़ने जा रहा है। दुग्ध उत्पादन, प्रसंस्करण, विपणन और पशुपालकों की आय बढ़ाने की दिशा में बिहार सरकार के डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के तत्वावधान में आज नालंदा डेयरी प्रोजेक्ट परिसर में एक भव्य एवं महत्वपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी शिरकत करेंगे और जिले के पशुपालकों एवं किसानों को कई बड़ी सौगातें देंगे।
स्थगित कार्यक्रम के बाद अब नई उम्मीदों का सवेरा
ज्ञात हो कि यह पल नालंदा के किसानों और दुग्ध उत्पादकों के लिए बेहद खास है, क्योंकि वे इसका बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। मुख्यमंत्री का यह कार्यक्रम पहले 17 जुलाई को प्रस्तावित था, लेकिन अपरिहार्य कारणों से इसे स्थगित करना पड़ा था। उस समय कार्यक्रम स्थगित होने से शिलान्यास की तिथियां आगे बढ़ गई थीं, लेकिन प्रशासनिक तैयारियां जोर-शोर से जारी थीं। अब वह इंतजार खत्म हो गया है। आज सुबह 11:00 बजे आयोजित होने वाले इस मेगा इवेंट के जरिए नालंदा को राज्य के प्रमुख डेयरी हब के रूप में उभारने की पूरी तैयारी कर ली गई है।
20 मीट्रिक टन का आधुनिक दही एवं लस्सी प्लांट
इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण 20 मीट्रिक टन प्रतिदिन (एमटीपीडी) क्षमता वाले अत्याधुनिक दही एवं लस्सी प्लांट का शिलान्यास है। विशेषज्ञों के अनुसार, कच्चा दूध जल्दी खराब हो जाता है, लेकिन जब उसे दही, लस्सी या अन्य उत्पादों में बदला जाता है, तो न केवल उसकी शेल्फ लाइफ बढ़ती है, बल्कि बाजार में उसकी कीमत भी बेहतर मिलती है। इस 20 एमटीपीडी क्षमता वाले प्लांट के शुरू होने से नालंदा डेयरी की प्रसंस्करण क्षमता में भारी इजाफा होगा। स्थानीय किसानों का दूध आसानी से खप सकेगा और बाजार में सुधा के दही तथा लस्सी उत्पादों की उपलब्धता भी बढ़ेगी, जिससे गर्मी और अन्य मौसमों में उपभोक्ताओं की मांग पूरी की जा सकेगी।
विज्ञापन
कॉम्फेड का एचपीसीएल पेट्रोल पंप और सुधा कैफेटेरिया
डेयरी उद्योग को सिर्फ दूध तक सीमित न रखते हुए उसे बहुआयामी बनाने के उद्देश्य से कॉम्फेड द्वारा संचालित एचपीसीएल पेट्रोल पंप का भी शिलान्यास किया जाएगा। डेयरी परिसर के पास पेट्रोल पंप होने से दुग्ध परिवहन में लगे वाहनों को ईंधन के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा, जिससे लॉजिस्टिक लागत और समय की बचत होगी। इसके साथ ही 'सुधा कैफेटेरिया' की भी शुरुआत की जाएगी। यह कैफेटेरिया स्थानीय लोगों, राहगीरों और किसानों के लिए एक बेहतरीन केंद्र होगा, जहां ताजे और गुणवत्तापूर्ण दुग्ध उत्पाद सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंच सकेंगे।
300 रिटेलरों को डीप फ्रीजर और कोल्ड चेन की मजबूती
डेयरी उत्पादों की बिक्री बढ़ाने और गुणवत्ता बनाए रखने के लिए कोल्ड चेन का मजबूत होना सबसे अहम है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री के हाथों जिले के 300 खुदरा विक्रेताओं (रिटेलरों) के बीच डीप फ्रीजर का वितरण किया जाएगा। इस बात पर जोर दिया गया है कि डीप फ्रीजर मिलने से रिटेलर दूध, दही, पनीर और अन्य उत्पादों को लंबे समय तक सुरक्षित रख सकेंगे। इससे न केवल खराब होने वाले उत्पादों से होने वाले नुकसान में कमी आएगी, बल्कि उपभोक्ताओं को उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद उपलब्ध होंगे।
पशु उठाव एवं परिवहन वाहन का होगा लोकार्पण
पशुओं के सुरक्षित और सुगम आवागमन के लिए पशु उठाव एवं परिवहन वाहन का लोकार्पण भी इस समारोह का एक अहम हिस्सा है। कई बार बीमार पशुओं को अस्पताल ले जाने या उन्नत नस्ल के पशुओं को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने में किसानों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। यह नई सुविधा पशुओं के स्वास्थ्य प्रबंधन और डेयरी इंफ्रास्ट्रक्चर को और भी सुदृढ़ करेगी।
जीविका पशु सखियों का प्रशिक्षण
