{"_id":"69f66b43114786ecb8081f9e","slug":"a-person-dedicated-to-sanatan-dharma-cannot-take-the-oath-of-secularism-gorakhpur-news-c-7-gkp1038-1308753-2026-05-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gorakhpur News: गो-माता की रक्षा के लिए शुरू किया धर्मयुद्ध","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gorakhpur News: गो-माता की रक्षा के लिए शुरू किया धर्मयुद्ध
विज्ञापन
विज्ञापन
गोरखपुर पहुंचे शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद बोले-गो-माता की रक्षा के लिए आगामी चुनाव में करें वोट
आज सहारा एस्टेट से शुरू करेंगे प्रदेशभर की यात्रा
गोरखपुर। ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि गो-माता की रक्षा के लिए उन्होंने धर्मयुद्ध शुरू किया है। गोरक्षनगरी में गो-रक्षा का भाव जुड़ा हुआ है इसलिए गोरखपुर से वह गो-माता को राष्ट्र माता का दर्जा दिलाने के लिए रविवार से यात्रा शुरू करने जा रहे हैं। यहां से प्रदेश के सभी विधानसभा क्षेत्रों में जाएंगे। आगे जो चुनाव आ रहा है, हम चाहते हैं गो-माता की रक्षा के लिए हिंदू जनता वोट करे।
शंकराचार्य शनिवार दोपहर गोरखपुर पहुंचे। शाम को सहारा एस्टेट में मीडिया से बातचीत में उन्होंने अपनी यात्रा के बारे में विस्तार से चर्चा की। इसके पहले श्रद्धालुओं ने बाघागाड़ा फोरलेन के पास उनका भव्य स्वागत किया। इसके बाद वह सीधे घघसरा नगर पंचायत के वार्ड नं-11 परशुराम नगर पनिका ईटार गए। उन्होंने अपने गोत्र के कुल देवता जौहरी बाबा टेकधर ब्रह्मस्थान का दर्शन किया और वहां शिव मंदिर में जल चढ़ाकर भोलेनाथ की पूजा-अर्चना की।
शंकराचार्य ने कहा कि इस समय बंदूक व तलवार चलाने की आवश्यकता नहीं है। इस समय अंगुली से युद्ध लड़ा जाता है। अंगुली आप जहां दबाते हैं उसका असर होता है। अंगुली में ही भगवान का सुदर्शन चक्र होता है। शंकराचार्य ने कहा कि गो-माता की रक्षा के लिए धर्म युद्ध का ऐलान करना पड़ा। 11 मार्च को लखनऊ में इसका शंखनाद किया गया है। वह प्रतिदिन पांच विधानसभा क्षेत्रों में जाएंगे। 81 दिन में 403 विधानसभा क्षेत्रों को कवर करने का संकल्प है।
उन्होंने कहा कि लोगों की इच्छा थी कि जब देश आजाद होगा तो गो हत्या बंद होगी, लेकिन 78 वर्ष के बाद भी यह लक्ष्य पूरा नहीं हो पाया। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि हमारा विरोध कभी नहीं हुआ। कहीं-कहीं कुछ हिंदुओं ने विरोध किया है। कहीं परमिशन देने में दिक्कत की गई। सभी जगह हमारी मुहिम का असर दिख रहा है। बंगाल के चुनाव में भी गो हत्या के मुद्दे पर बात हुई है। उन्होंने यूजीसी के बारे कहा कि यह धक्का पहुंचाने वाला कानून है। यह कलंक है। इसको लाने वाले लोग अच्छे नहीं हैं।
-- -- -- -
सनातन धर्म के लिए समर्पित व्यक्ति नहीं ले सकता धर्मनिरपेक्षता की शपथ
गोरखपुर। शंकरचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि काेई भी पीठाधीश्वर जो सनातन धर्म के लिए खुद को समर्पित कर चुका है, वह कभी भी धर्मनिरपेक्षता की शपथ नहीं ले सकता। ऐसा इसलिए कि धर्म व धर्मनिरपेक्षता की शपथ दोनों एक-दूसरे के विरूद्ध हैं। ऐसा उनका मानना है कि काेई व्यक्ति एक समय में या तो पीठाधीश्वर होगा या मुख्यमंत्री।
