{"_id":"6a5932394efb2527bb00b8e2","slug":"210-devotees-received-initiation-at-divyadham-conveying-a-message-of-social-harmony-faridabad-news-c-26-1-fbd1021-75063-2026-07-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Faridabad News: दिव्यधाम में 210 श्रद्धालुओं ने ग्रहण की दीक्षा, सामाजिक समरसता का दिया संदेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Faridabad News: दिव्यधाम में 210 श्रद्धालुओं ने ग्रहण की दीक्षा, सामाजिक समरसता का दिया संदेश
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फरीदाबाद। सूरजकुंड मार्ग स्थित श्री सिद्धदाता आश्रम में बृहस्पतिवार को दीक्षांत समारोह आयोजित किया गया। समारोह में दिल्ली-एनसीआर सहित हरियाणा, राजस्थान, पंजाब, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड व विदेशों से आए करीब 210 श्रद्धालुओं ने दीक्षा ग्रहण कर आध्यात्मिक जीवन की ओर कदम बढ़ाया।
कार्यक्रम में श्रीपुरुषोत्तमाचार्य महाराज ने श्रद्धालुओं को विधि-विधान से दीक्षा प्रदान की। समारोह की शुरुआत हवन-यज्ञ से हुई। इसके बाद पंच दीक्षा संस्कार के अंतर्गत यज्ञोपवीत धारण, शंख-चक्र चिह्न, आध्यात्मिक नामकरण, उर्ध्व-पुंड्र तिलक तथा मूल मंत्र की दीक्षा दी गई। श्रद्धालुओं को मंत्र जाप की विधि भी बताई गई।
इस अवसर पर स्वामी श्रीपुरुषोत्तमाचार्य महाराज ने कहा कि श्रीरामानुज संप्रदाय का मूल संदेश सामाजिक समरसता और मानव कल्याण है। उन्होंने कहा कि भक्ति में किसी प्रकार का भेदभाव नहीं होना चाहिए और समाज के अंतिम व्यक्ति के कल्याण की भावना ही इस संप्रदाय की पहचान है। उन्होंने श्रद्धालुओं से दीक्षा के बाद सात्विक जीवन अपनाने और ईश्वर के नाम का निरंतर स्मरण करने का आह्वान किया। समारोह के दौरान संगीतमय भजन-कीर्तन से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
कार्यक्रम में श्रीपुरुषोत्तमाचार्य महाराज ने श्रद्धालुओं को विधि-विधान से दीक्षा प्रदान की। समारोह की शुरुआत हवन-यज्ञ से हुई। इसके बाद पंच दीक्षा संस्कार के अंतर्गत यज्ञोपवीत धारण, शंख-चक्र चिह्न, आध्यात्मिक नामकरण, उर्ध्व-पुंड्र तिलक तथा मूल मंत्र की दीक्षा दी गई। श्रद्धालुओं को मंत्र जाप की विधि भी बताई गई।
विज्ञापन
इस अवसर पर स्वामी श्रीपुरुषोत्तमाचार्य महाराज ने कहा कि श्रीरामानुज संप्रदाय का मूल संदेश सामाजिक समरसता और मानव कल्याण है। उन्होंने कहा कि भक्ति में किसी प्रकार का भेदभाव नहीं होना चाहिए और समाज के अंतिम व्यक्ति के कल्याण की भावना ही इस संप्रदाय की पहचान है। उन्होंने श्रद्धालुओं से दीक्षा के बाद सात्विक जीवन अपनाने और ईश्वर के नाम का निरंतर स्मरण करने का आह्वान किया। समारोह के दौरान संगीतमय भजन-कीर्तन से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। संवाद
विज्ञापन