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Chamoli: वसुधारा ट्रैक की सफाई का जिम्मा संभालेगी माणा की ईडीसी, बुग्यालों को प्लास्टिक कचरे से बचाने की पहल

Mon, 27 Jul 2026 11:03 AM IST
Renu Saklani प्रमोद सेमवाल, संवाद न्यूज एजेंसी, गोपेश्वर (चमोली)
प्रमोद सेमवाल, संवाद न्यूज एजेंसी, गोपेश्वर (चमोली) Published by: Renu Saklani Updated Mon, 27 Jul 2026 11:03 AM IST
सार

वसुधारा ट्रैक की सफाई का जिम्मा माणा की ईडीसी संभालेगी। बुग्यालों को प्लास्टिक कचरे से बचाने की पहल की गई है।

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Mana Eco-Development Committee to take charge of cleaning Vasudhara trek Initiative to protect bugyal
वसुधारा ट्रैक - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

देश के प्रथम गांव माणा से करीब पांच किलोमीटर दूर स्थित प्रसिद्ध धार्मिक एवं पर्यटन स्थल वसुधारा ट्रैक पर अब साफ-सफाई और संरक्षण की जिम्मेदारी माणा गांव की इको डेवलपमेंट कमेटी (ईडीसी) संभालेगी।

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नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क प्रशासन ने वन पंचायत माणा के अधीन आने वाले इस क्षेत्र में बढ़ते प्लास्टिक कचरे और पर्यावरणीय चुनौतियों को देखते हुए ईडीसी के गठन का निर्णय लिया है। इस पहल से जहां ट्रैक पर स्वच्छता व्यवस्था मजबूत होगी, वहीं स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

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चारधाम यात्रा के दौरान हर वर्ष लाखों श्रद्धालु वसुधारा जलप्रपात देखने के लिए पहुंचते हैं, लेकिन ट्रैक पर पर्याप्त सफाई व्यवस्था न होने से प्लास्टिक की बोतलें, चिप्स के रैपर और अन्य कचरा जगह-जगह बिखरा रहता है। तेज हवा के कारण यह कचरा आसपास के बुग्यालों तक फैल जाता है, जिससे हिमालयी जैव विविधता और प्राकृतिक सौंदर्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।

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साफ-सफाई के लिए माणा गांव की ईडीसी गठित की जाएगी।
वसुधारा पहुंचे तमिलनाडु की श्रद्धालु नंदिनी और बीकानेर के कमल स्वामी ने कहा कि इतने पवित्र और प्राकृतिक स्थल पर प्लास्टिक कचरे का बिखरा होना चिंता का विषय है। यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो इसका दुष्प्रभाव बुग्यालों की नाजुक पारिस्थितिकी पर पड़ेगा।
 

नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क के प्रभागीय वनाधिकारी अभिमन्यु ने बताया कि वसुधारा ट्रैक के संरक्षण और नियमित साफ-सफाई के लिए माणा गांव की ईडीसी गठित की जाएगी। स्थानीय समुदाय की भागीदारी से न केवल प्लास्टिक कचरे पर प्रभावी नियंत्रण होगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। साथ ही स्थानीय युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराते हुए इस महत्वपूर्ण हिमालयी ट्रैक को स्वच्छ और सुरक्षित बनाए रखने का प्रयास किया जाएगा।
 

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पांडव पुत्र सहदेव ने त्यागे थे प्राण

समुद्र तल से लगभग 12 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित वसुधारा जलप्रपात अपनी करीब 400 फीट ऊंची जलधारा, मनमोहक प्राकृतिक छटा और धार्मिक मान्यताओं के कारण देश-विदेश के श्रद्धालुओं और पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र है। ऐसी मान्यता है कि इसी वसुधारा क्षेत्र के पास ही पांडव पुत्र सहदेव ने अपने प्राण त्यागे थे।

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