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एम्स : आईसीयू और एनआईसीयू में मोबाइल ले जाने पर प्रतिबंध
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परिजनों की ओर से तोड़फोड़ की घटना के बाद कार्यकारी निदेशक का बड़ा फैसला
गोरखपुर। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में हाल ही में हुई तोड़फोड़ की घटना के बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं।
कार्यकारी निदेशक डॉ . विभा दत्ता ने के निर्देश पर अब संस्थान के सभी आईसीयू और एनआईसीयू वार्डों में मोबाइल फोन ले जाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि यह निर्णय मरीजों की सुरक्षा, उपचार व्यवस्था और अस्पताल के शांत वातावरण को बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है।
जानकारी के अनुसार, मंगलवार को परिजनों की ओर से अस्पताल परिसर में हंगामा और तोड़फोड़ की गई थी। घटना के दौरान चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों को भी असुविधा का सामना करना पड़ा। इसके बाद अस्पताल प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
एम्स प्रशासन के मुताबिक, आईसीयू और एनआईसीयू जैसे संवेदनशील विभागों में मोबाइल फोन के इस्तेमाल से कई बार गोपनीयता और सुरक्षा संबंधी समस्याएं उत्पन्न होती हैं। साथ ही वीडियो बनाने और सोशल मीडिया पर प्रसारित करने जैसी घटनाओं से अस्पताल का माहौल प्रभावित होता है। इसी को ध्यान में रखते हुए मोबाइल ले जाने पर रोक लगाने का निर्णय लिया गया है।
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अब इन वार्डों में प्रवेश करने वाले परिजनों और आगंतुकों को बाहर ही मोबाइल जमा करना होगा। सुरक्षा कर्मियों को निर्देश दिए गए हैं कि नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए। प्रशासन ने लोगों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि अस्पताल में अनुशासन बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है ताकि मरीजों को बेहतर उपचार और सुरक्षित वातावरण मिल सके।
गोरखपुर। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में हाल ही में हुई तोड़फोड़ की घटना के बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं।
कार्यकारी निदेशक डॉ . विभा दत्ता ने के निर्देश पर अब संस्थान के सभी आईसीयू और एनआईसीयू वार्डों में मोबाइल फोन ले जाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि यह निर्णय मरीजों की सुरक्षा, उपचार व्यवस्था और अस्पताल के शांत वातावरण को बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है।
जानकारी के अनुसार, मंगलवार को परिजनों की ओर से अस्पताल परिसर में हंगामा और तोड़फोड़ की गई थी। घटना के दौरान चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों को भी असुविधा का सामना करना पड़ा। इसके बाद अस्पताल प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
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एम्स प्रशासन के मुताबिक, आईसीयू और एनआईसीयू जैसे संवेदनशील विभागों में मोबाइल फोन के इस्तेमाल से कई बार गोपनीयता और सुरक्षा संबंधी समस्याएं उत्पन्न होती हैं। साथ ही वीडियो बनाने और सोशल मीडिया पर प्रसारित करने जैसी घटनाओं से अस्पताल का माहौल प्रभावित होता है। इसी को ध्यान में रखते हुए मोबाइल ले जाने पर रोक लगाने का निर्णय लिया गया है।
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