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दिव्यांग पेंशन घोटाला: गगहा में एक घर, 11 फर्जी दिव्यांग- 7 साल तक लूटी सरकारी पेंशन, अब देना होगा हिसाब
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
Published by: Rohit Singh
Updated Thu, 21 May 2026 10:53 AM IST
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सार
गोरखपुर के गगहा क्षेत्र में दिव्यांग पेंशन योजना में बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। बेलावीरभान गांव के एक ही परिवार के 11 सदस्यों ने फर्जी दिव्यांग सर्टिफिकेट के आधार पर 7 साल तक पेंशन का लाभ उठाया। अब जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी ने 5 लाख 17 हजार 800 रुपये की रिकवरी का आदेश दिया है।
पेंशन।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
गगहा क्षेत्र में दिव्यांग पेंशन योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। बेलावीरभान गांव में एक ही परिवार के 11 सदस्यों ने फर्जी सर्टिफिकेट दिखाकर दिव्यांग पेंशन का लाभ उठाया। मामला उजागर होने के बाद अब प्रशासन इन सभी लाभार्थियों से 5 लाख 17 हजार 800 रुपये की वसूली करने का आदेश दिया है।
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जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी कमलेश कुमार वर्मा के अनुसार, वर्ष 2022 में गगहा ब्लॉक के बेलावीरभान गांव निवासी राजीव चंद ने आईजीआरएस पोर्टल और प्रार्थनापत्र के माध्यम से शिकायत की थी।
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विभाग की ओर से जांच में पाया गया कि एक ही परिवार के रणधीर चंद, चित्रसेन चंद, अनूप प्रताप चंद, मुगाछि चंद, इंद्रसेन चंद, चंद्रसेन चंद, सीपी चंद, मीरा देवी, संदीप चंद, भीम चंद, वीरेंद्र चंद ने फर्जी दस्तावेज के सहारे पिछले सात वर्ष से सरकारी धन का दुरुपयोग कर रहे थे।
उन्होंने बताया कि जांच में अपात्र पाए जाने के बाद विभाग ने तत्काल लाभार्थियों की पेंशन रोक दी थी। इसके बाद बैंक खातों की ट्रांजेक्शन डिटेल खंगालकर कुल अवैध राशि का आकलन किया गया। विभाग की ओर से संबंधित अपात्रों को रुपये जमा करने के लिए कई बार नोटिस जारी किया गया लेकिन किसी भी लाभार्थी ने सरकारी धनराशि वापस नहीं की।
उन्होंने बताया कि जांच में अपात्र पाए जाने के बाद विभाग ने तत्काल लाभार्थियों की पेंशन रोक दी थी। इसके बाद बैंक खातों की ट्रांजेक्शन डिटेल खंगालकर कुल अवैध राशि का आकलन किया गया। विभाग की ओर से संबंधित अपात्रों को रुपये जमा करने के लिए कई बार नोटिस जारी किया गया लेकिन किसी भी लाभार्थी ने सरकारी धनराशि वापस नहीं की।
शिकायतकर्ता राजीव चंद ने वर्ष 2024 और 2025 में भी इसी मामले को लेकर दोबारा आईजीआरएस पर शिकायत की थी। इसके बाद अपात्रों के राशि न लौटाए जाने पर विभाग ने सख्त रुख अपनाया। जांच की पत्रावली जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करने के बाद जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी ने रिकवरी का आदेश दिया है। एसडीएम बांसगांव प्रदीप सिंह का कहना है की आदेश मिलते ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
गगहा के बेलावीर भान गांव के एक ही परिवार के 11 लोगों पर फर्जी सर्टिफिकेट के आधार पर दिव्यांग पेंशन का लाभ लेने की पुष्टि हुई है। इन लोगों से दिव्यांग पेंशन की रिकवरी कराने का आदेश दिया गया है: कमलेश कुमार वर्मा, जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी
किससे कितनी वसूली:
| रणधीर चंद | 40,100 रुपये |
| चित्रसेन चंद | 47,400 रुपये |
| अनूप प्रताप | 40,400 रुपये |
| मुगाछि चंद | 39,700 रुपये |
| इंद्रसेन चंद | 37,900 रुपये |
| चंद्रसेन चंद | 40,900 रुपये |
| सीपी चंद | 40,900 रुपये |
| मीरा देवी | 37,900 रुपये |
| संदीप चंद | 56,400 रुपये |
| भीम चंद | 88,600 रुपये - सबसे ज्यादा |
| वीरेंद्र चंद | 47,400 रुपये |
| कुल: | 5,17,800 रुपये |