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Noida News: बिसरख मोड़ पर रेंगती जिंदगी, 200 मीटर चलने में लग रहा आधा घंटा
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बिसरख मोड़ चौराहे पर लगा वाहनों का लंबा जाम। संवाद
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बिसरख मोड़ पर रोजाना जाम, 200 मीटर में लग रहा आधा घंटा
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा वेस्ट की रफ्तार उस वक्त थम जाती है, जब पहिए बिसरख मोड़ चौराहे पर पहुंचते हैं। यहां रोज का नजारा अब आम हो चुका है। हॉर्न की तेज आवाजें, लंबी कतारों में खड़े वाहन और परेशान चेहरों का मंजर। महज 200 मीटर की दूरी, जो आम दिनों में कुछ मिनटों में पूरी हो जानी चाहिए, यहां आधे घंटे से ज्यादा का सब्र मांगती है। यह चौराहा, जो ग्रेटर नोएडा वेस्ट को जीटी रोड से जोड़ने वाली एक अहम कड़ी है, अब ट्रैफिक अव्यवस्था का प्रतीक बनता जा रहा है। दफ्तर जाने की जल्दी हो या घर लौटने की थकान, हर किसी को यहां जाम के इस चक्रव्यूह में फंसना पड़ता है।
ग्रेटर नोएडा वेस्ट को जीटी रोड से जोड़ने के लिए बिसरख मोड़ के पास रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) बनाया गया है। इससे गाजियाबाद से ग्रेटर नोएडा व ग्रेटर नोएडा वेस्ट के बीच आवागमन आसान हुआ है, लेकिन बिसरख मोड़ तिराहे पर दिन भर वाहनों का दबाव रहने के कारण जाम की समस्या बनी रहती है। चौराहे पर दो यातायात पुलिसकर्मी तैनात रहते हैं, लेकिन वाहनों की अधिक संख्या के चलते स्थिति नियंत्रित करना मुश्किल हो जाता है। थोड़ी ही देर में वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं, जिससे लोगों को काफी दिक्कत होती है। इस स्थान पर जीटीरोड तक जाम रहता है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि जाम के कारण पैदल सड़क पार करना भी मुश्किल हो गया है। बिसरख रोड पर आरओबी के पास सड़क में गड्ढे भी बने हुए हैं, जिससे वाहनों की रफ्तार धीमी हो जाती है।
स्थानीय निवासी धर्मवीर का कहना है कि वाहनों की लंबी कतारों के कारण दुकानदारों को भी नुकसान हो रहा है और उनके व्यापार पर असर पड़ रहा है। उग्रसेन का कहना है कि सड़क संकरी होने और वाहनों की अधिक आवाजाही के चलते सड़क पार करना जोखिम भरा हो गया है। केदार प्रसाद का कहना है कि जाम की समस्या को लेकर कई बार स्थानीय पुलिस और समाधान दिवस में शिकायत की जा चुकी है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा वेस्ट की रफ्तार उस वक्त थम जाती है, जब पहिए बिसरख मोड़ चौराहे पर पहुंचते हैं। यहां रोज का नजारा अब आम हो चुका है। हॉर्न की तेज आवाजें, लंबी कतारों में खड़े वाहन और परेशान चेहरों का मंजर। महज 200 मीटर की दूरी, जो आम दिनों में कुछ मिनटों में पूरी हो जानी चाहिए, यहां आधे घंटे से ज्यादा का सब्र मांगती है। यह चौराहा, जो ग्रेटर नोएडा वेस्ट को जीटी रोड से जोड़ने वाली एक अहम कड़ी है, अब ट्रैफिक अव्यवस्था का प्रतीक बनता जा रहा है। दफ्तर जाने की जल्दी हो या घर लौटने की थकान, हर किसी को यहां जाम के इस चक्रव्यूह में फंसना पड़ता है।
ग्रेटर नोएडा वेस्ट को जीटी रोड से जोड़ने के लिए बिसरख मोड़ के पास रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) बनाया गया है। इससे गाजियाबाद से ग्रेटर नोएडा व ग्रेटर नोएडा वेस्ट के बीच आवागमन आसान हुआ है, लेकिन बिसरख मोड़ तिराहे पर दिन भर वाहनों का दबाव रहने के कारण जाम की समस्या बनी रहती है। चौराहे पर दो यातायात पुलिसकर्मी तैनात रहते हैं, लेकिन वाहनों की अधिक संख्या के चलते स्थिति नियंत्रित करना मुश्किल हो जाता है। थोड़ी ही देर में वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं, जिससे लोगों को काफी दिक्कत होती है। इस स्थान पर जीटीरोड तक जाम रहता है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि जाम के कारण पैदल सड़क पार करना भी मुश्किल हो गया है। बिसरख रोड पर आरओबी के पास सड़क में गड्ढे भी बने हुए हैं, जिससे वाहनों की रफ्तार धीमी हो जाती है।
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स्थानीय निवासी धर्मवीर का कहना है कि वाहनों की लंबी कतारों के कारण दुकानदारों को भी नुकसान हो रहा है और उनके व्यापार पर असर पड़ रहा है। उग्रसेन का कहना है कि सड़क संकरी होने और वाहनों की अधिक आवाजाही के चलते सड़क पार करना जोखिम भरा हो गया है। केदार प्रसाद का कहना है कि जाम की समस्या को लेकर कई बार स्थानीय पुलिस और समाधान दिवस में शिकायत की जा चुकी है।