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Bihar: राजधानी एक्सप्रेस को पलटाने की साजिश! FSL समेत कई एजेंसियां जांच में जुटीं, संदिग्धों की तलाश तेज
Mon, 27 Jul 2026 08:27 AM IST
सारण ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सारण
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सारण
Published by: सारण ब्यूरो
Updated Mon, 27 Jul 2026 08:27 AM IST
सार
सारण जिले के रिविलगंज थाना क्षेत्र में रेलवे ट्रैक पर पानी की टंकी रखकर राजधानी एक्सप्रेस को दुर्घटनाग्रस्त करने की कथित साजिश के मामले में जांच तेज हो गई है। एफएसएल, आरपीएफ, जीआरपी और स्थानीय पुलिस संयुक्त रूप से जांच कर रही हैं। वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और संदिग्धों की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है।
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छपरा बलिया रेलखंड पर जांच करती एफएसएल की टीम
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
सारण जिले के रिविलगंज थाना क्षेत्र में रेलवे ट्रैक पर पानी की टंकी रखकर राजधानी एक्सप्रेस को दुर्घटनाग्रस्त करने की कथित साजिश के मामले ने रेलवे सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। कुछ ही दिनों के भीतर दूसरी बार राजधानी एक्सप्रेस को हादसे का शिकार बनाने की कोशिश के बाद रेलवे प्रशासन और पुलिस ने जांच का दायरा और तेज कर दिया है। इस मामले में रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ), राजकीय रेल पुलिस (जीआरपी), स्थानीय थाना पुलिस तथा फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की टीम संयुक्त रूप से जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर घटना में शामिल लोगों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी की जाएगी।
आसपास के क्षेत्रों का बारीकी से निरीक्षण किया गया
रविवार को एफएसएल की टीम घटनास्थल पर पहुंची और रेलवे ट्रैक के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों का बारीकी से निरीक्षण किया। टीम ने ट्रैक से कई महत्वपूर्ण नमूने एकत्र किए। इसके अलावा उस मकान की छत पर भी जांच की गई, जहां से नीले रंग की सिंटेक्स पानी की टंकी हटाकर रेलवे ट्रैक पर रखे जाने की आशंका व्यक्त की गई है। विजय राय के टोला स्थित मकान की छत से भी वैज्ञानिक जांच के लिए कई नमूने लिए गए हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि टंकी को किस प्रकार हटाया गया और उसमें किन लोगों की भूमिका रही है।
एसएसपी ने सभी पहलुओं पर कार्रवाई के निर्देश दिए
सारण के वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) विनीत कुमार ने रिविलगंज थाने के थानाध्यक्ष राजीव कुमार को मामले की गंभीरता से जांच करने और सभी पहलुओं पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। वहीं, रेल एसपी वीणा कुमारी के निर्देश पर एफएसएल की टीम को मौके पर भेजा गया है। पुलिस का मानना है कि वैज्ञानिक जांच से ऐसे सुराग मिल सकते हैं, जिनके आधार पर आरोपितों तक पहुंचना आसान होगा।
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गौरतलब है कि, शुक्रवार और शनिवार की रात डिब्रूगढ़ से नई दिल्ली जा रही राजधानी एक्सप्रेस जब गौतम स्थान रेलवे स्टेशन के पश्चिमी ढाला से लगभग 110 मीटर पश्चिम विजय राय के टोला के समीप पहुंची, तभी इंजन रेलवे ट्रैक पर रखी भारी पानी की टंकी से टकरा गया। टक्कर के बाद टंकी इंजन के अगले हिस्से में फंस गई। इसके बावजूद लोको पायलट ने तत्काल सूझबूझ दिखाते हुए इमरजेंसी ब्रेक लगाया और ट्रेन को नियंत्रित कर लिया। उनकी सतर्कता के कारण संभावित बड़ा रेल हादसा टल गया और सैकड़ों यात्रियों की जान सुरक्षित बच गई।
असामाजिक तत्वों ने नीचे उतारकर मुख्य रेलवे ट्रैक पर रख दिया था
हालांकि, प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि गांव के एक मकान की छत पर रखी सिंटेक्स पानी की टंकी को अज्ञात असामाजिक तत्वों ने नीचे उतारकर मुख्य रेलवे ट्रैक पर रख दिया था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इतनी भारी टंकी को छत से नीचे उतारने और रेलवे लाइन तक पहुंचाने में कितने लोग शामिल थे। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि घटना केवल शरारत थी या फिर इसके पीछे किसी सुनियोजित साजिश का हाथ था।
जांच के दौरान कुछ संदिग्धों की पहचान की गई
रेल एसपी वीणा कुमारी ने बताया कि जांच के दौरान कुछ संदिग्धों की पहचान की गई है। उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक किसी की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई थी। पुलिस का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों, फॉरेंसिक रिपोर्ट और स्थानीय स्तर पर जुटाई जा रही सूचनाओं के आधार पर जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा।
रेलवे सूत्रों के अनुसार, जिस समय यह घटना हुई, उस समय अप और डाउन दोनों लाइनों से महत्वपूर्ण ट्रेनों का आवागमन निर्धारित था। ऐसे में मुख्य रेलवे ट्रैक पर भारी पानी की टंकी रखा जाना अत्यंत गंभीर सुरक्षा चुनौती माना जा रहा है। यदि लोको पायलट समय रहते इमरजेंसी ब्रेक नहीं लगाते, तो ट्रेन के बेपटरी होने या किसी बड़े हादसे की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता था।
ये भी पढ़ें- 'नई नस्लें बगावत जानती हैं', युवा शायर अक्स की नज़्म बनी छात्र आंदोलन की आवाज; राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा
