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Nuh News: नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में दोषी को 20 साल की सजा
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संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। नूंह स्थित फास्ट ट्रैक स्पेशल पॉक्सो कोर्ट ने नाबालिग से दुष्कर्म और अश्लील वीडियो बनाने के मामले में दोषी करार दिए गए आरोपी को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर कुल 55 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। सजा का आदेश अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एवं फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट के न्यायाधीश डॉ. आशु संजीव तिंजन ने सुनाया।
अदालत ने इससे पहले 18 जुलाई 2026 को आरोपी को भारतीय न्याय संहिता के समकक्ष लागू प्रावधानों के तहत तत्कालीन आईपीसी की धारा 506, आईटी एक्ट की धारा 67-बी तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत दोषी ठहराया था।
सजा के आदेश के अनुसार, अदालत ने धारा 506 आईपीसी के तहत दो वर्ष का कठोर कारावास, आईटी एक्ट की धारा 67-बी के तहत दो वर्ष का कठोर कारावास एवं 25 हजार रुपये जुर्माना तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत 20 वर्ष का कठोर कारावास और 30 हजार रुपये जुर्माना लगाया। जुर्माना अदा नहीं करने पर अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। अदालत ने सभी सजाएं साथ-साथ चलाने के आदेश दिए हैं तथा विचाराधीन कैद के दौरान जेल में बिताई गई अवधि को सजा में समायोजित करने का निर्देश भी दिया है।
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मामला वर्ष 2022 में दर्ज एफआईआर से संबंधित है, जिसमें पीड़िता के परिजनों ने आरोपी पर नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने, दुष्कर्म करने और अश्लील वीडियो बनाने के आरोप लगाए थे। जांच के बाद पुलिस ने अदालत में चालान पेश किया। साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए यह सजा सुनाई।
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नूंह। नूंह स्थित फास्ट ट्रैक स्पेशल पॉक्सो कोर्ट ने नाबालिग से दुष्कर्म और अश्लील वीडियो बनाने के मामले में दोषी करार दिए गए आरोपी को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर कुल 55 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। सजा का आदेश अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एवं फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट के न्यायाधीश डॉ. आशु संजीव तिंजन ने सुनाया।
अदालत ने इससे पहले 18 जुलाई 2026 को आरोपी को भारतीय न्याय संहिता के समकक्ष लागू प्रावधानों के तहत तत्कालीन आईपीसी की धारा 506, आईटी एक्ट की धारा 67-बी तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत दोषी ठहराया था।
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सजा के आदेश के अनुसार, अदालत ने धारा 506 आईपीसी के तहत दो वर्ष का कठोर कारावास, आईटी एक्ट की धारा 67-बी के तहत दो वर्ष का कठोर कारावास एवं 25 हजार रुपये जुर्माना तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत 20 वर्ष का कठोर कारावास और 30 हजार रुपये जुर्माना लगाया। जुर्माना अदा नहीं करने पर अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। अदालत ने सभी सजाएं साथ-साथ चलाने के आदेश दिए हैं तथा विचाराधीन कैद के दौरान जेल में बिताई गई अवधि को सजा में समायोजित करने का निर्देश भी दिया है।
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मामला वर्ष 2022 में दर्ज एफआईआर से संबंधित है, जिसमें पीड़िता के परिजनों ने आरोपी पर नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने, दुष्कर्म करने और अश्लील वीडियो बनाने के आरोप लगाए थे। जांच के बाद पुलिस ने अदालत में चालान पेश किया। साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए यह सजा सुनाई।