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Delhi: मार्च तक दिल्ली में दौड़ेंगी 1500 नई इलेक्ट्रिक बसें, इस महीने तक कुल 6800 ई-बसें करने का लक्ष्य
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: विजय पुंडीर
Updated Sat, 24 Jan 2026 10:28 PM IST
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सार
वर्तमान में कुल 5250 बसें चल रही हैं, जिनमें 2740 बसें दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) और 2510 बसें दिल्ली इंटीग्रेटेड मल्टीमॉडल ट्रांजिट सिस्टम (डिम्ट्स) की हैं। नई इलेक्ट्रिक बसों का निर्माण कार्य प्रगति पर है।
ई बस
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
दिल्ली की सड़कों पर मार्च तक 1500 नई इलेक्ट्रिक बसें दौड़ेंगी। इन्हें चरणबद्ध तरीके से सड़कों पर उतारा जाएगा। नई बसें 9 मीटर और 12 मीटर लंबाई की होंगी। इनसे प्रदूषण और परिचालन लागत दोनों कम होने की उम्मीद है। सरकार ने मार्च तक 6800 बसें करने का लक्ष्य रखा है।
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दिल्ली की सड़कों पर रोजाना करीब 40 लाख यात्री बसों में सफर करते हैं। लेकिन बस नेटवर्क लंबे समय से भारी दबाव में है। बसों की कमी के कारण पीक ऑवर में हालात ऐसे हो जाते हैं कि यात्रियों को बसों में चढ़ने तक की जगह नहीं मिलती। इसी संकट के बीच दिल्ली सरकार ने बसें बढ़ाने का लक्ष्य रखा है, जिससे यात्रियों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। वर्तमान में कुल 5250 बसें चल रही हैं, जिनमें 2740 बसें दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) और 2510 बसें दिल्ली इंटीग्रेटेड मल्टीमॉडल ट्रांजिट सिस्टम (डिम्ट्स) की हैं। नई इलेक्ट्रिक बसों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। दिल्ली परिवहन विभाग के पूर्व उपायुक्त और परिवहन विशेषज्ञ डॉ अनिल कुमार चिकारा का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि दिल्ली को कम से कम 11,000 बसों की जरूरत है। मौजूदा योजना पूरी होने के बाद भी राजधानी इस मानक से करीब 4200 बसें पीछे रहेगी।
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1 अप्रैल से डीटीसी के हाथों में पूरी कमान
दिल्ली सरकार ने दिसंबर में हुई कैबिनेट बैठक में डिम्ट्स को समाप्त करने का फैसला लिया है। इसके तहत 1 अप्रैल से डिम्ट्स के अधीन चल रही सभी बसें डीटीसी के नियंत्रण में आ जाएंगी। सरकार का दावा है कि एकछत्र संचालन से बस सेवाएं अधिक प्रभावी होंगी, टाइमिंग सुधरेगी और यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। ये फैसला तभी असरदार होगा, जब बसों की संख्या और डिपो-इंफ्रास्ट्रक्चर दोनों में समानांतर बढ़ोतरी होगी।