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Delhi: अगले साल से निजी स्कूलों में बिना आधार कार्ड नहीं मिलेगा दाखिला, EWS श्रेणी के एडमिशन में होगा अनिवार्य

अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: विजय पुंडीर Updated Thu, 21 Jul 2022 05:23 AM IST
सार

दिल्ली के निजी स्कूलों में अगले साल से ईडब्लयूएस, डीजी, सीडब्लयूएसएन श्रेणी के बच्चों के दाखिले के लिए आधार अनिवार्य कर दिया गया है। 

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school - फोटो : istock
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विस्तार

दिल्ली के निजी स्कूलों में अगले साल से नर्सरी से पहली कक्षा में आधार कार्ड के बिना दाखिला नहीं मिलेगा। शिक्षा निदेशालय ने आर्थिक पिछड़े वर्ग (ईडब्लयूएस), वंचित वर्ग (डीजी), व विशेष जरुरत वाले बच्चों (सीडब्लयूएसएन) के दाखिले के लिए आधार को अनिवार्य कर दिया है। यह नई व्यवस्था निजी स्कूलों में शैक्षणिक सत्र 2023-24 से लागू होगी। अब तक दाखिले के लिए आधार कार्ड को वैकल्पिक बनाया गया था। 



शिक्षा निदेशक हिमांशु गुप्ता की ओर से आधार कार्ड की अनिवार्यता को लेकर एक परिपत्र जारी किया है।  इस परिपत्र में कहा गया है कि अगले शैक्षणिक सत्र से इन छात्रों को दाखिले के लिए आधार कार्ड अनिवार्य कर दिया गया है। इस नियम में बदलाव करने के पीछे निदेशालय का उदे्श्य यह है कि जरुरतमंदो को इसका लाभ मिले। निदेशालय के अनुसार काफी विचार-विमर्श के बाद यह निर्णय लिया गया है। दरअसल शिक्षा निदेशालय को इन वर्गों के दाखिले में गड़बड़ी मिल रही थी। कई आवेदकों को कई स्कूलों में दाखिला लेते भी देखा गया। 

निदेशालय के अनुसार यह देखा गया कि दाखिले में आवेदकों की ओर से पते, नाम या किसी अन्य संबंधित व्यक्तिगत विवरण में हेरफेर कर कई आवेदन किए जा रहे हैं। जिससे कि कम्प्यूटरीकृत ड्रॉ में उनके चयन की संभावनाएं बढ़ जाए। इससे आवेदकों को कई स्कूलों में दाखिला भी लिया। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि आधार कार्ड की अनिवार्यता नहीं थी। ऐसे मामलों को रोकने के लिए आधार कार्ड को अनिवार्य किया जा रहा है। इससे वास्तविक रुप से ईडब्लयूएस, वंचित वर्ग व विशेष जरुरत वाले बच्चों को दाखिले का लाभ मिल सकेगा। 

परिपत्र में स्पष्ट किया गया है कि पंजीकरण केसमय आधार कार्ड के लिए एकत्र की गई जानकारी केवल न्यूनतम होगी। इससे संबंधित व्यक्तिगत विवरण किसी अन्य एजेंसी के साथ साझा नहीं किए जाएंगे। मालूम हो कि मुफ्त एवं अनिवार्य शिक्षा कानून 2009 की धारा 12(1) (सी) केतहत सभी निजी स्कूल प्रवेश स्तर की कक्षाओं की 25 फीसदी सीटों पर ईडब्लयूएस, वंचित वर्ग, व विशेष जरुरत वाले बच्चों को दाखिला देने के लिए बाध्य है। 
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