घटना के बाद रेलवे सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा शुरू
घटना के बाद रेलवे सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा शुरू कर दी गई है। संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ाने, रात्रि गश्त तेज करने और रेलवे ट्रैक के आसपास रहने वाले लोगों से पूछताछ की जा रही है। रेलवे प्रशासन ने स्थानीय लोगों से भी अपील की है कि यदि किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिले तो तत्काल पुलिस या रेलवे सुरक्षा बल को सूचित करें। इस मामले में छपरा जीआरपी थाने के साथ-साथ रिविलगंज थाने में भी प्राथमिकी दर्ज की गई है। जांच एजेंसियां सभी संभावित पहलुओं, जैसे सुनियोजित साजिश, असामाजिक तत्वों की संलिप्तता और रेलवे सुरक्षा से जुड़े अन्य बिंदुओं पर गंभीरता से जांच कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।
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आसपास के क्षेत्रों का बारीकी से निरीक्षण किया गया
रविवार को एफएसएल की टीम घटनास्थल पर पहुंची और रेलवे ट्रैक के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों का बारीकी से निरीक्षण किया। टीम ने ट्रैक से कई महत्वपूर्ण नमूने एकत्र किए। इसके अलावा उस मकान की छत पर भी जांच की गई, जहां से नीले रंग की सिंटेक्स पानी की टंकी हटाकर रेलवे ट्रैक पर रखे जाने की आशंका व्यक्त की गई है। विजय राय के टोला स्थित मकान की छत से भी वैज्ञानिक जांच के लिए कई नमूने लिए गए हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि टंकी को किस प्रकार हटाया गया और उसमें किन लोगों की भूमिका रही है।
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एसएसपी ने सभी पहलुओं पर कार्रवाई के निर्देश दिए
सारण के वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) विनीत कुमार ने रिविलगंज थाने के थानाध्यक्ष राजीव कुमार को मामले की गंभीरता से जांच करने और सभी पहलुओं पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। वहीं, रेल एसपी वीणा कुमारी के निर्देश पर एफएसएल की टीम को मौके पर भेजा गया है। पुलिस का मानना है कि वैज्ञानिक जांच से ऐसे सुराग मिल सकते हैं, जिनके आधार पर आरोपितों तक पहुंचना आसान होगा।
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गौरतलब है कि, शुक्रवार और शनिवार की रात डिब्रूगढ़ से नई दिल्ली जा रही राजधानी एक्सप्रेस जब गौतम स्थान रेलवे स्टेशन के पश्चिमी ढाला से लगभग 110 मीटर पश्चिम विजय राय के टोला के समीप पहुंची, तभी इंजन रेलवे ट्रैक पर रखी भारी पानी की टंकी से टकरा गया। टक्कर के बाद टंकी इंजन के अगले हिस्से में फंस गई। इसके बावजूद लोको पायलट ने तत्काल सूझबूझ दिखाते हुए इमरजेंसी ब्रेक लगाया और ट्रेन को नियंत्रित कर लिया। उनकी सतर्कता के कारण संभावित बड़ा रेल हादसा टल गया और सैकड़ों यात्रियों की जान सुरक्षित बच गई।
असामाजिक तत्वों ने नीचे उतारकर मुख्य रेलवे ट्रैक पर रख दिया था
हालांकि, प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि गांव के एक मकान की छत पर रखी सिंटेक्स पानी की टंकी को अज्ञात असामाजिक तत्वों ने नीचे उतारकर मुख्य रेलवे ट्रैक पर रख दिया था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इतनी भारी टंकी को छत से नीचे उतारने और रेलवे लाइन तक पहुंचाने में कितने लोग शामिल थे। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि घटना केवल शरारत थी या फिर इसके पीछे किसी सुनियोजित साजिश का हाथ था।
जांच के दौरान कुछ संदिग्धों की पहचान की गई
रेल एसपी वीणा कुमारी ने बताया कि जांच के दौरान कुछ संदिग्धों की पहचान की गई है। उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक किसी की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई थी। पुलिस का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों, फॉरेंसिक रिपोर्ट और स्थानीय स्तर पर जुटाई जा रही सूचनाओं के आधार पर जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा।
रेलवे सूत्रों के अनुसार, जिस समय यह घटना हुई, उस समय अप और डाउन दोनों लाइनों से महत्वपूर्ण ट्रेनों का आवागमन निर्धारित था। ऐसे में मुख्य रेलवे ट्रैक पर भारी पानी की टंकी रखा जाना अत्यंत गंभीर सुरक्षा चुनौती माना जा रहा है। यदि लोको पायलट समय रहते इमरजेंसी ब्रेक नहीं लगाते, तो ट्रेन के बेपटरी होने या किसी बड़े हादसे की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता था।
ये भी पढ़ें- 'नई नस्लें बगावत जानती हैं', युवा शायर अक्स की नज़्म बनी छात्र आंदोलन की आवाज; राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा
घटना के बाद रेलवे सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा शुरू
घटना के बाद रेलवे सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा शुरू कर दी गई है। संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ाने, रात्रि गश्त तेज करने और रेलवे ट्रैक के आसपास रहने वाले लोगों से पूछताछ की जा रही है। रेलवे प्रशासन ने स्थानीय लोगों से भी अपील की है कि यदि किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिले तो तत्काल पुलिस या रेलवे सुरक्षा बल को सूचित करें। इस मामले में छपरा जीआरपी थाने के साथ-साथ रिविलगंज थाने में भी प्राथमिकी दर्ज की गई है। जांच एजेंसियां सभी संभावित पहलुओं, जैसे सुनियोजित साजिश, असामाजिक तत्वों की संलिप्तता और रेलवे सुरक्षा से जुड़े अन्य बिंदुओं पर गंभीरता से जांच कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।