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Bihar News : रौशन आनंद ने जिला अदालत में दी जमानत अर्जी; खान सर को गिरफ्तारी से राहत; छात्रों में आक्रोश

न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, पटना Published by: Krishan Ballabh Narayan Updated Wed, 10 Jun 2026 09:28 PM IST
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सार

Bihar: एक ही कानूनी धारा दोनों पर है, जबकि दूसरे पर जान से मारने की कोशिश और आर्म्स एक्ट का अतिरिक्त आरोप है। वहीं पोस्टर फाड़ने का आरोपी जेल में है। यह आक्रोश एक दिन पुलिस के खिलाफ भड़केगा। यह कहना है उन छात्रों का, जिनका कैरियर दांव पर लगा हुआ है।

Roshan Anand files bail plea in district court students outraged against Patna Police Bihar News khan sir
फैजल खान और रौशन आनंद - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

पटना के चर्चित खान सर कोचिंग हमला मामले में छात्रों में सिस्टम के खिलाफ नाराजगी है। एक तरफ जहां गिरफ्तार शिक्षक रौशन आनंद ने मजिस्ट्रेट कोर्ट से झटका लगने के बाद अब जिला जज के समक्ष जमानत याचिका दायर की है, वहीं दूसरी तरफ फैजल खान उर्फ खान सर को अदालत से फिलहाल गिरफ्तारी से राहत है। उधर, फैजल खान सर के दोनों सुरक्षाकर्मियों की जमानत पर पेंच अभी भी फंसा हुआ है। अब उनकी सुनवाई कल यानी गुरूवार को होगी। 



 रौशन आनंद पहुंचे जिला अदालत
2 जून को फैजल खान की कोचिंग पर हुए हमले और उपद्रव के बाद पुलिस ने 3 जून को शिक्षक रौशन आनंद को गिरफ्तार किया था। सोमवार को मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास की अदालत ने रौशन आनंद की जमानत याचिका खारिज कर दी थी, जिसके बाद उनके वकीलों ने जिला जज की अदालत का रुख किया है। इधर रौशन आनंद की रिहाई को लेकर पटना की सड़कों पर छात्र अब तक तीन बार बड़ा प्रदर्शन कर चुके हैं। मंगलवार को हुए प्रदर्शन के दौरान आक्रोशित छात्रों ने पुलिसिया कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े किए। उनलोगों ने कहा कि बिना किसी उच्चस्तरीय जांच समिति के सीधे किसी को जेल में डाल देना सरासर गलत है। पहले निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, फिर कोई कार्रवाई की जानी चाहिए। यह रौशन सर और उनके हजारों छात्रों के भविष्य का सवाल है। सरकार को इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करना चाहिए।
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पक्षपात करने का लगाया आरोप
छात्रों ने पक्षपात का आरोप लगाते हुए कहा कि एक को जेल और दूसरे को बेल, यह कैसी कार्रवाई है? जो मुख्य आरोपी हैं और जिन्होंने गोली चलवाई, वे बाहर घूम रहे हैं; जबकि जो व्यक्ति मौके पर मौजूद भी नहीं था और जिसने कुछ नहीं किया, उसे जेल में बंद कर दिया गया है।
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दहशत फैलाना सुरक्षाकर्मियों का मकसद नहीं
 इससे पहले हुई सुनवाई में अदालत ने पुलिस से मामले की केस डायरी और आरोपियों का आपराधिक इतिहास पेश करने का निर्देश दिया था। इस बीच, जिला जज ने फैजल खान उर्फ खान सर की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए उन्हें 20 जून तक राहत दी। कोर्ट ने पुलिस को नो कोर्सिव का आदेश दिया है, जिसका मतलब है कि अगले आदेश तक पुलिस फैजल खान सर को गिरफ्तार या उनके खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं कर सकती। बताया जाता है कि अदालत ने उन्हें जांच में पूरी तरह सहयोग करने का निर्देश दिया है। फैजल खान के वकील अरविंद कुमार महुआर ने अदालत में दलील देते हुए कहा कि फायरिंग केवल आत्मरक्षा में की गई थी, दहशत फैलाना सुरक्षाकर्मियों का मकसद नहीं था। 
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 बॉडीगार्ड्स की मुश्किलें अब तक बरकरार 
 सुनवाई के दौरान जिला अभियोजक ने बॉडीगार्ड प्रदीप कुमार के आर्म्स लाइसेंस पर गंभीर सवाल उठाए हैं। अभियोजन पक्ष का कहना था कि प्रदीप को हथियार उसके पिता के निधन के बाद  सुरक्षा के आधार पर मिला था, न कि पटना में आकर दहशत का माहौल बनाने के लिए। इस बिंदु पर अभियोजन पक्ष आज फिर तीखी दलीलें पेश की, लेकिन फैजल खान सर के दोनों सुरक्षाकर्मियों की जमानत पर पेंच अभी भी फंसा हुआ है। अब उनकी सुनवाई कल यानी गुरूवार को होगी। ।
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एक को जेल, दूसरे को बेल क्यों?
इस पूरी कार्रवाई के विरोध में ज्ञान बिंदु कोचिंग के संचालक रोशन आनंद की रिहाई को लेकर छात्रों का गुस्सा भड़क उठा है। मंगलवार को छात्र लगातार तीसरी बार सड़कों पर उतरे। प्रदर्शनकारी छात्रों ने सरकार और पुलिस प्रशासन की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए कहा कि जांच से पहले कार्रवाई क्यों? छात्रों का आरोप है कि बिना किसी जांच कमेटी की रिपोर्ट के ही सीधे जेल भेज दिया गया। छात्रों ने नारा के द्वारा यह सवाल उठाया कि एक को जेल और दूसरे को बेल क्यों? उनका कहना है कि जो घटनास्थल पर मौजूद भी नहीं था वह जेल में है, जबकि मुख्य नामजद बाहर हैं।
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छात्रों ने निकाला था विरोध मार्च
छात्रों ने पटना कॉलेज से कारगिल चौक तक विरोध मार्च निकालने की कोशिश की, लेकिन पटना कॉलेज के पास ही भारी संख्या में मुस्तैद पुलिस बल ने उन्हें रोक दिया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए वाटर कैनन की गाड़ियां भी तैनात की गई थीं। पुलिस ने कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए छात्रों को पटना कॉलेज कैंपस से आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी। छात्रों का कहना है कि रोशन सर के जेल में होने से हजारों विद्यार्थियों का भविष्य अधर में लटक गया है और इस मामले में सरकार को तुरंत हस्तक्षेप करना चाहिए। फिलहाल पटना पुलिस की कार्यशैली पर लोग सवाल उठा रहे हैं कि हत्या की कोशिश करने का आरोपी जेल से बाहर है और पोस्टर फाड़ने का आरोपी जेल के अंदर। छात्र यही सवाल पूछ रहे हैं कि यह पटना पुलिस का कैसा न्याय?

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