सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Father's Day 2026 father defied the odds for his son dream quitting his High Court job to head to Mumbai

Father's Day: बेटे के सपने के लिए पिता ने किस्मत से लिया पंगा, हाईकोर्ट की नौकरी छोड़ किया मुंबई का रुख

माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून Published by: Alka Tyagi Updated Sun, 21 Jun 2026 02:34 PM IST
विज्ञापन
सार

हरिद्वार निवासी दीपक भसीन ने अपने बेटे यज्ञ भसीन के सपने को साकार करने के लिए बड़ा फैसला लिया।

Father's Day 2026 father defied the odds for his son dream quitting his High Court job to head to Mumbai
यज्ञ भसीन के पिता - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विज्ञापन

विस्तार

एक पिता अपने बेटे के सपने के लिए कितना आगे जा सकता है इसकी मिसाल हैं दीपक भसीन। उत्तराखंड हाईकोर्ट की स्थायी नौकरी छोड़कर वह बेटे यज्ञ भसीन को अभिनेता बनाने के लिए मुंबई पहुंच गए। अनजान शहर, सीमित संसाधन और आर्थिक चुनौतियों के बावजूद हार नहीं मानी। संघर्ष के बाद बेटे को एक्टर बनाया। बेटे ने कंगना रनौत की फिल्म पंगा से अपना डेब्यू किया।



हरिद्वार निवासी दीपक भसीन ने अपने बेटे यज्ञ भसीन के सपने को साकार करने के लिए बड़ा फैसला लिया। उत्तराखंड हाईकोर्ट से उन्होंने साल 2017 में अपने बेटे के अभिनेता बनने के सपने को पूरा करने के लिए सरकारी नौकरी छोड़ दी और परिवार सहित मुंबई चले गए।
विज्ञापन
विज्ञापन


पढ़ाई में शुरू से ही मेधावी दीपक के पिता चाहते थे कि वह सरकारी नौकरी करें। उनकी पहली नियुक्ति एक सरकारी स्कूल में प्राथमिक शिक्षक के रूप में हुई। इसके बाद उन्होंने उत्तराखंड हाईकोर्ट की भर्ती परीक्षा दी और चयनित हो गए और 14 साल वहां काम किया।
विज्ञापन


International Yoga Day: सरकारी नौकरी नहीं मिली तो आत्मनिर्भर बन रहे युवा, समाज को दे रहे स्वस्थ जीवन का संदेश

उन्होंने बताया कि मुंबई पहुंचने के बाद उनके संघर्ष का असली दौर शुरू हुआ। वहां उनका कोई परिचित नहीं था। सबसे पहले रहने की व्यवस्था की और फिर बेटे का स्कूल में दाखिला कराया जिससे उसकी पढ़ाई प्रभावित न हो। लोगों से जानकारी जुटाकर उन्होंने अभिनय की दुनिया को समझा और ऑडिशन की प्रक्रिया सीखी।

संघर्ष के दिनों में आर्थिक स्थिति भी बेहद कठिन हो गई। एक समय ऐसा आया जब उनके पास पैसे तक खत्म हो गए। दीपक बताते हैं कि एक बार ऑडिशन के लिए जाते समय रास्ते में नदी आ गई। समय कम था इसलिए उन्होंने बेटे को गोद में उठाकर नदी पार कराई और समय पर ऑडिशन तक पहुंचाया।

50 से ज्यादा ऑडिशन के बाद मिली पहचान
उन्होंने बताया कि लगातार तीन-चार महीनों में करीब 50 से 55 ऑडिशन देने के बाद यज्ञ को एक टीवी सीरियल में काम मिला। शुरुआत में उसे केवल तीन दिन का रोल दिया गया था लेकिन उसके अभिनय से प्रभावित होकर निर्देशक ने उसे तीन दिन की जगह तीन महीने तक शो में बनाए रखा। इसके बाद यज्ञ को फिल्म पंगा में काम करने का अवसर मिला और फिर एक टीवी शो से उन्हें दर्शकों का प्यार मिला।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed