{"_id":"6a2031f6de55cf2ca40f4f5f","slug":"bulldozer-used-to-free-tourism-departments-land-from-encroachment-in-sohna-gurgaon-news-c-24-1-fbd1020-90163-2026-06-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gurugram News: सोहना में पर्यटन विभाग की भूमि कब्जामुक्त करवाने के लिए चला बुलडोजर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gurugram News: सोहना में पर्यटन विभाग की भूमि कब्जामुक्त करवाने के लिए चला बुलडोजर
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
साढ़े नौ एकड़ भूमि में बने हैं अवैध आशियाने, भारी संख्या में पुलिस बल रहा मौजूद
प्रशासन ने मुनादी कराकर लोगों को मकान खाली करने की दी थी चेतावनी
संवाद न्यूज एजेंसी
सोहना। क्षेत्र में पर्यटन विभाग की भूमि पर अवैध रूप से बने मकानों को प्रशासन ने बुधवार को बुलडोजर चला कर ध्वस्त कर दिया। निर्माणों को तोड़ने से पूर्व प्रशासन ने मुनादी कर मकानों को खाली करने की चेतावनी दे दी थी जिसके बाद लोगों ने सामान समेट कर दूसरे स्थानों पर पलायन कर लिया था। एक तरफ लोगों की भारी भीड़ जमा थी, वहीं किसी अप्रिय घटना से निपटने के लिए भारी पुलिस बल भी तैनात था।
बुधवार को प्रशासन की ओर से कस्बे के वार्ड नंबर-13 में बनी पीर कॉलोनी पर बुलडोजर चलाकर अवैध रूप से बने निर्माणों को तोड़ डाला। कॉलोनी में बने निर्माण पूर्ण रूप से अवैध थे जो पर्यटन विभाग की भूमि में निर्मित थे। भूमि का कुल रकबा करीब साढ़े नौ एकड़ है। पीर कॉलोनी में करीब 250 मकान निर्मित बताए जाते हैं जिनमें लोग वर्षों से निवास करते थे।
8 घंटे बाद शुरू हुई कार्यवाही
प्रशासन की ओर से पीर कॉलोनी में कार्रवाई करने के लिए बुधवार की सुबह 8 बजे का समय तय किया गया था। इस कारण पुलिस जवान, जेसीबी, फायर ब्रिगेड, एम्बुलेंस आदि सुबह से ही तैयार थीं। किन्तु गतिरोध के कारण आखिरकार प्रशासन का अमला कॉलोनी में शाम 4 बजे पहुंचा और कार्रवाई शुरू हुई।
विज्ञापन
लोगों ने अपने आप मकान किए खाली।
प्रशासन के आदेशों पर कॉलोनी में रहने वाले लोगों ने अपने मकानों को स्वयं ही खाली कर डाला था। अधिकतर लोग समय पर सामान को निजी वाहनों में भरकर दूसरे स्थान पर ले गए थे, वहीं कुछ लोग बचा हुआ सामान बुधवार को भी ले जाते हुए दिखे। लोगों ने अपने सामान के अलावा गार्डर, सरिया, ईंट, दरवाजों, खिड़की आदि को भी नहीं छोड़ा।
अदालती आदेश पर हुई कार्रवाई
पर्यटन विभाग की भूमि पर बसे लोगों की ओर से गत दिनों माननीय अदालत में याचिका दायर करके गुहार लगाई थी। किंतु अदालत में फैसला पर्यटन विभाग के पक्ष में दिया था। इसके अलावा कालोनीवासियों ने राजनेताओं के दरबार में भी आशियानों को बचाने की गुहार लगाई थी। नोडल अधिकारी आरएस बाठ ने कहा कि यह कार्रवाई अदालती आदेशों को अमलीजामा पहनाने के लिए की गई है। निर्माण अवैध हैं जिनको पूर्ण रूप से ध्वस्त किया जाएगा।
प्रशासन ने मुनादी कराकर लोगों को मकान खाली करने की दी थी चेतावनी
संवाद न्यूज एजेंसी
सोहना। क्षेत्र में पर्यटन विभाग की भूमि पर अवैध रूप से बने मकानों को प्रशासन ने बुधवार को बुलडोजर चला कर ध्वस्त कर दिया। निर्माणों को तोड़ने से पूर्व प्रशासन ने मुनादी कर मकानों को खाली करने की चेतावनी दे दी थी जिसके बाद लोगों ने सामान समेट कर दूसरे स्थानों पर पलायन कर लिया था। एक तरफ लोगों की भारी भीड़ जमा थी, वहीं किसी अप्रिय घटना से निपटने के लिए भारी पुलिस बल भी तैनात था।
बुधवार को प्रशासन की ओर से कस्बे के वार्ड नंबर-13 में बनी पीर कॉलोनी पर बुलडोजर चलाकर अवैध रूप से बने निर्माणों को तोड़ डाला। कॉलोनी में बने निर्माण पूर्ण रूप से अवैध थे जो पर्यटन विभाग की भूमि में निर्मित थे। भूमि का कुल रकबा करीब साढ़े नौ एकड़ है। पीर कॉलोनी में करीब 250 मकान निर्मित बताए जाते हैं जिनमें लोग वर्षों से निवास करते थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
8 घंटे बाद शुरू हुई कार्यवाही
प्रशासन की ओर से पीर कॉलोनी में कार्रवाई करने के लिए बुधवार की सुबह 8 बजे का समय तय किया गया था। इस कारण पुलिस जवान, जेसीबी, फायर ब्रिगेड, एम्बुलेंस आदि सुबह से ही तैयार थीं। किन्तु गतिरोध के कारण आखिरकार प्रशासन का अमला कॉलोनी में शाम 4 बजे पहुंचा और कार्रवाई शुरू हुई।
Trending Videos
लोगों ने अपने आप मकान किए खाली।
प्रशासन के आदेशों पर कॉलोनी में रहने वाले लोगों ने अपने मकानों को स्वयं ही खाली कर डाला था। अधिकतर लोग समय पर सामान को निजी वाहनों में भरकर दूसरे स्थान पर ले गए थे, वहीं कुछ लोग बचा हुआ सामान बुधवार को भी ले जाते हुए दिखे। लोगों ने अपने सामान के अलावा गार्डर, सरिया, ईंट, दरवाजों, खिड़की आदि को भी नहीं छोड़ा।
अदालती आदेश पर हुई कार्रवाई
पर्यटन विभाग की भूमि पर बसे लोगों की ओर से गत दिनों माननीय अदालत में याचिका दायर करके गुहार लगाई थी। किंतु अदालत में फैसला पर्यटन विभाग के पक्ष में दिया था। इसके अलावा कालोनीवासियों ने राजनेताओं के दरबार में भी आशियानों को बचाने की गुहार लगाई थी। नोडल अधिकारी आरएस बाठ ने कहा कि यह कार्रवाई अदालती आदेशों को अमलीजामा पहनाने के लिए की गई है। निर्माण अवैध हैं जिनको पूर्ण रूप से ध्वस्त किया जाएगा।