{"_id":"6a441f3354b6243ee50c2198","slug":"the-role-of-cas-has-changed-in-the-era-of-ai-technology-has-become-a-new-force-gurgaon-news-c-24-1-fbd1020-93078-2026-07-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gurugram News: एआई के दौर में बदली सीए की भूमिका, तकनीक बनी नई ताकत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gurugram News: एआई के दौर में बदली सीए की भूमिका, तकनीक बनी नई ताकत
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
डिजिटल अकाउंटिंग और ऑटोमेशन से बढ़ी कार्यक्षमता
विशेषज्ञ बोले- एआई नौकरी नहीं, काम करने का तरीका बदल रहा
शिवम राजपूत
गुरुग्राम। चार्टर्ड अकाउंटेंसी (सीए) के पेशे में भी अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और आधुनिक तकनीक के तेजी से बढ़ते उपयोग ने एक नई दिशा बना दी है। पहले जहां अकाउंटिंग और टैक्सेशन के कई कार्य पूरी तरह मैन्युअल होते थे, वहीं अब डिजिटल अकाउंटिंग, क्लाउड सॉफ्टवेयर और एआई आधारित टूल्स के माध्यम से ये काम पहले से अधिक तेज, सटीक और पारदर्शी हो गए हैं।
डिजिटल अकाउंटिंग के बढ़ते चलन के कारण अधिकांश कंपनियां क्लाउड बेस्ड अकाउंटिंग सिस्टम, ई-इनवॉयसिंग, ऑनलाइन ऑडिट और डेटा एनालिटिक्स का इस्तेमाल कर रही हैं। ऐसे में नए दौर के सीए भी स्वयं को तकनीक के अनुरूप तैयार कर रहे हैं। वे एआई टूल्स, डेटा एनालिटिक्स, साइबर सिक्योरिटी, ऑटोमेशन, फाइनेंशियल टेक्नोलॉजी (फिनटेक) और डिजिटल कंप्लायंस जैसी नई स्किल्स सीखने पर विशेष ध्यान दे रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि एआई के बढ़ते प्रभाव से सीए की नौकरी पर कोई खतरा नहीं है। बल्कि इससे उनकी भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। अब केवल अकाउंट तैयार करना ही नहीं, बल्कि वित्तीय सलाह देना, जोखिम का विश्लेषण करना, बिजनेस स्ट्रैटेजी तैयार करना और ग्राहकों को बेहतर निर्णय लेने में मदद करना भी सीए की जिम्मेदारी का अहम हिस्सा बन गया है।
-- -- -- --
एआई की मदद से अब सीए के पास ग्राहकों को बेहतर वित्तीय सलाह देने और व्यवसायिक रणनीति पर अधिक समय देने का अवसर मिल रहा है। इससे पहले की तुलना में काम और आसान हो गया। - अनूप गुप्ता, सीए
विज्ञापन
एआई कभी भी सीए के अनुभव, निर्णय क्षमता और प्रोफेशनल जजमेंट की जगह नहीं ले सकता। भविष्य उसी का होगा जो तकनीक और विशेषज्ञता दोनों का बेहतर संतुलन बनाएगा। फिलहाल कई कामों में एआई हमारी मदद करता है। - राहुल, सीए
आज के समय में केवल अकाउंटिंग का ज्ञान पर्याप्त नहीं है। डेटा एनालिटिक्स, डिजिटल अकाउंटिंग और नई तकनीकों की समझ भी उतनी ही जरूरी हो गई है। एआई नौकरी नहीं, काम करने का तरीका बदल रहा है। - अमन गुप्ता, सीए, पूर्व अध्यक्ष, आईसीएआई गुरुग्राम शाखा
डिजिटल अकाउंटिंग सिस्टम ने कार्यों की गति और सटीकता दोनों में सुधार किया है। इससे ऑडिट, टैक्स फाइलिंग और वित्तीय रिपोर्टिंग पहले की तुलना में अधिक प्रभावी हो गई है। - विपिन अग्रवाल, अध्यक्ष, आईसीएआई, गुरुग्राम शाखा (एनआईआरसी)
विज्ञापन
विशेषज्ञ बोले- एआई नौकरी नहीं, काम करने का तरीका बदल रहा
शिवम राजपूत
गुरुग्राम। चार्टर्ड अकाउंटेंसी (सीए) के पेशे में भी अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और आधुनिक तकनीक के तेजी से बढ़ते उपयोग ने एक नई दिशा बना दी है। पहले जहां अकाउंटिंग और टैक्सेशन के कई कार्य पूरी तरह मैन्युअल होते थे, वहीं अब डिजिटल अकाउंटिंग, क्लाउड सॉफ्टवेयर और एआई आधारित टूल्स के माध्यम से ये काम पहले से अधिक तेज, सटीक और पारदर्शी हो गए हैं।
डिजिटल अकाउंटिंग के बढ़ते चलन के कारण अधिकांश कंपनियां क्लाउड बेस्ड अकाउंटिंग सिस्टम, ई-इनवॉयसिंग, ऑनलाइन ऑडिट और डेटा एनालिटिक्स का इस्तेमाल कर रही हैं। ऐसे में नए दौर के सीए भी स्वयं को तकनीक के अनुरूप तैयार कर रहे हैं। वे एआई टूल्स, डेटा एनालिटिक्स, साइबर सिक्योरिटी, ऑटोमेशन, फाइनेंशियल टेक्नोलॉजी (फिनटेक) और डिजिटल कंप्लायंस जैसी नई स्किल्स सीखने पर विशेष ध्यान दे रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि एआई के बढ़ते प्रभाव से सीए की नौकरी पर कोई खतरा नहीं है। बल्कि इससे उनकी भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। अब केवल अकाउंट तैयार करना ही नहीं, बल्कि वित्तीय सलाह देना, जोखिम का विश्लेषण करना, बिजनेस स्ट्रैटेजी तैयार करना और ग्राहकों को बेहतर निर्णय लेने में मदद करना भी सीए की जिम्मेदारी का अहम हिस्सा बन गया है।
विज्ञापन
एआई की मदद से अब सीए के पास ग्राहकों को बेहतर वित्तीय सलाह देने और व्यवसायिक रणनीति पर अधिक समय देने का अवसर मिल रहा है। इससे पहले की तुलना में काम और आसान हो गया। - अनूप गुप्ता, सीए
विज्ञापन
एआई कभी भी सीए के अनुभव, निर्णय क्षमता और प्रोफेशनल जजमेंट की जगह नहीं ले सकता। भविष्य उसी का होगा जो तकनीक और विशेषज्ञता दोनों का बेहतर संतुलन बनाएगा। फिलहाल कई कामों में एआई हमारी मदद करता है। - राहुल, सीए
आज के समय में केवल अकाउंटिंग का ज्ञान पर्याप्त नहीं है। डेटा एनालिटिक्स, डिजिटल अकाउंटिंग और नई तकनीकों की समझ भी उतनी ही जरूरी हो गई है। एआई नौकरी नहीं, काम करने का तरीका बदल रहा है। - अमन गुप्ता, सीए, पूर्व अध्यक्ष, आईसीएआई गुरुग्राम शाखा
डिजिटल अकाउंटिंग सिस्टम ने कार्यों की गति और सटीकता दोनों में सुधार किया है। इससे ऑडिट, टैक्स फाइलिंग और वित्तीय रिपोर्टिंग पहले की तुलना में अधिक प्रभावी हो गई है। - विपिन अग्रवाल, अध्यक्ष, आईसीएआई, गुरुग्राम शाखा (एनआईआरसी)