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Nuh News: नूंह के युवक को नशीला पदार्थ खिलाकर लूटा, मारपीट के बाद दिल्ली में यमुना किनारे फेंका
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24 घंटे बाद होश आने पर परिजनों को दी सूचना, मेरठ-दिल्ली रोड पर हुई वारदात
तीन राज्यों की पुलिस के चक्कर काट रहे परिजन
संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। जिले के एक युवक के साथ मेरठ-दिल्ली रोड पर नशीला पदार्थ खिलाकर लूटपाट करने, बेरहमी से मारपीट करने और अधमरी हालत में दिल्ली में यमुना नदी के किनारे फेंक देने का मामला सामने आया है। युवक करीब 24 घंटे तक लापता रहा। होश आने के बाद उसने किसी तरह परिजनों को फोन कर आपबीती बताई। इस दौरान परिजन मेरठ, दिल्ली और नूंह की पुलिस के चक्कर काटते रहे, लेकिन मामला अलग-अलग राज्यों से जुड़ा होने के कारण किसी थाने में मुकदमा दर्ज नहीं किया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार राहुल सक्सेना (28) निवासी वार्ड नंबर-9 अपने साले की शादी में शामिल होने के लिए कुछ दिन पहले मेरठ गया था। शादी के बाद 7 फरवरी को उसका साला उसे दो बड़े बैग के साथ मेरठ बस अड्डे से उत्तर प्रदेश रोडवेज की बस में बैठाकर रवाना कर गया। उस समय बस में वह अकेला यात्री था और बस कंडक्टर को भी इसकी जानकारी थी। बताया जा रहा है कि दिल्ली पहुंचने से पहले एक युवक उसकी सीट पर आकर बैठ गया और बातचीत शुरू कर दी।
उसने खुद को मेवात क्षेत्र का जानकार बताते हुए पहचान बढ़ाने की कोशिश की। उसने कहा कि वह घासेड़ा जमात में गया था। पहले उसने पानी पिलाने का प्रयास किया, जिसे राहुल ने मना कर दिया। बाद में उसने बिस्कुट दिया, जिसे राहुल ने खा लिया। इसके कुछ देर बाद वह बेसुध हो गया उसे तेज नींद आने लगी। युवक ने बताया कि इसी दौरान उसे जबरन पानी पिलाया गया, जिससे वह पूरी तरह बेहोश हो गया। इसके बाद बदमाश उसे दिल्ली के खिजूरी खास क्षेत्र में यमुना पार ले गए, जहां उससे मोबाइल फोन, दो बैग और करीब 20 हजार रुपये नकद लूट लिए।
विरोध करने पर 5-6 लोगों ने मिलकर उसकी बेरहमी से पिटाई की और उसे कीचड़ में फेंककर भाग गए। युवक पूरी रात वहीं पड़ा रहा। 8 फरवरी की दोपहर बाद जब उसे कुछ होश आया तो वह लड़खड़ाते हुए पास के एक मोहल्ले में पहुंचा। स्थानीय लोगों ने उसकी हालत देखकर मदद की और अपने फोन से उसके परिजनों से संपर्क कराया। सूचना मिलते ही परिजन दिल्ली पहुंचे और उसे कश्मीरी गेट चौकी के पास से अपने साथ नूंह लेकर आए, जहां सोमवार को उसका उपचार कराया गया।
इधर युवक के लापता होने पर परिजन पहले मेरठ थाना पहुंचे, जहां पुलिस ने कहा कि बस दिल्ली की है तो मामला दिल्ली का बताकर टाल दिया। दिल्ली के कश्मीरी गेट चौकी में जाने पर मेरठ का मामला कहकर वापस भेज दिया गया। वहीं, नूंह पुलिस ने भी घटना स्थल मेरठ होने की बात कहकर कार्रवाई नहीं की। तीनों जगह भटकते रहे परिजनों में पुलिस के रवैये को लेकर भारी रोष है। परिजनों ने बस कंडक्टर की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि कंडक्टर ने युवक को दिल्ली में सही उतारने की बात कही, जबकि वह बेहोश था और खुद उतरना संभव नहीं था। उन्होंने इस मामले में कंडक्टर की संलिप्तता की जांच की मांग की है।
तीन राज्यों की पुलिस ने मामला दर्ज करने से झाड़ा पल्ला, भटक रहे परिजन
परिजनों का कहना है कि वह मेरठ, दिल्ली और नूंह थाने के चक्कर काट रहे हैं। न घटना से पहले कई कार्रवाई हुई जब बेटा लापता था और न अब किसी थाने की पुलिस केस दर्ज कर कार्रवाई कर रही है। कश्मीरी गेट पुलिस चौकी के एसआई नीरज कुमार ने बताया कि युवक के परिजन उनके पास आए थे, लेकिन घटना मेरठ से जुड़ी होने के कारण मामला दर्ज नहीं किया गया। वहीं, मेरठ पुलिस का कहना है कि युवक दिल्ली में मिला, इसलिए मामला दिल्ली का बनता है। परिवार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और हरियाणा के मुख्यमंत्रियों से आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, विशेष जांच कमेटी गठन और भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने की मांग की है।
