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खुश रहने के लिए वजह न ढूंढें: रोजमर्रा के तनाव से थोड़ा ब्रेक लेकर छोटे-छोटे पलों का भरपूर मजा लीजिए, यही...
Sun, 26 Jul 2026 09:27 AM IST
ज्योति भास्कर
मेलिसा किर्श (द न्यूयॉर्क टाइम्स)
मेलिसा किर्श (द न्यूयॉर्क टाइम्स)
Published by: ज्योति भास्कर
Updated Sun, 26 Jul 2026 09:27 AM IST
सार
रोजमर्रा के तनाव से थोड़ा ब्रेक लेकर जिंदगी के छोटे-छोटे पलों का भरपूर मजा लीजिए। सुकून पाने का यही सबसे खूबसूरत तरीका है।
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खुशी
- फोटो : Freepik.com
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विस्तार
मोथी, एक प्यारा-सा रैकून (उत्तरी अमेरिका में पाया जाने वाला स्तनधारी जीव), जिसकी पीठ गोल और पैर पतले-पतले हैं, इस हफ्ते मशहूोर हो गया। सिएटल में उसके इधर-उधर भागने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। यह एक मिसाल है कि प्यार पाने के लिए आपको परफेक्ट होने की जरूरत नहीं है। असल में, जो चीजें हमें दूसरों से अलग बनाती हैं, वही हमें खास बनाती हैं। आप भी कुछ अलग और खास करके अपने जीवन को खुशहाल और आनंदमय बना सकते हैं।
यदि आप नाचने-गाने के शौकीन हैं, तो उसे जरूर पूरा कीजिए। इसका मकसद केवल शौक पूरे करना नहीं, बल्कि खूब मजे करना है। अपने शौक को पूरा करने में जो आनंद है, वह किसी और चीज में नहीं। पिछले हफ्ते फूलों को सजाते हुए मैंने पाया कि मेरे नकारात्मक विचार लगभग पूरी तरह शांत हो गए थे। मैं फूलों को सजाने में इतना मग्न थी कि मेरे दिमाग में आमतौर पर चलने वाली उथल-पुथल अपने आप गायब हो गई थी। तब मुझे नहीं पता था कि मनोविज्ञान में इसे ‘मीनिंगफुल सेल्फ-फॉरगेटफुलनेस’ (सार्थकता के साथ खुद को भूलना) कहते हैं।
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पर, हाल ही में एक लेख में मैंने इस शब्द के बारे में पढ़ा, जिसे डेनमार्क की मनोवैज्ञानिक और लेखिका ऐनी किर्केटरप ने गढ़ा है। उन्होंने कहा कि जब हम कोई ऐसी चीज करते हैं, जिसमें पूरे ध्यान की जरूरत होती है, तो मन में लगातार चलने वाला शोर या नकारात्मक विचार गायब हो जाते हैं। ऐसे में, आप दिमाग की तेजी और एकाग्रता के उन बेहतरीन पलों में डूबे होते हैं, जिसे फ्लो स्टेट कहा जाता है। फ्लो स्टेट वे पल होते हैं, जब सब कुछ सही लगता है, आप जिंदादिली महसूस करते हैं और अपने काम में पूरी तरह मशगूल हो जाते हैं।
अगर आप ऐसी जगह रहते हैं, जहां हवा की सरसराहट और पक्षियों की आवाज सुनाई देती है, तो अच्छी बात है। पर, यदि आप ज्यादा शोर-शराबे वाली, पड़ोसियों के शोर से दूर कुछ शांति चाहते हैं, तो आपको प्रकृति का साथ पसंद आ सकता है। पत्रकार मार्था गेलहॉर्न ने अपने पूर्व पति अर्नेस्ट हेमिंग्वे के बारे में लिखा था कि मजे के बारे में उनकी हमेशा सही सोच थी, यानी जब मौका मिले, तो मजा ले लो। हो सकता है कि आप जितना मजा चाहतेे हैं, उतना ले भी रहे हों। या थोड़े और की इच्छा हो।
खामियों को स्वीकारिये और रोजमर्रा के तनाव से ब्रेक लेकर जिंदगी के छोटे-छोटे पलों का भरपूर मजा लीजिए। सुकून पाने का यही सबसे खूबसूरत तरीका है।
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यदि आप नाचने-गाने के शौकीन हैं, तो उसे जरूर पूरा कीजिए। इसका मकसद केवल शौक पूरे करना नहीं, बल्कि खूब मजे करना है। अपने शौक को पूरा करने में जो आनंद है, वह किसी और चीज में नहीं। पिछले हफ्ते फूलों को सजाते हुए मैंने पाया कि मेरे नकारात्मक विचार लगभग पूरी तरह शांत हो गए थे। मैं फूलों को सजाने में इतना मग्न थी कि मेरे दिमाग में आमतौर पर चलने वाली उथल-पुथल अपने आप गायब हो गई थी। तब मुझे नहीं पता था कि मनोविज्ञान में इसे ‘मीनिंगफुल सेल्फ-फॉरगेटफुलनेस’ (सार्थकता के साथ खुद को भूलना) कहते हैं।
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पर, हाल ही में एक लेख में मैंने इस शब्द के बारे में पढ़ा, जिसे डेनमार्क की मनोवैज्ञानिक और लेखिका ऐनी किर्केटरप ने गढ़ा है। उन्होंने कहा कि जब हम कोई ऐसी चीज करते हैं, जिसमें पूरे ध्यान की जरूरत होती है, तो मन में लगातार चलने वाला शोर या नकारात्मक विचार गायब हो जाते हैं। ऐसे में, आप दिमाग की तेजी और एकाग्रता के उन बेहतरीन पलों में डूबे होते हैं, जिसे फ्लो स्टेट कहा जाता है। फ्लो स्टेट वे पल होते हैं, जब सब कुछ सही लगता है, आप जिंदादिली महसूस करते हैं और अपने काम में पूरी तरह मशगूल हो जाते हैं।
अगर आप ऐसी जगह रहते हैं, जहां हवा की सरसराहट और पक्षियों की आवाज सुनाई देती है, तो अच्छी बात है। पर, यदि आप ज्यादा शोर-शराबे वाली, पड़ोसियों के शोर से दूर कुछ शांति चाहते हैं, तो आपको प्रकृति का साथ पसंद आ सकता है। पत्रकार मार्था गेलहॉर्न ने अपने पूर्व पति अर्नेस्ट हेमिंग्वे के बारे में लिखा था कि मजे के बारे में उनकी हमेशा सही सोच थी, यानी जब मौका मिले, तो मजा ले लो। हो सकता है कि आप जितना मजा चाहतेे हैं, उतना ले भी रहे हों। या थोड़े और की इच्छा हो।
खामियों को स्वीकारिये और रोजमर्रा के तनाव से ब्रेक लेकर जिंदगी के छोटे-छोटे पलों का भरपूर मजा लीजिए। सुकून पाने का यही सबसे खूबसूरत तरीका है।