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Gurugram News: पुलिस और श्रमिकों में बढ़ेगा तालमेल, बनी टीम
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गुरुग्राम पुलिस ने औद्योगिक शांति व्यवस्था के लिए एलएलआईसीटी का किया गठन
नंबर गेम - 4 से 5 पुलिसकर्मी होंगे टीम में
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। आईएमटी मानेसर इलाके में अप्रैल 2026 में श्रमिकों के उग्र आंदोलन जैसी घटना भविष्य में न हो, इसके लिए पुलिस ने नई पहल शुरू की है। औद्योगिक क्षेत्रों में शांति व्यवस्था के लिए पुलिस की ओर से लेबर लाइजन एंड इंडस्ट्रियल कॉर्डिनेशन टीम (एलएलआईसीटी) का गठन किया गया है। प्रत्येक थाना इलाके में ये एलएलआईसीटी बनाई जाएंगी, जिसमें 4-5 पुलिसकर्मी होंगे।
पुलिस आयुक्त ने बताया कि औद्योगिक क्षेत्रों में कानून एवं व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने, उद्योग प्रबंधन, श्रमिक संगठनों व स्थानीय प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के लिए ये प्रयास किया जा रहा है। किसी भी औद्योगिक विवाद, धरना, प्रदर्शन अथवा हड़ताल जैसी परिस्थितियों में त्वरित एवं प्रभावी पुलिस प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना इसके पीछे उद्देश्य बताया गया है।
प्रत्येक थाना क्षेत्र में गठित होंगी विशेष एलएलआईसीटी टीमें
पुलिस की ओर से प्रत्येक थाना क्षेत्र में औद्योगिक इकाइयों की संख्या एवं आवश्यकता के आधार पर एक या दो एलएलआईसीटी टीमों का गठन किया जाएगा। प्रत्येक टीम में 4 से 5 पुलिसकर्मी नियुक्त किए जाएंगे। टीमों में ऐसे पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी, जिनका व्यवहार उत्कृष्ट हो। साथ ही वे पुलिसकर्मी उद्योग प्रबंधन, श्रमिक संगठनों एवं श्रम विभाग के साथ प्रभावी संवाद एवं समन्वय स्थापित करने में सक्षम हों।
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महिला सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था पर रहेगा विशेष जोर
एलएलआईसीटी टीमें श्रम विभाग, औद्योगिक इकाइयों, श्रमिक संगठनों, सुरक्षा प्रभारियों एवं कंपनी के एचआर अधिकारियों के साथ नियमित संपर्क बनाए रखेंगी। इसके साथ ही संवेदनशील औद्योगिक क्षेत्रों का नियमित भ्रमण करेंगी। श्रमिक विवाद, धरना, प्रदर्शन अथवा कानून व्यवस्था से संबंधित किसी भी स्थिति की सूचना तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाएंगी। महिला कर्मचारियों की सुरक्षा से जुड़े मामलों पर विशेष ध्यान देंगी। इसके अतिरिक्त बाहरी एवं असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर भी निरंतर निगरानी रखी जाएगी।
नियमित ड्यूटी चार्ट एवं मासिक प्रशिक्षण की होगी व्यवस्था
सभी एलएलआईसीटी टीमों के लिए संबंधित पुलिस उपायुक्त द्वारा ड्यूटी चार्ट तैयार किया जाएगा। इसमें भ्रमण क्षेत्र (पेट्रोलिंग एरिया), संपर्क अधिकारी एवं रिपोर्टिंग प्रणाली निर्धारित होगी। संबंधित सहायक पुलिस आयुक्त नियमित रूप से टीमों की कार्यप्रणाली की समीक्षा करेंगे। टीमों की कार्यकुशलता बढ़ाने के लिए प्रत्येक माह पुलिस आयुक्त कार्यालय में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसमें औद्योगिक विवाद को हैंडल करना, श्रम कानून, भीड़ नियंत्रण, कानून व्यवस्था संभालना, बातचीत व कम्यूनिकेशन स्किल, महिला सुरक्षा, इमरजेंसी रेस्पांस, क्राइसिंस मैनेजमेंट व इंटलिजेंस इनपुट इकट्ठा करना जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञ अधिकारियों द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
दैनिक रिपोर्टिंग एवं सतत समीक्षा से होगी प्रभावी निगरानी
नई व्यवस्था के अंतर्गत प्रत्येक एलएलआईसीटी टीम अपनी दैनिक गतिविधियों की रिपोर्ट संबंधित थाना प्रबंधक एवं सहायक पुलिस आयुक्त को प्रस्तुत करेगी। सहायक पुलिस आयुक्त साप्ताहिक समीक्षा रिपोर्ट संबंधित पुलिस उपायुक्त को भेजेंगे। पुलिस उपायुक्त मुख्यालय एवं संयुक्त पुलिस आयुक्त, गुरुग्राम द्वारा संपूर्ण कार्यप्रणाली की नियमित मासिक समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे। इससे औद्योगिक क्षेत्रों में प्रभावी पुलिसिंग एवं त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जा सकेगी।
सुरक्षित एवं निवेश-अनुकूल औद्योगिक वातावरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
पुलिस आयुक्त ने कहा कि गुरुग्राम पुलिस की यह पहल उद्योगों, श्रमिक संगठनों एवं पुलिस के बीच विश्वास, समन्वय एवं सहयोग को और अधिक सुदृढ़ बनाएगी। इससे औद्योगिक विवादों का समयबद्ध समाधान, महिला कर्मचारियों की सुरक्षा, संवेदनशील औद्योगिक क्षेत्रों में कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने तथा किसी भी आपात स्थिति में त्वरित पुलिस प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी। गुरुग्राम पुलिस का उद्देश्य औद्योगिक विकास के अनुरूप सुरक्षित, शांतिपूर्ण एवं निवेश-अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराना है, जिससे उद्योगों एवं श्रमिकों दोनों के हितों की प्रभावी सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
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औद्योगिक क्षेत्रों में श्रमिकों से बेहतर समन्वय एवं त्वरित पुलिस प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए ये पहल की जा रही है। मासिक प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से औद्योगिक विवाद, कानून व्यवस्था, महिला सुरक्षा एवं संकट प्रबंधन जैसे विषयों पर विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। -शिबास कविराज, पुलिस आयुक्त
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नंबर गेम - 4 से 5 पुलिसकर्मी होंगे टीम में
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। आईएमटी मानेसर इलाके में अप्रैल 2026 में श्रमिकों के उग्र आंदोलन जैसी घटना भविष्य में न हो, इसके लिए पुलिस ने नई पहल शुरू की है। औद्योगिक क्षेत्रों में शांति व्यवस्था के लिए पुलिस की ओर से लेबर लाइजन एंड इंडस्ट्रियल कॉर्डिनेशन टीम (एलएलआईसीटी) का गठन किया गया है। प्रत्येक थाना इलाके में ये एलएलआईसीटी बनाई जाएंगी, जिसमें 4-5 पुलिसकर्मी होंगे।
पुलिस आयुक्त ने बताया कि औद्योगिक क्षेत्रों में कानून एवं व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने, उद्योग प्रबंधन, श्रमिक संगठनों व स्थानीय प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के लिए ये प्रयास किया जा रहा है। किसी भी औद्योगिक विवाद, धरना, प्रदर्शन अथवा हड़ताल जैसी परिस्थितियों में त्वरित एवं प्रभावी पुलिस प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना इसके पीछे उद्देश्य बताया गया है।
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प्रत्येक थाना क्षेत्र में गठित होंगी विशेष एलएलआईसीटी टीमें
पुलिस की ओर से प्रत्येक थाना क्षेत्र में औद्योगिक इकाइयों की संख्या एवं आवश्यकता के आधार पर एक या दो एलएलआईसीटी टीमों का गठन किया जाएगा। प्रत्येक टीम में 4 से 5 पुलिसकर्मी नियुक्त किए जाएंगे। टीमों में ऐसे पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी, जिनका व्यवहार उत्कृष्ट हो। साथ ही वे पुलिसकर्मी उद्योग प्रबंधन, श्रमिक संगठनों एवं श्रम विभाग के साथ प्रभावी संवाद एवं समन्वय स्थापित करने में सक्षम हों।
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महिला सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था पर रहेगा विशेष जोर
एलएलआईसीटी टीमें श्रम विभाग, औद्योगिक इकाइयों, श्रमिक संगठनों, सुरक्षा प्रभारियों एवं कंपनी के एचआर अधिकारियों के साथ नियमित संपर्क बनाए रखेंगी। इसके साथ ही संवेदनशील औद्योगिक क्षेत्रों का नियमित भ्रमण करेंगी। श्रमिक विवाद, धरना, प्रदर्शन अथवा कानून व्यवस्था से संबंधित किसी भी स्थिति की सूचना तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाएंगी। महिला कर्मचारियों की सुरक्षा से जुड़े मामलों पर विशेष ध्यान देंगी। इसके अतिरिक्त बाहरी एवं असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर भी निरंतर निगरानी रखी जाएगी।
नियमित ड्यूटी चार्ट एवं मासिक प्रशिक्षण की होगी व्यवस्था
सभी एलएलआईसीटी टीमों के लिए संबंधित पुलिस उपायुक्त द्वारा ड्यूटी चार्ट तैयार किया जाएगा। इसमें भ्रमण क्षेत्र (पेट्रोलिंग एरिया), संपर्क अधिकारी एवं रिपोर्टिंग प्रणाली निर्धारित होगी। संबंधित सहायक पुलिस आयुक्त नियमित रूप से टीमों की कार्यप्रणाली की समीक्षा करेंगे। टीमों की कार्यकुशलता बढ़ाने के लिए प्रत्येक माह पुलिस आयुक्त कार्यालय में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसमें औद्योगिक विवाद को हैंडल करना, श्रम कानून, भीड़ नियंत्रण, कानून व्यवस्था संभालना, बातचीत व कम्यूनिकेशन स्किल, महिला सुरक्षा, इमरजेंसी रेस्पांस, क्राइसिंस मैनेजमेंट व इंटलिजेंस इनपुट इकट्ठा करना जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञ अधिकारियों द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
दैनिक रिपोर्टिंग एवं सतत समीक्षा से होगी प्रभावी निगरानी
नई व्यवस्था के अंतर्गत प्रत्येक एलएलआईसीटी टीम अपनी दैनिक गतिविधियों की रिपोर्ट संबंधित थाना प्रबंधक एवं सहायक पुलिस आयुक्त को प्रस्तुत करेगी। सहायक पुलिस आयुक्त साप्ताहिक समीक्षा रिपोर्ट संबंधित पुलिस उपायुक्त को भेजेंगे। पुलिस उपायुक्त मुख्यालय एवं संयुक्त पुलिस आयुक्त, गुरुग्राम द्वारा संपूर्ण कार्यप्रणाली की नियमित मासिक समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे। इससे औद्योगिक क्षेत्रों में प्रभावी पुलिसिंग एवं त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जा सकेगी।
सुरक्षित एवं निवेश-अनुकूल औद्योगिक वातावरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
पुलिस आयुक्त ने कहा कि गुरुग्राम पुलिस की यह पहल उद्योगों, श्रमिक संगठनों एवं पुलिस के बीच विश्वास, समन्वय एवं सहयोग को और अधिक सुदृढ़ बनाएगी। इससे औद्योगिक विवादों का समयबद्ध समाधान, महिला कर्मचारियों की सुरक्षा, संवेदनशील औद्योगिक क्षेत्रों में कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने तथा किसी भी आपात स्थिति में त्वरित पुलिस प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी। गुरुग्राम पुलिस का उद्देश्य औद्योगिक विकास के अनुरूप सुरक्षित, शांतिपूर्ण एवं निवेश-अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराना है, जिससे उद्योगों एवं श्रमिकों दोनों के हितों की प्रभावी सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
औद्योगिक क्षेत्रों में श्रमिकों से बेहतर समन्वय एवं त्वरित पुलिस प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए ये पहल की जा रही है। मासिक प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से औद्योगिक विवाद, कानून व्यवस्था, महिला सुरक्षा एवं संकट प्रबंधन जैसे विषयों पर विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। -शिबास कविराज, पुलिस आयुक्त