{"_id":"6a633721d074efa5be0b7b82","slug":"guru-mantra-value-based-education-and-innovation-based-learning-are-the-keys-to-excellent-results-noida-news-c-1-1-noi1125-4536371-2026-07-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Noida News: गुरु मंत्र मूल्यपरक शिक्षा और नवाचार आधारित शिक्षण उत्कृष्ट परिणामों की कुंजी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Noida News: गुरु मंत्र मूल्यपरक शिक्षा और नवाचार आधारित शिक्षण उत्कृष्ट परिणामों की कुंजी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गुरु मंत्र मूल्यपरक शिक्षा और नवाचार आधारित शिक्षण उत्कृष्ट परिणामों की कुंजी
आज का शिक्षा जगत केवल परीक्षा में उत्कृष्ट अंक प्राप्त करने तक सीमित नहीं है, बल्कि ऐसे विद्यार्थियों का निर्माण करना है जो ज्ञानवान होने के साथ-साथ संवेदनशील, नैतिक, अनुशासित और उत्तरदायी नागरिक भी बनें। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप शिक्षा का उद्देश्य विद्यार्थियों में आलोचनात्मक चिंतन, रचनात्मकता, समस्या-समाधान क्षमता, सहयोग, नेतृत्व और जीवन मूल्यों का विकास करना है। इस परिवर्तन में शिक्षक की भूमिका सर्वाधिक महत्वपूर्ण है।
एक प्रभावी शिक्षक वही है जो विषय को केवल पढ़ाए नहीं, बल्कि उसे जीवन से जोड़कर विद्यार्थियों के अनुभवों का हिस्सा बनाए। कक्षा में गतिविधि-आधारित शिक्षण, अनुभवात्मक अधिगम, परियोजना-आधारित शिक्षण, प्रश्नोन्मुख शिक्षण, सहयोगात्मक अधिगम, कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित शिक्षण संसाधनों, स्मार्ट कक्षाओं और डिजिटल तकनीकों का प्रभावी उपयोग विद्यार्थियों को सीखने के लिए प्रेरित करता है।
हर विद्यार्थी अपने भीतर असीम संभावनाएं लेकर आता है। एक शिक्षक का कार्य केवल ज्ञान देना नहीं, बल्कि उन संभावनाओं को पहचानकर उन्हें सही दिशा देना है। प्रेम, धैर्य, निरंतर प्रोत्साहन और सकारात्मक दृष्टिकोण ही सफल शिक्षण की वास्तविक पहचान हैं। जब शिक्षक स्वयं सीखना नहीं छोड़ता, तभी वह विद्यार्थियों को जीवन भर सीखने के लिए प्रेरित कर सकता है।
विज्ञापन
डॉ नीरज अवस्थी, प्रधानाचार्य, मॉडर्न स्कूल नोएडा
विज्ञापन
आज का शिक्षा जगत केवल परीक्षा में उत्कृष्ट अंक प्राप्त करने तक सीमित नहीं है, बल्कि ऐसे विद्यार्थियों का निर्माण करना है जो ज्ञानवान होने के साथ-साथ संवेदनशील, नैतिक, अनुशासित और उत्तरदायी नागरिक भी बनें। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप शिक्षा का उद्देश्य विद्यार्थियों में आलोचनात्मक चिंतन, रचनात्मकता, समस्या-समाधान क्षमता, सहयोग, नेतृत्व और जीवन मूल्यों का विकास करना है। इस परिवर्तन में शिक्षक की भूमिका सर्वाधिक महत्वपूर्ण है।
एक प्रभावी शिक्षक वही है जो विषय को केवल पढ़ाए नहीं, बल्कि उसे जीवन से जोड़कर विद्यार्थियों के अनुभवों का हिस्सा बनाए। कक्षा में गतिविधि-आधारित शिक्षण, अनुभवात्मक अधिगम, परियोजना-आधारित शिक्षण, प्रश्नोन्मुख शिक्षण, सहयोगात्मक अधिगम, कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित शिक्षण संसाधनों, स्मार्ट कक्षाओं और डिजिटल तकनीकों का प्रभावी उपयोग विद्यार्थियों को सीखने के लिए प्रेरित करता है।
विज्ञापन
हर विद्यार्थी अपने भीतर असीम संभावनाएं लेकर आता है। एक शिक्षक का कार्य केवल ज्ञान देना नहीं, बल्कि उन संभावनाओं को पहचानकर उन्हें सही दिशा देना है। प्रेम, धैर्य, निरंतर प्रोत्साहन और सकारात्मक दृष्टिकोण ही सफल शिक्षण की वास्तविक पहचान हैं। जब शिक्षक स्वयं सीखना नहीं छोड़ता, तभी वह विद्यार्थियों को जीवन भर सीखने के लिए प्रेरित कर सकता है।
विज्ञापन
डॉ नीरज अवस्थी, प्रधानाचार्य, मॉडर्न स्कूल नोएडा