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Bulandshahar News: जीपीएस से होगी गन्ना फसल की सटीक माप, एक मई से डिजिटल सर्वे

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 21 Apr 2026 10:18 PM IST
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GPS to Ensure Precise Measurement of Sugarcane Crops; Digital Survey Begins May 1st.
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बुलंदशहर। जिले में एक मई से गन्ना सर्वेक्षण शुरु हो जाएगा। यह प्रक्रिया 30 जून तक चलेगी। सर्वे के लिए गन्ना विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। गन्ना सर्वेक्षण जीपीएस का प्रयोग होगा, जिससे सटीक माप हो सके। शरद कालीन और बसंत कालीन दोनों ही गन्ने का सर्व किया जाएगा। पिछले वर्ष जिले में 83,210 हेक्टेयर गन्ने की फसल का रकबा था।
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जिला गन्ना अधिकारी अनिल कुमार भारती ने बताया कि सर्वे नीति में पारदर्शिता के लिए किसान को पूर्व सूचना देने पर जोर दिया गया है। किसानों को सर्वे टीम के खेत पर पहुंचने की तारीख और टीम इंचार्ज के नाम और मोबाइल नंबर की सूचना तीन दिन पूर्व एसएमएस के माध्यम से दी जाएगी। संयुक्त टीम बनाकर सर्वेक्षण कार्य कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि इसमें राजकीय गन्ना पर्यवेक्षक, चीनी मिल कार्मिक के साथ संबंधित सर्किल के किसान की उपस्थिति अनिवार्य होगी। किसानों को अपना घोषणा पत्र स्वयं आनलाइन भरना होगा। जिन किसानों का आनलाइन घोषणा पत्र उपलब्ध नहीं होगा, उनका सट्टा आगामी पेराई सत्र 2026-27 में बंद किया जा सकता है। सर्वे से पूर्व होने वाले प्रशिक्षण के दौरान विभाग के ज्येष्ठ गन्ना विकास अधिकारी, जिला सहकारी गन्ना विकास समिति सचिव, राजकीय गन्ना पर्यवेक्षक, चीनी मिल के अधिकारी व गन्ना पर्यवेक्षक मौजूद रहेंगे। उन्होंने बताया कि सर्वे की पूरी प्रक्रिया को ई-गन्ना ऐप और ऑनलाइन डेटा प्रबंधन प्रणाली के साथ जोड़ा गया है ताकि बुवाई से लेकर पर्ची कटने तक की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी रहे। प्रत्येक खेत की सटीक लोकेशन और क्षेत्रफल का डेटा सीधे मुख्यालय के सर्वर पर दर्ज होगा जिससे बाद में रकबा घटने या बढ़ने जैसी शिकायतों का निस्तारण आसानी से हो सकेगा। वहीं, दूसरी ओर सर्वे के काम को समय पर पूरा करने के लिए विभाग ने ग्राम वार टीमें गठित कर दी हैं, जिन्हें 27 अप्रैल से विशेष तकनीकी प्रशिक्षण दिया जाएगा। सर्वे कर्मी मौके पर जाकर मोबाइल ऐप के माध्यम से फसल की किस्म, खेत की स्थिति और किसान की जानकारी रियल-टाइम मोड में अपलोड करेंगे। इस बार सर्वेक्षण की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी किसान की मौके पर उपस्थिति होगी। किसानों द्वारा ऑनलाइन भरे गए घोषणा पत्रों का मिलान मौके पर ही डिजिटल डेटा से किया जाएगा। यदि सर्वे के दौरान किसान स्वयं उपस्थित रहता है, डेटा की पुष्टि तत्काल होगी, जिससे भविष्य में किसी भी प्रकार के संशोधन या सुधार के लिए कार्यालय के चक्कर काटने की मजबूरी खत्म हो जाएगी।
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