फोटो: दिल्ली के खिजूरी खास क्षेत्र में मोहल्लेवासी घायल युवक को उसके परिजनों को सौंपते हुए।
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तीन राज्यों की पुलिस के चक्कर काट रहे परिजन
संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। जिले के एक युवक के साथ मेरठ-दिल्ली रोड पर नशीला पदार्थ खिलाकर लूटपाट करने, बेरहमी से मारपीट करने और अधमरी हालत में दिल्ली में यमुना नदी के किनारे फेंक देने का मामला सामने आया है। युवक करीब 24 घंटे तक लापता रहा। होश आने के बाद उसने किसी तरह परिजनों को फोन कर आपबीती बताई। इस दौरान परिजन मेरठ, दिल्ली और नूंह की पुलिस के चक्कर काटते रहे, लेकिन मामला अलग-अलग राज्यों से जुड़ा होने के कारण किसी थाने में मुकदमा दर्ज नहीं किया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार राहुल सक्सेना (28) निवासी वार्ड नंबर-9 अपने साले की शादी में शामिल होने के लिए कुछ दिन पहले मेरठ गया था। शादी के बाद 7 फरवरी को उसका साला उसे दो बड़े बैग के साथ मेरठ बस अड्डे से उत्तर प्रदेश रोडवेज की बस में बैठाकर रवाना कर गया। उस समय बस में वह अकेला यात्री था और बस कंडक्टर को भी इसकी जानकारी थी। बताया जा रहा है कि दिल्ली पहुंचने से पहले एक युवक उसकी सीट पर आकर बैठ गया और बातचीत शुरू कर दी।
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उसने खुद को मेवात क्षेत्र का जानकार बताते हुए पहचान बढ़ाने की कोशिश की। उसने कहा कि वह घासेड़ा जमात में गया था। पहले उसने पानी पिलाने का प्रयास किया, जिसे राहुल ने मना कर दिया। बाद में उसने बिस्कुट दिया, जिसे राहुल ने खा लिया। इसके कुछ देर बाद वह बेसुध हो गया उसे तेज नींद आने लगी। युवक ने बताया कि इसी दौरान उसे जबरन पानी पिलाया गया, जिससे वह पूरी तरह बेहोश हो गया। इसके बाद बदमाश उसे दिल्ली के खिजूरी खास क्षेत्र में यमुना पार ले गए, जहां उससे मोबाइल फोन, दो बैग और करीब 20 हजार रुपये नकद लूट लिए।
विरोध करने पर 5-6 लोगों ने मिलकर उसकी बेरहमी से पिटाई की और उसे कीचड़ में फेंककर भाग गए। युवक पूरी रात वहीं पड़ा रहा। 8 फरवरी की दोपहर बाद जब उसे कुछ होश आया तो वह लड़खड़ाते हुए पास के एक मोहल्ले में पहुंचा। स्थानीय लोगों ने उसकी हालत देखकर मदद की और अपने फोन से उसके परिजनों से संपर्क कराया। सूचना मिलते ही परिजन दिल्ली पहुंचे और उसे कश्मीरी गेट चौकी के पास से अपने साथ नूंह लेकर आए, जहां सोमवार को उसका उपचार कराया गया।
इधर युवक के लापता होने पर परिजन पहले मेरठ थाना पहुंचे, जहां पुलिस ने कहा कि बस दिल्ली की है तो मामला दिल्ली का बताकर टाल दिया। दिल्ली के कश्मीरी गेट चौकी में जाने पर मेरठ का मामला कहकर वापस भेज दिया गया। वहीं, नूंह पुलिस ने भी घटना स्थल मेरठ होने की बात कहकर कार्रवाई नहीं की। तीनों जगह भटकते रहे परिजनों में पुलिस के रवैये को लेकर भारी रोष है। परिजनों ने बस कंडक्टर की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि कंडक्टर ने युवक को दिल्ली में सही उतारने की बात कही, जबकि वह बेहोश था और खुद उतरना संभव नहीं था। उन्होंने इस मामले में कंडक्टर की संलिप्तता की जांच की मांग की है।
तीन राज्यों की पुलिस ने मामला दर्ज करने से झाड़ा पल्ला, भटक रहे परिजन
परिजनों का कहना है कि वह मेरठ, दिल्ली और नूंह थाने के चक्कर काट रहे हैं। न घटना से पहले कई कार्रवाई हुई जब बेटा लापता था और न अब किसी थाने की पुलिस केस दर्ज कर कार्रवाई कर रही है। कश्मीरी गेट पुलिस चौकी के एसआई नीरज कुमार ने बताया कि युवक के परिजन उनके पास आए थे, लेकिन घटना मेरठ से जुड़ी होने के कारण मामला दर्ज नहीं किया गया। वहीं, मेरठ पुलिस का कहना है कि युवक दिल्ली में मिला, इसलिए मामला दिल्ली का बनता है। परिवार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और हरियाणा के मुख्यमंत्रियों से आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, विशेष जांच कमेटी गठन और भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने की मांग की है।
फोटो: दिल्ली के खिजूरी खास क्षेत्र में मोहल्लेवासी घायल युवक को उसके परिजनों को सौंपते हुए।