{"_id":"6a2031de5d669a77e70778bd","slug":"even-after-the-cms-green-signal-work-on-the-project-did-not-start-gurgaon-news-c-24-1-fbd1020-90171-2026-06-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gurugram News: सीएम की हरी झंडी के बाद भी परियोजना शुरू नहीं हुआ परियोजना पर काम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gurugram News: सीएम की हरी झंडी के बाद भी परियोजना शुरू नहीं हुआ परियोजना पर काम
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
बसई से सेक्टर-25ए तक बिछाई जानी है मास्टर पाइप लाइन
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता वाली हाई पावर वर्क्स परचेज कमेटी से मंजूरी मिलने के करीब तीन माह बाद भी गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) 55.59 करोड़ रुपये की महत्वपूर्ण पेयजल परियोजना को धरातल पर नहीं उतार पाया है। शहर में पेयजल आपूर्ति सुधारने के लिए बसई से सेक्टर-25ए डीएलएफ फेज-3 तक करीब 20 किलोमीटर लंबी मास्टर पाइपलाइन बिछाने की योजना को 11 मार्च को मंजूरी मिली थी, लेकिन जून शुरू होने के बावजूद काम शुरू नहीं हो सका है।
शहर में लगातार बढ़ती आबादी और गर्मियों के दौरान पानी की बढ़ती मांग के बीच परियोजना में हो रही देरी ने जीएमडीए की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मंजूरी मिलने के बाद भी कार्य शुरू नहीं होने से लोगों को बेहतर पेयजल आपूर्ति के लिए और इंतजार करना पड़ सकता है। इस लाइन से टेल वाली कॉलोनियों में पानी की सप्लाई बेहतर की जानी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जीएमडीए की लेटलतीफी का खामियाजा हमेशा आम जनता को भुगतना पड़ता है। यदि समय पर काम शुरू नहीं हुआ तो परियोजना को तय अवधि में पूरा करना भी मुश्किल हो जाएगा।
सेक्टर-22 निवासी सुमित सिंह का कहना है कि गर्मियों में पानी का संकट हो जाता है। आम आदमी जीएमडीए और नगर निगम के बीच पिसता है। पालम विहार निवासी विनय कुमार का कहना है कि सवाल यह है कि जब मार्च में मंजूरी मिल चुकी थी तो काम शुरू होने में तीन माह का समय क्यों लग गया। शहर में पेयजल आपूर्ति को लेकर बार-बार किए जा रहे दावों के बीच यह देरी जीएमडीए की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा रही है।
विज्ञापन
योजना के तहत बसई नहरी जल शोधन संयंत्र से सेक्टर-25ए तक नई मास्टर पाइपलाइन बिछाने की योजना तैयार की थी। इसे द्वारका एक्सप्रेसवे, सेक्टर-23, 23ए, 19, 22 और चौमा क्षेत्र से होकर 1600 मिमी से 600 मिमी व्यास तक की नई पाइपलाइन बिछाई जानी है। रेलवे क्रॉसिंग के पास ट्रेंचलेस तकनीक का उपयोग किया जाएगा। परियोजना को 18 माह में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, लेकिन शुरुआत में ही हो रही देरी इस लक्ष्य पर सवाल खड़े कर रही है। जीएमडीए की प्रवक्ता का कहना है कि एजेंसी को कार्य आवंटित किया जा चुका है और इस माह से काम शुरू हो जाएगा।
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता वाली हाई पावर वर्क्स परचेज कमेटी से मंजूरी मिलने के करीब तीन माह बाद भी गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) 55.59 करोड़ रुपये की महत्वपूर्ण पेयजल परियोजना को धरातल पर नहीं उतार पाया है। शहर में पेयजल आपूर्ति सुधारने के लिए बसई से सेक्टर-25ए डीएलएफ फेज-3 तक करीब 20 किलोमीटर लंबी मास्टर पाइपलाइन बिछाने की योजना को 11 मार्च को मंजूरी मिली थी, लेकिन जून शुरू होने के बावजूद काम शुरू नहीं हो सका है।
शहर में लगातार बढ़ती आबादी और गर्मियों के दौरान पानी की बढ़ती मांग के बीच परियोजना में हो रही देरी ने जीएमडीए की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मंजूरी मिलने के बाद भी कार्य शुरू नहीं होने से लोगों को बेहतर पेयजल आपूर्ति के लिए और इंतजार करना पड़ सकता है। इस लाइन से टेल वाली कॉलोनियों में पानी की सप्लाई बेहतर की जानी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जीएमडीए की लेटलतीफी का खामियाजा हमेशा आम जनता को भुगतना पड़ता है। यदि समय पर काम शुरू नहीं हुआ तो परियोजना को तय अवधि में पूरा करना भी मुश्किल हो जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
सेक्टर-22 निवासी सुमित सिंह का कहना है कि गर्मियों में पानी का संकट हो जाता है। आम आदमी जीएमडीए और नगर निगम के बीच पिसता है। पालम विहार निवासी विनय कुमार का कहना है कि सवाल यह है कि जब मार्च में मंजूरी मिल चुकी थी तो काम शुरू होने में तीन माह का समय क्यों लग गया। शहर में पेयजल आपूर्ति को लेकर बार-बार किए जा रहे दावों के बीच यह देरी जीएमडीए की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा रही है।
Trending Videos
योजना के तहत बसई नहरी जल शोधन संयंत्र से सेक्टर-25ए तक नई मास्टर पाइपलाइन बिछाने की योजना तैयार की थी। इसे द्वारका एक्सप्रेसवे, सेक्टर-23, 23ए, 19, 22 और चौमा क्षेत्र से होकर 1600 मिमी से 600 मिमी व्यास तक की नई पाइपलाइन बिछाई जानी है। रेलवे क्रॉसिंग के पास ट्रेंचलेस तकनीक का उपयोग किया जाएगा। परियोजना को 18 माह में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, लेकिन शुरुआत में ही हो रही देरी इस लक्ष्य पर सवाल खड़े कर रही है। जीएमडीए की प्रवक्ता का कहना है कि एजेंसी को कार्य आवंटित किया जा चुका है और इस माह से काम शुरू हो जाएगा।