Bihar Crime: महिला की हत्या और लूट, लेकिन पुलिस रही निष्क्रिय; विदेश से लौटे पति के आवेदन पर शुरू हुई कार्रवाई
Siwan Crime: बसावनबारी गांव में महिला की हत्या और लूट के बाद पुलिस दो दिनों तक निष्क्रिय रही। विदेश से लौटे पति के आवेदन पर ही जांच शुरू हुई। मासूम बच्चे की गवाही से घटना का विवरण सामने आया। ग्रामीणों ने पुलिस की लापरवाही पर कार्रवाई की मांग की है।
विस्तार
सीवान जिले के बड़हरिया थाना क्षेत्र के बसावनबारी गांव में एक महिला की हत्या और लूट की वारदात ने पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। मंगलवार की रात मुन्ना साह की पत्नी शाहनाज खातून की घर में घुसकर बेरहमी से हत्या कर दी गई। साथ ही घर से 2 लाख रुपये नकद और लगभग 7 लाख रुपये के गहने भी अपराधी ले गए। बुधवार सुबह घटना की जानकारी पुलिस को दे दी गई थी, लेकिन आश्चर्यजनक रूप से थाने ने आवेदन नहीं मिला कहकर कोई कार्रवाई नहीं की।
गांव में भय और आक्रोश, पुलिस केवल इंतजार करती रही
गुरुवार का पूरा दिन बीत गया, लेकिन बड़हरिया थाना न तो घटनास्थल पर पहुंचा और न ही किसी प्रकार की पूछताछ की। हत्या जैसे गंभीर अपराध के बावजूद पुलिस का निष्क्रिय रवैया स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश पैदा कर गया। गांव में चर्चा और भय का माहौल था, लेकिन पुलिस तंत्र केवल शिकायत के औपचारिक आवेदन की प्रतीक्षा करता रहा।
दुबई से लौटे पति ने दिए बयान, बच्चे की गवाही से खुला हत्या का सच
शुक्रवार की सुबह जब मृतका के पति मुन्ना साह दुबई से लौटे और आवेदन दिया, तब जाकर पुलिस ने आनन-फानन में कार्रवाई शुरू की। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया और मामले की जांच प्रारंभ हुई। मुन्ना साह के 5 वर्षीय बेटे ने बताया कि एक अज्ञात व्यक्ति मिठाई का डिब्बा लेकर आया था। उसने बच्चे को मिठाई देने की कोशिश की, लेकिन उसने नहीं ली। इसके बाद वह व्यक्ति घर में घुसा और शाहनाज खातून के साथ मारपीट कर फरार हो गया। घर की तलाशी में नकद और गहने गायब मिले। मृतका की गर्दन पर दबाव के निशान और आंख पर चोट यह दर्शाते हैं कि गला दबाकर निर्मम तरीके से हत्या की गई।
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थाना प्रभारी का बयान बढ़ा रहा सवाल
थाना प्रभारी छोटन कुमार ने कहा कि सूचना तो मिली थी, लेकिन आवेदन नहीं मिला। हत्या जैसे संवेदनशील मामले में इस तरह का बयान पुलिस की संवेदनहीनता को दर्शाता है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि समय पर पहुंचकर पुलिस मजबूत साक्ष्य जुटा सकती थी, लेकिन देरी ने जांच को कमजोर कर दिया और आरोपी को आसानी से भाग निकलने का अवसर मिल गया।
उच्चाधिकारियों से सख्त कार्रवाई की मांग
स्थानीय लोगों ने पुलिस की लापरवाही पर गहरी नाराजगी जताई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि पुलिस समय पर सक्रिय होती, तो घटना का सुराग जल्दी मिल सकता था। अब मांग उठ रही है कि बड़हरिया पुलिस की इस गंभीर चूक के खिलाफ उच्च स्तर पर कार्रवाई हो, ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
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