Bihar: कारगिल विजय दिवस पर शहीद बिशुनी राय को श्रद्धांजलि, एथलेटिक्स और पौधरोपण से किया नमन
कारगिल विजय दिवस पर मकेर के राजेंद्र विद्या मंदिर में पूर्व छात्र शहीद बिशुनी राय को श्रद्धांजलि दी गई। एथलेटिक्स प्रतियोगिता, पौधरोपण और सम्मान समारोह आयोजित हुआ। वक्ताओं ने शहीद के बलिदान को याद करते हुए युवाओं को राष्ट्रसेवा और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कारगिल विजय दिवस के अवसर पर मकेर प्रखंड के बथुई गांव निवासी कारगिल शहीद बिशुनी राय की स्मृति में राजेंद्र विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, मकेर में श्रद्धांजलि सभा, एथलेटिक्स प्रतियोगिता और पौधरोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। विद्यालय के पूर्व छात्र रहे शहीद बिशुनी राय को शिक्षकों, जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों, विद्यार्थियों और ग्रामीणों ने पुष्पांजलि अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। पूरे कार्यक्रम के दौरान देशभक्ति का माहौल रहा और भारत माता की जय व वंदे मातरम् के नारों से परिसर गूंज उठा।
कार्यक्रम का नेतृत्व शहीद के पुत्र रविश राज ने किया, जबकि संचालन विद्यालय के पूर्व प्राचार्य अंबिका राय ने किया। श्रद्धांजलि समारोह में भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष राम दयाल शर्मा, प्रदेश मुखिया संघ के अध्यक्ष मिथलेश राय, पूर्व जिला जज दिनेश शर्मा, डॉ. रामबिका राय, विद्यालय की प्राचार्य अनिता कुमारी, राजस्व पदाधिकारी नवीन कुमार, समाजसेवी बिंदु राय, शिक्षक चंदन कुमार, उपेंद्र राय, मनोज मिश्रा, बिपिन कुमार सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग मौजूद रहे। सभी अतिथियों ने शहीद की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया।
सभा को संबोधित करते हुए राम दयाल शर्मा ने कहा कि कारगिल युद्ध में शहीद बिशुनी राय ने राष्ट्र की एकता, अखंडता और सुरक्षा के लिए अपने प्राणों की सर्वोच्च आहुति दी। उनका बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा। उन्होंने कहा कि देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले वीर सपूतों के त्याग को कभी भुलाया नहीं जा सकता। उनके अदम्य साहस और देशभक्ति को याद करते हुए पूरा पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा और कई लोगों की आंखें नम हो गईं।
इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने राज्य सरकार और जिला प्रशासन से मांग की कि कारगिल शहीद बिशुनी राय की स्मृति में प्रत्येक वर्ष सरकारी स्तर पर भव्य कार्यक्रम आयोजित किया जाए। उनका कहना था कि ऐसे आयोजन युवाओं में राष्ट्रभक्ति की भावना को मजबूत करेंगे और उन्हें देशसेवा के लिए प्रेरित करेंगे।
श्रद्धांजलि सभा के बाद विद्यालय परिसर के खेल मैदान में एथलेटिक्स प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता का शुभारंभ पूर्व प्राचार्य अंबिका राय, शहीद के पुत्र रविश राज, राजस्व पदाधिकारी नवीन कुमार, प्राचार्य अनिता कुमारी और समाजसेवी बिंदु राय ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर किया। प्रतियोगिता में दौड़, ऊंची कूद, लंबी कूद सहित विभिन्न स्पर्धाओं में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। खिलाड़ियों ने अनुशासन और खेल भावना का परिचय देते हुए उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
पढे़ं: '27 साल सिर्फ भाषण और खोखले वादे', शहीद विशुनी राय के परिजनों का छलका दर्द, आज भी अधूरी हैं घोषणाएं
आयोजकों ने बताया कि प्रतियोगिता का उद्देश्य केवल खेल प्रतिभाओं को मंच उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि युवाओं में शारीरिक दक्षता, अनुशासन, टीम भावना और राष्ट्रप्रेम का विकास करना भी है। उन्होंने कहा कि शहीदों के जीवन से प्रेरणा लेकर युवाओं को अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहना चाहिए और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
कार्यक्रम के तहत 'एक पेड़ शहीद के नाम' अभियान के अंतर्गत सभी अतिथियों ने विद्यालय परिसर में पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। वक्ताओं ने कहा कि जिस प्रकार शहीदों ने देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया, उसी प्रकार प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि वह पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिक से अधिक पौधे लगाए।
समारोह के अंत में अतिथियों को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया। वहीं एथलेटिक्स प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को मेडल और प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। विद्यालय परिवार ने संकल्प लिया कि शहीद बिशुनी राय के आदर्शों और बलिदान की गाथा नई पीढ़ी तक निरंतर पहुंचाई जाएगी, ताकि युवा राष्ट्रसेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना के साथ आगे बढ़ सकें।