फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Bihar ›   Dead man accused in electricity theft case, questions raised on FIR registered;

Bihar: बिजली चोरी के केस में मृत व्यक्ति बना आरोपी, एफआईआर पर उठे सवाल; विभाग की बड़ी लापरवाही उजागर

Sun, 26 Jul 2026 04:28 PM IST
सारण ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छपरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छपरा Published by: सारण ब्यूरो Updated Sun, 26 Jul 2026 04:28 PM IST
सार

सारण के गड़खा में बिजली चोरी के मामले में विभाग ने कई वर्ष पहले मृत हो चुके देवरतन मांझी के नाम एफआईआर दर्ज कर दी। ग्रामीणों ने कार्रवाई पर सवाल उठाए, जबकि विभाग ने कनेक्शन पुराने नाम पर होने और नामांतरण नहीं होने की दलील दी।

विज्ञापन
Dead man accused in electricity theft case, questions raised on FIR registered;
गड़खा थाने में बिजली चोरी से संबंधित प्राथमिकी दर्ज - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सारण जिले के गड़खा थाना क्षेत्र में बिजली चोरी के एक मामले में दर्ज की गई प्राथमिकी सवालों के घेरे में आ गई है। उत्तर बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (एनबीपीडीसीएल) की ओर से दर्ज कराए गए इस मामले में जिस व्यक्ति को आरोपित बनाया गया है, उसकी कई वर्ष पहले ही मृत्यु हो चुकी है। घटना सामने आने के बाद विभाग की कार्रवाई और उपभोक्ता सत्यापन प्रक्रिया पर सवाल उठने लगे हैं।

विज्ञापन

जानकारी के अनुसार, एनबीपीडीसीएल के निर्देश पर शनिवार रात गड़खा प्रखंड की रामपुर पंचायत के गलिमापुर रामपुर गांव में बिजली चोरी के खिलाफ विशेष छापेमारी अभियान चलाया गया। छापेमारी के दौरान विभाग ने एक घर में मीटर बाइपास कर अवैध रूप से बिजली उपयोग किए जाने का दावा किया। इस संबंध में जूनियर अभियंता (जेई) राम मनोहर शर्मा के आवेदन पर गड़खा थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई।

विज्ञापन

प्राथमिकी में देवरतन मांझी को आरोपित बनाते हुए बताया गया कि अवैध रूप से बिजली उपयोग किए जाने से विभाग को ₹19,852 की राजस्व क्षति हुई। हालांकि, ग्रामीणों का कहना है कि देवरतन मांझी का कई वर्ष पहले ही निधन हो चुका है। ऐसे में मृत व्यक्ति के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज होने से विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि छापेमारी के दौरान संबंधित उपभोक्ता और बिजली कनेक्शन का समुचित सत्यापन किया गया होता, तो ऐसी स्थिति उत्पन्न नहीं होती।

विज्ञापन
विज्ञापन


पढ़ें: छपरा हिंसा के बाद पुलिस अलर्ट, ड्रोन-सीसीटीवी से 350 उपद्रवियों की हुई पहचान, जल्द होगी गिरफ्तारी

वहीं, विभाग का पक्ष अलग है। जूनियर अभियंता राम मनोहर शर्मा ने बताया कि संबंधित बिजली कनेक्शन अब भी देवरतन मांझी के नाम पर दर्ज है। विभागीय नियमों के अनुसार, जिस व्यक्ति के नाम पर बिजली कनेक्शन दर्ज रहता है, उसी के नाम पर बिजली चोरी की प्राथमिकी दर्ज की जाती है। उन्होंने यह भी बताया कि इस मामले में निर्धारित जुर्माना जमा करा दिया गया है।

विभाग का कहना है कि यदि किसी उपभोक्ता की मृत्यु हो जाती है, तो उसके परिजनों को नियमानुसार बिजली विभाग को सूचना देकर कनेक्शन का नामांतरण कराना चाहिए। ऐसा नहीं होने पर विभागीय अभिलेखों में पूर्व उपभोक्ता का नाम ही दर्ज रहता है और कार्रवाई भी उसी आधार पर की जाती है।

इधर, पुलिस का कहना है कि प्राथमिकी के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। जांच के दौरान यदि किसी प्रकार की तथ्यात्मक त्रुटि या प्रक्रियागत चूक सामने आती है, तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल यह मामला बिजली विभाग की कार्यप्रणाली और उपभोक्ताओं के अभिलेखों को समय पर अद्यतन रखने की व्यवस्था पर चर्चा का विषय बना हुआ है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed