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Gurugram News: सफाई नहीं मिलने पर स्कूल मुखिया होंगे जिम्मेदार
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प्राथमिक स्कूलों की सफाई के लिए करीब 29.28 लाख रुपये जारी
संवाद न्यूज एज एजेंसी
गुरुग्राम। जिले के सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में सफाई व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए शिक्षा निदेशालय ने जिले के करीब 366 स्कूलों के लिए 29.28 लाख रुपये का बजट जारी किया है। इसके तहत प्रत्येक स्कूल को सालाना आठ हजार रुपये की राशि दी जाएगी। इस राशि का उपयोग स्कूल परिसर, कक्षाओं और शौचालयों की साफ-सफाई व रखरखाव के लिए किया जाएगा।
शिक्षा विभाग के अनुसार, कई स्कूलों में सफाई व्यवस्था को लेकर शिकायतें मिल रही थीं। कहीं कक्षाओं में धूल और कचरा दिखाई देता था तो कहीं शौचालयों की स्थिति खराब रहती थी। इन समस्याओं को देखते हुए विभाग ने अब साफ-सफाई को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं।
निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि अब बजट उपलब्ध होने के बाद सफाई व्यवस्था में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि किसी स्कूल में गंदगी या रखरखाव में कमी पाई जाती है तो इसके लिए संबंधित स्कूल मुखिया जिम्मेदार होंगे और उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा सकती है।
जिन स्कूलों में स्थायी सफाई कर्मचारी नहीं हैं, वहां स्कूल को दिहाड़ी मजदूर लगाकर सफाई कराने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया है कि बच्चों के स्कूल आने से कम से कम 30 मिनट पहले परिसर की सफाई हो जाए।
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शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस व्यवस्था से स्कूलों का वातावरण साफ-सुथरा होगा और बच्चों के स्वास्थ्य व पढ़ाई पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। सभी स्कूल मुखियाओं को बजट का सही उपयोग करने और सफाई व्यवस्था की नियमित निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। - सरोज दहिया, जिला शिक्षा मौलिक अधिकारी
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गुरुग्राम। जिले के सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में सफाई व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए शिक्षा निदेशालय ने जिले के करीब 366 स्कूलों के लिए 29.28 लाख रुपये का बजट जारी किया है। इसके तहत प्रत्येक स्कूल को सालाना आठ हजार रुपये की राशि दी जाएगी। इस राशि का उपयोग स्कूल परिसर, कक्षाओं और शौचालयों की साफ-सफाई व रखरखाव के लिए किया जाएगा।
शिक्षा विभाग के अनुसार, कई स्कूलों में सफाई व्यवस्था को लेकर शिकायतें मिल रही थीं। कहीं कक्षाओं में धूल और कचरा दिखाई देता था तो कहीं शौचालयों की स्थिति खराब रहती थी। इन समस्याओं को देखते हुए विभाग ने अब साफ-सफाई को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं।
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निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि अब बजट उपलब्ध होने के बाद सफाई व्यवस्था में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि किसी स्कूल में गंदगी या रखरखाव में कमी पाई जाती है तो इसके लिए संबंधित स्कूल मुखिया जिम्मेदार होंगे और उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा सकती है।
जिन स्कूलों में स्थायी सफाई कर्मचारी नहीं हैं, वहां स्कूल को दिहाड़ी मजदूर लगाकर सफाई कराने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया है कि बच्चों के स्कूल आने से कम से कम 30 मिनट पहले परिसर की सफाई हो जाए।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस व्यवस्था से स्कूलों का वातावरण साफ-सुथरा होगा और बच्चों के स्वास्थ्य व पढ़ाई पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। सभी स्कूल मुखियाओं को बजट का सही उपयोग करने और सफाई व्यवस्था की नियमित निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। - सरोज दहिया, जिला शिक्षा मौलिक अधिकारी