Asteroid: धरती के करीब तेजी से आ रहा है प्रलय का देवता, क्या पृथ्वी को है कोई खतरा?
Asteroid Apophis: एस्टेरॉयड एपोफिस पृथ्वी की तरफ तेजी से आ रहा है। नासा ने कहा कि एस्टेरॉयड 99942 एपोफिस 13 अप्रैल 2029 को पृथ्वी के सबसे नजदीक होगा।
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Asteroid: एस्टेरॉयड को धरती के लिए खतरा माना जाता है। कहा जाता है कि विशाल एस्टेरॉयड के टक्कर के बाद धरती से डायनासोर का खात्मा हुआ है। अंतरिक्ष में एक विशालकाय तेजी से धरती की तरफ बढ़ रहा है। खगोल वैज्ञानिकों ने कहा कि यह एस्टेरॉयड पृथ्वी के बेहद पास पहुंच सकता है। इसके बार में जानकर मन में डर पैदा हो सकता है। वैज्ञानिकों ने बताया है कि एस्टेरॉयड 99942 एपोफिस 13 अप्रैल 2029 को पृथ्वी के सबसे पास होगा। उस दौरान यह हमारे ग्रह से सिर्फ 32000 किलोमीटर दूर होगा। यह दूरी पृथ्वी और चंद्रमा के बीच की औसत दूरी 384000 किमी के 10वें भाग से भी कम है। एस्टेरॉयड का नाम प्राचीन मिस्र के प्रलय के देवता के नाम पर रखा है।
सैटेलाइट से भी होगा नजदीक
एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, जियो स्टेशनरी सैटेलाइट 35786 पृथ्वी से 35786 किलोमीटर की ऊंचाई पर काम करते हैं। ऐसे में एपोफिस, पृथ्वी से इन सैटेलाइट से भी पास होगा। अमेरिका अंतरिक्ष एजेंसी का कहना है कि धरती से इतने पास होने के बाद भी इसके पृथ्वी से टकराने की संभावना नहीं है। लेकिन इस नजदीक होने की वजह से एस्टेरॉयड के साथ हैरतअंगेज घटना होगी। वैज्ञानिकों ने इस एस्टेरॉयड का नाम प्राचीन मिस्र में प्रलय और तबाही के लिए जिम्मेदार देवता एपोफिस के नाम पर रखा है।
नासा का OSIRIS-APEX स्पेसक्रॉफ्ट पृथ्वी के नजदीक आने वाले इस एस्टेरॉयड पर नजर रखेगा। इस दौरान स्पेसक्रॉफ्ट बदलावों की जांच करने के लिए पास पहुंचेगा। नासा की तरफ से बताया गया है कि पृथ्वी का गुरुत्वाकर्षण एपोफिस के ऑर्बिट को मोड़ देगा। इस घूमने के तरीके को मोड़ देगा और इसकी सतह पर मौजूद ढीला मलबा हिल सकता है।
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एस्टेरॉयड एपोफिस से जुड़ी खास बातें
क्षुद्रग्रह, धातु और चट्टानों के टुकड़े एस्टेरॉयड होते हैं और यह सूर्य की परिक्रमा करते हैं। यह आकार में छोटे बोल्डर से लेकर कई किलोमीटर तक के आकार के हो सकते हैं। एफोसिस का औसत व्यास करीब 340 मीटर है। धरती से सबसे करीब से गुजरने वाले पहला ज्ञात इतना विशाल एस्टेरॉयड होगा। एपोफिस धरती से दूर जाएगा, तो यह बदलता गुरुत्वाकर्षण खिंचाव महसूस करेगा।
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वैज्ञानिकों का कहना है कि इसके टूटने की उम्मीद नहीं है, लेकिन खिंचाव इसे दूसरी कक्षा में लेकर जाएगा। इससे के कारण सूर्य का चक्कर लगाने में वर्तमान की तुलना में थोड़ा अधिक वक्त लगेगा। फिलाहल एपोफिस एक ही धुरी पर घूमने की जगह लड़खड़ाते हुए घूमता है। पृथ्वी का गुरुत्वाकर्ष से इस घूमने की स्थिति में बदलाव होगा। इस घटना से एस्टेरॉयड पर भूकंप की तरह हलचल हो सकती है। बड़े पत्थर खिसक सकते हैं या छोटे भूस्खलन हो सकते हैं। नासा ने कहा कि इस घटना से पृथ्वी, अंतरिक्ष यात्रियों या सैटेलाइट्स को कोई खतरा नहीं है।