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Bihar News : निशांत को मिलने वाली जिम्मेदारी के सवाल पर पार्टी खामोश, विपक्ष ने कहा- जब थोपना ही है तो...

Krishan Ballabh Narayan Krishan Ballabh Narayan
Updated Tue, 10 Mar 2026 09:13 AM IST
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सार

Bihar : निशांत कुमार की जदयू में धमाकेदार इंट्री हो गई, लेकिन पार्टी उनको   कौन सी जिम्मेदारी देगी, यह तय नहीं हो पाया है। कार्यकर्ता तो उनको सीएम देखना चाहते हैं, वहीं राजद कह रही है कि उनपर जो थोपना है थोप दें। फिलहाल सीएम के निर्णय का इंतजार है।

RJD party targeted jdu Party responsibility for Nishant kumar nitish kumar Patna Bihar News
निशांत कुमार और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार जनता दल यूनाइटेड में शामिल हो गए, लेकिन पार्टी उन्हें कौन सी जिम्मेदारी देगी यह चर्चा का विषय बना हुआ है। पार्टी के कार्यकर्ता तो निशांत कुमार को मुख्यमंत्री बनाना चाहते हैं, वहीं राष्ट्रीय जनता दल ने इस सवाल पर तंज कसा है। राजद कह रही है कि जब थोपना ही है तो कुछ भी बना दें, क्या मतलब है? हालांकि जदयू के नेता नीतीश कुमार के निर्णय का इंतजार कर रहे हैं।

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पार्टी के वरीय नेता ही समझें 
इस संबंध में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नजदीकी कहे जाने वाले संजय गांधी का कहना है कि यह निशांत कुमार के पार्टी में शामिल होने के लिए पार्टी के कार्यकर्ताओं और वरीय नेताओं की मांग थी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं की बातों को सुना और समझा। इसके बाद उनकी सहमति के बाद यह निर्णय हुआ कि निशांत कुमार पार्टी में शामिल होंगे। अब वह पार्टी में शामिल हो चुके हैं। उनका अगला कार्यक्रम पूरे बिहार की यात्रा करना है। इस दौरान वह बिहार की जनता से मिलेंगे और बिहार को समझेंगे, पार्टी को मजबूत करेंगे। निशांत को पार्टी कौन सी जिम्मेदारी देगी? इस सवाल के जवाब में संजय गांधी ने कहा कि यह निर्णय तो पार्टी के वरीय नेता समझेंगे कि उन्हें कौन सी जिम्मेदारी और कब दी जाएगी। लेकिन यह मुझे पता है कि उनमें सारे गुण मौजूद हैं और वह खुद अपने आप में परिपूर्ण हैं। वह पढ़े लिखे हैं और उनमें समझदारी भी है। इसलिए उनको जो भी जिम्मेदारी दी जाएगी मुझे यकीन है कि वह उसे बखूबी पूरा करेंगे। 
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जब थोपना ही है तो...
इस संबंध में राजद का कहना है कि निशांत कुमार को राजनीति में लाया नहीं गया है बल्कि एक प्रक्रिया थी , जिसे पूरा किया गया है। इस संबंध में राजद के मुख्य प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव का कहना है कि निशांत कुमार पहले से ही पार्टी में थे। वह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र हैं। वह तो बिना पार्टी में शामिल हुए जिलाध्यक्षों के साथ बैठक भी कर रहे हैं। वह नेताओं के साथ फोटो भी खींचा रहे थे। वह नेताओं के साथ रह भी रहे थे और नेता उनके आदेशों का पालन भी कर रहे थे, तो फिर ऐसे में पार्टी में शामिल होने या न होने की बात ही क्या है। एक रस्म था, जिसे निभाया गया। जहां तक जिम्मेदारी देने की बात है ती यह जदयू पार्टी समझे कि निशांत को क्या जिम्मेदारी देगी। शक्ति सिंह यादव ने कहा कि जब थोपना ही है तो जो भी पद या जिम्मेदारी दे दे सब ठीक है। 
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पिता की तरह ही बनेंगे बेहतर नेता 
इस संबंध में वरिष्ठ पत्रकार लव कुमार मिश्रा का कहना है कि निशांत कुमार को पार्टी उप मुख्यमंत्री बनाएगी। इसके पीछे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की लाचारी है। लव कुमार मिश्रा ने आगे बताया कि जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्यसभा चले जाएंगे तो फिर उनकी पार्टी को कौन देखेगा? इसलिए पार्टी निशांत कुमार को उपमुख्यमंत्री बनाएगी। इसके पीछे का कारण यह है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने ख़ास लोगों को निशांत के साथ रख छोड़ा है, जो समय-समय पर निशांत को निर्देश देते रहेंगे। उन नामों में सीएम के साथ लगभग 25 वर्षों से साथ रहने वाले हरेन्द्र कुमार, ललन सर्राफ, संजय गांधी सहित अन्य नाम शामिल हैं। लव कुमार मिश्रा ने बताया कि निशांत कुमार अब राजनीतिक बयान देने लगे हैं। कब क्या बोलना चाहिए वह बखूबी समझ रहे हैं। निशांत आने वाले समय में पिता की तरह ही बेहतर नेता बनेंगे।

चर्चा यह है कि...
हालांकि राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा है कि निशांत कुमार को महासचिव या प्रदेश समन्वयक जैसे महत्वपूर्ण पद दिया जा सकता है। इस फैसले के पीछे दो मुख्य कारण माने जा रहे हैं। कार्यकर्ताओं का मानना है कि निशांत कुमार सीएम हाउस में रहने के दौरान अक्सर नेताओं के संपर्क में रहे हैं। इस वजह से वह अनुभवी भी हो चुके हैं।  साथ ही वह आधुनिक तकनीक और सोशल मीडिया के जरिए जनता से जुड़ने में भी माहिर हैं वहीं दूसरा कारण यह है कि उनके प्रभाव वाले क्षेत्रों में पकड़ मजबूत करने के लिए उन्हें उस इलाके का प्रभारी बनाया जाना तय माना जा रहा है।




                       

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