इस पूरी परियोजना में महिला सशक्तिकरण का विशेष ध्यान रखा गया है। महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा देने के लिए 'जीविका पशु सखी' प्रशिक्षण का भी आयोजन किया जाएगा। इसके जरिए जीविका समूहों से जुड़ी ग्रामीण महिलाओं को पशुपालन, दुग्ध उत्पादन, पशु स्वास्थ्य, प्राथमिक चिकित्सा और डेयरी प्रबंधन की व्यावहारिक जानकारी दी जाएगी। ये प्रशिक्षित महिलाएं गांवों में जाकर अन्य किसानों की मदद करेंगी, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को एक मजबूत आधार मिलेगा।
अर्थव्यवस्था और रोजगार पर प्रभाव
इन नई परियोजनाओं से नालंदा जिले में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हजारों लोगों को आजीविका मिलेगी। नालंदा डेयरी के सीईओ अरविंद कुमार सिन्हा ने बताया कि इन परियोजनाओं से नालंदा में डेयरी उद्योग को नई गति मिलेगी। इससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, पशुपालकों की आय में वृद्धि होगी तथा दुग्ध प्रसंस्करण और विपणन व्यवस्था मजबूत होगी। यह पहल जिले को डेयरी विकास के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
ये भी पढ़ें- छपरा हिंसा के बाद पुलिस अलर्ट, ड्रोन-सीसीटीवी से 350 उपद्रवियों की हुई पहचान, जल्द होगी गिरफ्तारी
कार्यक्रम में दिग्गजों का लगेगा जमावड़ा
इस ऐतिहासिक शिलान्यास और लोकार्पण समारोह को भव्य बनाने के लिए राज्य सरकार के कई शीर्ष मंत्री और अधिकारी मौजूद रहेंगे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के साथ-साथ बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और विजेंद्र प्रसाद यादव विशिष्ट अतिथि के तौर पर मंच साझा करेंगे। ग्रामीण अर्थव्यवस्था से सीधे जुड़े होने के कारण ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार की उपस्थिति भी इस कार्यक्रम में रहेगी।
पूरे कार्यक्रम की अध्यक्षता बिहार सरकार के डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के मंत्री नंद किशोर राम करेंगे। इसके अलावा जिले के सांसद, बिहार विधान परिषद एवं विधानसभा के सदस्यगण, स्थानीय जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी और सबसे महत्वपूर्ण बड़ी संख्या में दुग्ध उत्पादक किसान एवं विभिन्न सहकारी समितियों के सदस्य इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बनेंगे।
विज्ञापन
स्थगित कार्यक्रम के बाद अब नई उम्मीदों का सवेरा
ज्ञात हो कि यह पल नालंदा के किसानों और दुग्ध उत्पादकों के लिए बेहद खास है, क्योंकि वे इसका बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। मुख्यमंत्री का यह कार्यक्रम पहले 17 जुलाई को प्रस्तावित था, लेकिन अपरिहार्य कारणों से इसे स्थगित करना पड़ा था। उस समय कार्यक्रम स्थगित होने से शिलान्यास की तिथियां आगे बढ़ गई थीं, लेकिन प्रशासनिक तैयारियां जोर-शोर से जारी थीं। अब वह इंतजार खत्म हो गया है। आज सुबह 11:00 बजे आयोजित होने वाले इस मेगा इवेंट के जरिए नालंदा को राज्य के प्रमुख डेयरी हब के रूप में उभारने की पूरी तैयारी कर ली गई है।
विज्ञापन
20 मीट्रिक टन का आधुनिक दही एवं लस्सी प्लांट
इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण 20 मीट्रिक टन प्रतिदिन (एमटीपीडी) क्षमता वाले अत्याधुनिक दही एवं लस्सी प्लांट का शिलान्यास है। विशेषज्ञों के अनुसार, कच्चा दूध जल्दी खराब हो जाता है, लेकिन जब उसे दही, लस्सी या अन्य उत्पादों में बदला जाता है, तो न केवल उसकी शेल्फ लाइफ बढ़ती है, बल्कि बाजार में उसकी कीमत भी बेहतर मिलती है। इस 20 एमटीपीडी क्षमता वाले प्लांट के शुरू होने से नालंदा डेयरी की प्रसंस्करण क्षमता में भारी इजाफा होगा। स्थानीय किसानों का दूध आसानी से खप सकेगा और बाजार में सुधा के दही तथा लस्सी उत्पादों की उपलब्धता भी बढ़ेगी, जिससे गर्मी और अन्य मौसमों में उपभोक्ताओं की मांग पूरी की जा सकेगी।
विज्ञापन
कॉम्फेड का एचपीसीएल पेट्रोल पंप और सुधा कैफेटेरिया
डेयरी उद्योग को सिर्फ दूध तक सीमित न रखते हुए उसे बहुआयामी बनाने के उद्देश्य से कॉम्फेड द्वारा संचालित एचपीसीएल पेट्रोल पंप का भी शिलान्यास किया जाएगा। डेयरी परिसर के पास पेट्रोल पंप होने से दुग्ध परिवहन में लगे वाहनों को ईंधन के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा, जिससे लॉजिस्टिक लागत और समय की बचत होगी। इसके साथ ही 'सुधा कैफेटेरिया' की भी शुरुआत की जाएगी। यह कैफेटेरिया स्थानीय लोगों, राहगीरों और किसानों के लिए एक बेहतरीन केंद्र होगा, जहां ताजे और गुणवत्तापूर्ण दुग्ध उत्पाद सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंच सकेंगे।
300 रिटेलरों को डीप फ्रीजर और कोल्ड चेन की मजबूती
डेयरी उत्पादों की बिक्री बढ़ाने और गुणवत्ता बनाए रखने के लिए कोल्ड चेन का मजबूत होना सबसे अहम है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री के हाथों जिले के 300 खुदरा विक्रेताओं (रिटेलरों) के बीच डीप फ्रीजर का वितरण किया जाएगा। इस बात पर जोर दिया गया है कि डीप फ्रीजर मिलने से रिटेलर दूध, दही, पनीर और अन्य उत्पादों को लंबे समय तक सुरक्षित रख सकेंगे। इससे न केवल खराब होने वाले उत्पादों से होने वाले नुकसान में कमी आएगी, बल्कि उपभोक्ताओं को उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद उपलब्ध होंगे।
पशु उठाव एवं परिवहन वाहन का होगा लोकार्पण
पशुओं के सुरक्षित और सुगम आवागमन के लिए पशु उठाव एवं परिवहन वाहन का लोकार्पण भी इस समारोह का एक अहम हिस्सा है। कई बार बीमार पशुओं को अस्पताल ले जाने या उन्नत नस्ल के पशुओं को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने में किसानों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। यह नई सुविधा पशुओं के स्वास्थ्य प्रबंधन और डेयरी इंफ्रास्ट्रक्चर को और भी सुदृढ़ करेगी।
जीविका पशु सखियों का प्रशिक्षण
इस पूरी परियोजना में महिला सशक्तिकरण का विशेष ध्यान रखा गया है। महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा देने के लिए 'जीविका पशु सखी' प्रशिक्षण का भी आयोजन किया जाएगा। इसके जरिए जीविका समूहों से जुड़ी ग्रामीण महिलाओं को पशुपालन, दुग्ध उत्पादन, पशु स्वास्थ्य, प्राथमिक चिकित्सा और डेयरी प्रबंधन की व्यावहारिक जानकारी दी जाएगी। ये प्रशिक्षित महिलाएं गांवों में जाकर अन्य किसानों की मदद करेंगी, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को एक मजबूत आधार मिलेगा।
अर्थव्यवस्था और रोजगार पर प्रभाव
इन नई परियोजनाओं से नालंदा जिले में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हजारों लोगों को आजीविका मिलेगी। नालंदा डेयरी के सीईओ अरविंद कुमार सिन्हा ने बताया कि इन परियोजनाओं से नालंदा में डेयरी उद्योग को नई गति मिलेगी। इससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, पशुपालकों की आय में वृद्धि होगी तथा दुग्ध प्रसंस्करण और विपणन व्यवस्था मजबूत होगी। यह पहल जिले को डेयरी विकास के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
ये भी पढ़ें- छपरा हिंसा के बाद पुलिस अलर्ट, ड्रोन-सीसीटीवी से 350 उपद्रवियों की हुई पहचान, जल्द होगी गिरफ्तारी
कार्यक्रम में दिग्गजों का लगेगा जमावड़ा
इस ऐतिहासिक शिलान्यास और लोकार्पण समारोह को भव्य बनाने के लिए राज्य सरकार के कई शीर्ष मंत्री और अधिकारी मौजूद रहेंगे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के साथ-साथ बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और विजेंद्र प्रसाद यादव विशिष्ट अतिथि के तौर पर मंच साझा करेंगे। ग्रामीण अर्थव्यवस्था से सीधे जुड़े होने के कारण ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार की उपस्थिति भी इस कार्यक्रम में रहेगी।
पूरे कार्यक्रम की अध्यक्षता बिहार सरकार के डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के मंत्री नंद किशोर राम करेंगे। इसके अलावा जिले के सांसद, बिहार विधान परिषद एवं विधानसभा के सदस्यगण, स्थानीय जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी और सबसे महत्वपूर्ण बड़ी संख्या में दुग्ध उत्पादक किसान एवं विभिन्न सहकारी समितियों के सदस्य इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बनेंगे।