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Delhi Crime: ई-चालान के मैसेज में एपीके फाइल भेजकर फोन हैक, क्रेडिट कार्ड से पैसे निकाले, दो गिरफ्तार

अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: विजय पुंडीर Updated Sat, 24 Jan 2026 10:03 PM IST
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सार

आरोपी फास्टैग पेमेंट को अमेजन गिफ्ट कार्ड में बदलकर ठगी को अंजाम दे रहे थे। इनके कब्जे से पुलिस ने 70 मोबाइल फोन, 10 लैपटॉप, 37 एटीएम कार्ड, 10 पासबुक और 467 सिम कार्ड बरामद किए हैं। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।

An inter-state gang involved in phone hacking and fraud has been busted, and two accused have been arrested
Delhi police - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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पश्चिम जिला साइबर सेल ने ई-चालान का मैसेज भेजकर एपीके फाइल के जरिए फोन हैक कर ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा किया है। पुलिस ने श्री गंगानगर राजस्थान से दो जालसाजों को गिरफ्तार किया है। इनकी पहचान घनश्याम और नरेश के रूप में हुई है। आरोपी फास्टैग पेमेंट को अमेजन गिफ्ट कार्ड में बदलकर ठगी को अंजाम दे रहे थे। इनके कब्जे से पुलिस ने 70 मोबाइल फोन, 10 लैपटॉप, 37 एटीएम कार्ड, 10 पासबुक और 467 सिम कार्ड बरामद किए हैं। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।

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जिला पुलिस उपायुक्त दरादे शरद भास्कर ने बताया कि शिकायतकर्ता ने साइबर सेल में ठगी की शिकायत की, जिसमें उन्होंने बताया कि उनके व्हाट्सएप पर एक ई-चालान मैसेज मिला। जिसमें एक एपीके फाइल थी। फाइल खोलते ही उनका मोबाइल फोन हैक हो गया और उसके क्रेडिट कार्ड से एक लाख रुपये निकाल लिए गए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने उन बैंक खातों की पड़ताल की, जिनमें ठगी की रकम गई थी। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि जालसाजों ने धोखाधड़ी की रकम का इस्तेमाल पहले फास्टैग पेमेंट के लिए किया। बाद में उसे अमेजन गिफ्ट कार्ड में बदल दिया। रकम आईडीएफसी बैंक खाते में जमा की गई थी, जिससे कई फास्टैग जुड़े हुए थे। तकनीकी जांच, गाड़ी की जानकारी और डिजिटल सबूतों से पता चला कि ठगी श्रीगंगानगर राजस्थान से हो रही है। जहां बंसरी कंपनी नाम के एक फर्म का पता चला, जिसके जरिए ठगी को अंजाम दिया जा रहा था।
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पुलिस ने वहां से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी घनश्याम ने बताया कि उसने बंसरी ब्रदर्स और वेंचर्स नाम से फर्म खोली हुई है। फर्म बिजली बिल जैसे बिलों के पेमेंट के लिए ई-मित्र सेवाओं से जुड़ी थी, इससे उन्हें कमीशन मिलता था। लेकिन मुनाफा कम होने से आरोपी ठगी के लिए अपने खातों का इस्तेमाल करने लगे। अलग-अलग गाड़ियों पर जारी किए गए फास्टैग के पैसे बैंक खातों में आने के बाद आरोपी उससे अमेजन गिफ्ट कार्ड खरीदकर धोखाधड़ी करने लगे। पुलिस अधिकारी ने बताया कि घनश्याम एमबीए है, वहीं नरेश 12 वीं कक्षा तक पढ़ा है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपियों के बैंक खाता देश भर के ठगी की शिकायतों से जुड़ा पाया गया है।

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