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Bihar : छात्रों के प्रदर्शन में चली थी AK-47! फायरिंग करने वाला पुलिसकर्मी सस्पेंड, विभागीय जांच शुरू
Mon, 27 Jul 2026 12:47 PM IST
सारण ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीवान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीवान
Published by: सारण ब्यूरो
Updated Mon, 27 Jul 2026 12:47 PM IST
सार
नीट पेपर लीक के विरोध में बिहार बंद के दौरान सिवान में छात्र प्रदर्शन के बीच AK-47 से फायरिंग का कथित वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस मुख्यालय ने बड़ी कार्रवाई करते हुए SIT सदस्य अभिषेक पटेल को निलंबित कर दिया है। मामले में विभागीय जांच शुरू कर दी गई है और वीडियो की सत्यता व फायरिंग की परिस्थितियों की जांच की जा रही है।
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AK47 चलाने वाला पुलिसकर्मी सस्पेंड
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
नीट पेपर लीक मामले को लेकर सिवान सहित पूरे राज्य में छात्रों का उग्र प्रदर्शन हुआ था। इसी दौरान सिवान जिला मुख्यालय में छात्र प्रदर्शन के बीच AK-47 से फायरिंग का कथित वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस मुख्यालय ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए विशेष जांच दल (SIT) के सदस्य अभिषेक पटेल को निलंबित कर दिया है। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए वीडियो में वह प्रदर्शनकारियों की दिशा में AK-47 से कई राउंड फायरिंग करते हुए आगे बढ़ते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद पूरे मामले ने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है।
संगठनों और पुलिस के बीच तनाव की स्थिति बन गई थी
जानकारी के अनुसार, 25 जुलाई को आयोजित बिहार बंद के दौरान सिवान में छात्र संगठनों और पुलिस के बीच तनाव की स्थिति बन गई थी। यह बंद छात्रों के आंदोलन के समर्थन में आयोजित किया गया था, जिसमें वामपंथी छात्र संगठनों ने भी बढ़-चढ़कर भागीदारी की थी। इसी दौरान अभिषेक पटेल द्वारा AK-47 से फायरिंग किए जाने का वीडियो सामने आया था। वीडियो में पहले एक गोली चलने के बाद प्रदर्शनकारी पीछे हटते दिखाई देते हैं, जबकि इसके बाद लगातार कई राउंड फायरिंग होती नजर आ रही है।
संबंधित अधिकारी को निलंबित कर विभागीय जांच शुरू
पुलिस मुख्यालय ने वायरल वीडियो के आधार पर संज्ञान लेते हुए तत्काल कार्रवाई की और संबंधित अधिकारी को निलंबित कर विभागीय जांच शुरू कर दी है। इस संबंध में अधिकारियों का कहना है कि वीडियो की सत्यता, फायरिंग की परिस्थितियों और पुलिस बल द्वारा अपनाई गई प्रक्रिया की विस्तृत जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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कई जिलों में हिंसक हुआ था प्रदर्शन
बिहार बंद के दौरान राजधानी पटना सहित सारण, सिवान, औरंगाबाद तथा भागलपुर समेत कई जिलों में प्रदर्शन के दौरान हिंसा और पुलिस से झड़प की घटनाएं सामने आई थीं, जबकि समस्तीपुर, नवादा और नालंदा में प्रदर्शन अपेक्षाकृत शांतिपूर्ण रहा। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी जिलों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था।
ये भी पढ़ें- Bihar: 'नई नस्लें बगावत जानती हैं', युवा शायर अक्स की नज़्म बनी छात्र आंदोलन की आवाज; राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा
हालांकि, इस मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर वायरल वीडियो साझा करते हुए आरोप लगाया कि सिवान में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस ने AK-47 से फायरिंग की। उन्होंने घटना की कड़ी निंदा करते हुए सरकार से जवाब मांगा है। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और पुलिस प्रशासन का कहना है कि तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
बता दें कि छात्र संगठनों के प्रदर्शन के दौरान एहतियातन इंटरनेट सेवा भी बंद कर दी गई थी और पूरे जिले में भारी पुलिस बल की तैनाती की गई थी। प्रदर्शन के दौरान हुई फायरिंग का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस की कार्यशैली पर लगातार सवाल उठ रहे थे। अब जवान के निलंबन के बाद यह स्पष्ट संकेत गया है कि पुलिस मुख्यालय पूरे मामले को गंभीरता से ले रहा है और किसी भी प्रकार की लापरवाही या नियमों के उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विभागीय जांच पूरी होने के बाद इस मामले में आगे की कार्रवाई तय होगी।
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संगठनों और पुलिस के बीच तनाव की स्थिति बन गई थी
जानकारी के अनुसार, 25 जुलाई को आयोजित बिहार बंद के दौरान सिवान में छात्र संगठनों और पुलिस के बीच तनाव की स्थिति बन गई थी। यह बंद छात्रों के आंदोलन के समर्थन में आयोजित किया गया था, जिसमें वामपंथी छात्र संगठनों ने भी बढ़-चढ़कर भागीदारी की थी। इसी दौरान अभिषेक पटेल द्वारा AK-47 से फायरिंग किए जाने का वीडियो सामने आया था। वीडियो में पहले एक गोली चलने के बाद प्रदर्शनकारी पीछे हटते दिखाई देते हैं, जबकि इसके बाद लगातार कई राउंड फायरिंग होती नजर आ रही है।
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संबंधित अधिकारी को निलंबित कर विभागीय जांच शुरू
पुलिस मुख्यालय ने वायरल वीडियो के आधार पर संज्ञान लेते हुए तत्काल कार्रवाई की और संबंधित अधिकारी को निलंबित कर विभागीय जांच शुरू कर दी है। इस संबंध में अधिकारियों का कहना है कि वीडियो की सत्यता, फायरिंग की परिस्थितियों और पुलिस बल द्वारा अपनाई गई प्रक्रिया की विस्तृत जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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कई जिलों में हिंसक हुआ था प्रदर्शन
बिहार बंद के दौरान राजधानी पटना सहित सारण, सिवान, औरंगाबाद तथा भागलपुर समेत कई जिलों में प्रदर्शन के दौरान हिंसा और पुलिस से झड़प की घटनाएं सामने आई थीं, जबकि समस्तीपुर, नवादा और नालंदा में प्रदर्शन अपेक्षाकृत शांतिपूर्ण रहा। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी जिलों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था।
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हालांकि, इस मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर वायरल वीडियो साझा करते हुए आरोप लगाया कि सिवान में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस ने AK-47 से फायरिंग की। उन्होंने घटना की कड़ी निंदा करते हुए सरकार से जवाब मांगा है। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और पुलिस प्रशासन का कहना है कि तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
बता दें कि छात्र संगठनों के प्रदर्शन के दौरान एहतियातन इंटरनेट सेवा भी बंद कर दी गई थी और पूरे जिले में भारी पुलिस बल की तैनाती की गई थी। प्रदर्शन के दौरान हुई फायरिंग का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस की कार्यशैली पर लगातार सवाल उठ रहे थे। अब जवान के निलंबन के बाद यह स्पष्ट संकेत गया है कि पुलिस मुख्यालय पूरे मामले को गंभीरता से ले रहा है और किसी भी प्रकार की लापरवाही या नियमों के उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विभागीय जांच पूरी होने के बाद इस मामले में आगे की कार्रवाई तय होगी।