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Gurugram News: ठगी के मामले में ईओडब्ल्यू-1 की बड़ी कार्रवाई, पांचवां आरोपी गिरफ्तार
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समझौते की शर्तों में बदलाव और पंजीकृत जीपीए लेटर किया था रद्द, आरोपी छह दिन के रिमांड पर
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। जमीन विकास समझौते में हेरफेर और फर्जी दस्तावेजों के जरिये यशदीप बिल्डर्स एलएलपी कंपनी को ठगने वाले गिरोह के खिलाफ आर्थिक अपराध शाखा-1 (ईओडब्ल्यू) ने शिकंजा कस दिया है। पुलिस ने मामले में संलिप्त पांचवें आरोपी हरीश कुमार उर्फ राजा (36) को गुरुग्राम से गिरफ्तार किया है। 10 मार्च को आरोपी को अदालत में पेश कर छह दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान पलवल के पेहरा निवासी हरीश कुमार उर्फ राजा (36) के रूप में हुई है, वर्तमान में गुरुग्राम में रहता है। पुलिस पूछताछ में हरीश ने स्वीकार किया कि उसने मुख्य आरोपी सुशील, बलवान और अन्य के इशारे पर फर्जी जीपीए टर्मिनेशन लेटर और फ्रजी पोस्टल रसीदें तैयार की थीं। इन्हीं फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर पंजीकृत जीपीए को रद्द करवाया गया, जिससे कंपनी को भारी वित्तीय घाटा हुआ।
क्या था पूरा मामला?
शिकायत के अनुसार, यशदीप बिल्डर्स एलएलपी ने वर्ष 2018 में सोहना क्षेत्र में जमीन विकसित करने के लिए मालिकों के साथ एक सहयोग समझौता किया था। इस प्रोजेक्ट के लिए कंपनी ने करोड़ों रुपये का निवेश किया और नियमानुसार कंपनी के पक्ष में जीपीए पंजीकृत करवाई। वर्ष 2020 में कंपनी के ही कुछ कर्मचारियों ने जमीन मालिकों के साथ मिलीभगत की और कंपनी की बिना जानकारी के एक फर्जी द्वितीय समझौता तैयार कर लिया। इस नए समझौते के आधार पर पुरानी शर्तों को बदल दिया गया और धोखाधड़ी से पूर्व में पंजीकृत जीपीए को निरस्त करवा दिया गया।
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आरोपी हरीश को छह दिन के रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। रिमांड के दौरान आरोपी से मामले में अन्य संलिप्त आरोपियों व अन्य तथ्यों के संबंध में पूछताछ की जाएगी। पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी। - विशाल, एसीपी आर्थिक अपराध शाखा, गुुरुग्राम।
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गुरुग्राम। जमीन विकास समझौते में हेरफेर और फर्जी दस्तावेजों के जरिये यशदीप बिल्डर्स एलएलपी कंपनी को ठगने वाले गिरोह के खिलाफ आर्थिक अपराध शाखा-1 (ईओडब्ल्यू) ने शिकंजा कस दिया है। पुलिस ने मामले में संलिप्त पांचवें आरोपी हरीश कुमार उर्फ राजा (36) को गुरुग्राम से गिरफ्तार किया है। 10 मार्च को आरोपी को अदालत में पेश कर छह दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान पलवल के पेहरा निवासी हरीश कुमार उर्फ राजा (36) के रूप में हुई है, वर्तमान में गुरुग्राम में रहता है। पुलिस पूछताछ में हरीश ने स्वीकार किया कि उसने मुख्य आरोपी सुशील, बलवान और अन्य के इशारे पर फर्जी जीपीए टर्मिनेशन लेटर और फ्रजी पोस्टल रसीदें तैयार की थीं। इन्हीं फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर पंजीकृत जीपीए को रद्द करवाया गया, जिससे कंपनी को भारी वित्तीय घाटा हुआ।
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क्या था पूरा मामला?
शिकायत के अनुसार, यशदीप बिल्डर्स एलएलपी ने वर्ष 2018 में सोहना क्षेत्र में जमीन विकसित करने के लिए मालिकों के साथ एक सहयोग समझौता किया था। इस प्रोजेक्ट के लिए कंपनी ने करोड़ों रुपये का निवेश किया और नियमानुसार कंपनी के पक्ष में जीपीए पंजीकृत करवाई। वर्ष 2020 में कंपनी के ही कुछ कर्मचारियों ने जमीन मालिकों के साथ मिलीभगत की और कंपनी की बिना जानकारी के एक फर्जी द्वितीय समझौता तैयार कर लिया। इस नए समझौते के आधार पर पुरानी शर्तों को बदल दिया गया और धोखाधड़ी से पूर्व में पंजीकृत जीपीए को निरस्त करवा दिया गया।
आरोपी हरीश को छह दिन के रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। रिमांड के दौरान आरोपी से मामले में अन्य संलिप्त आरोपियों व अन्य तथ्यों के संबंध में पूछताछ की जाएगी। पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी। - विशाल, एसीपी आर्थिक अपराध शाखा, गुुरुग्राम।