सहारा एस्टेट में मीडिया से बातचीत में पूर्व सीएम अखिलेश यादव का समर्थन करने के सवाल पर उन्हाेंने कहा कि उनका पक्ष हमने कभी नहीं लिया। अगर ये आरोप उनके ऊपर लगाए जाएंगे तो यह अन्याय होगा। जिसकी अच्छी बात होती है, उसकी हम प्रशंसा करते हैं। जिसकी खराब बात होती है उसकी हम निंदा करते हैं। अखिलेश यादव ही थे जिन्हाेंने काशी में गणेश जी का अपमान किया था। तब मुखर होकर उनका हमने ही विरोध किया था। माघ मेले में वर्तमान सरकार की पुलिस ने प्रहार किया। जिनके ऊपर प्रहार किया गया था, उनके बारे में उन्होंने संवेदना के शब्द कहे, यह तो उन्होंने अच्छा किया। जो अच्छा करेगा उसको अच्छा नहीं कहा जाएगा। गुण दोष के आधार पर बात की जाती है। उनकी यात्रा में किसी पार्टी से सहयोग नहीं लिया गया है।
Trending Videos
आज सहारा एस्टेट से शुरू करेंगे प्रदेशभर की यात्रा
गोरखपुर। ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि गो-माता की रक्षा के लिए उन्होंने धर्मयुद्ध शुरू किया है। गोरक्षनगरी में गो-रक्षा का भाव जुड़ा हुआ है इसलिए गोरखपुर से वह गो-माता को राष्ट्र माता का दर्जा दिलाने के लिए रविवार से यात्रा शुरू करने जा रहे हैं। यहां से प्रदेश के सभी विधानसभा क्षेत्रों में जाएंगे। आगे जो चुनाव आ रहा है, हम चाहते हैं गो-माता की रक्षा के लिए हिंदू जनता वोट करे।
शंकराचार्य शनिवार दोपहर गोरखपुर पहुंचे। शाम को सहारा एस्टेट में मीडिया से बातचीत में उन्होंने अपनी यात्रा के बारे में विस्तार से चर्चा की। इसके पहले श्रद्धालुओं ने बाघागाड़ा फोरलेन के पास उनका भव्य स्वागत किया। इसके बाद वह सीधे घघसरा नगर पंचायत के वार्ड नं-11 परशुराम नगर पनिका ईटार गए। उन्होंने अपने गोत्र के कुल देवता जौहरी बाबा टेकधर ब्रह्मस्थान का दर्शन किया और वहां शिव मंदिर में जल चढ़ाकर भोलेनाथ की पूजा-अर्चना की।
विज्ञापन
विज्ञापन
शंकराचार्य ने कहा कि इस समय बंदूक व तलवार चलाने की आवश्यकता नहीं है। इस समय अंगुली से युद्ध लड़ा जाता है। अंगुली आप जहां दबाते हैं उसका असर होता है। अंगुली में ही भगवान का सुदर्शन चक्र होता है। शंकराचार्य ने कहा कि गो-माता की रक्षा के लिए धर्म युद्ध का ऐलान करना पड़ा। 11 मार्च को लखनऊ में इसका शंखनाद किया गया है। वह प्रतिदिन पांच विधानसभा क्षेत्रों में जाएंगे। 81 दिन में 403 विधानसभा क्षेत्रों को कवर करने का संकल्प है।
उन्होंने कहा कि लोगों की इच्छा थी कि जब देश आजाद होगा तो गो हत्या बंद होगी, लेकिन 78 वर्ष के बाद भी यह लक्ष्य पूरा नहीं हो पाया। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि हमारा विरोध कभी नहीं हुआ। कहीं-कहीं कुछ हिंदुओं ने विरोध किया है। कहीं परमिशन देने में दिक्कत की गई। सभी जगह हमारी मुहिम का असर दिख रहा है। बंगाल के चुनाव में भी गो हत्या के मुद्दे पर बात हुई है। उन्होंने यूजीसी के बारे कहा कि यह धक्का पहुंचाने वाला कानून है। यह कलंक है। इसको लाने वाले लोग अच्छे नहीं हैं।
सनातन धर्म के लिए समर्पित व्यक्ति नहीं ले सकता धर्मनिरपेक्षता की शपथ
गोरखपुर। शंकरचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि काेई भी पीठाधीश्वर जो सनातन धर्म के लिए खुद को समर्पित कर चुका है, वह कभी भी धर्मनिरपेक्षता की शपथ नहीं ले सकता। ऐसा इसलिए कि धर्म व धर्मनिरपेक्षता की शपथ दोनों एक-दूसरे के विरूद्ध हैं। ऐसा उनका मानना है कि काेई व्यक्ति एक समय में या तो पीठाधीश्वर होगा या मुख्यमंत्री।
सहारा एस्टेट में मीडिया से बातचीत में पूर्व सीएम अखिलेश यादव का समर्थन करने के सवाल पर उन्हाेंने कहा कि उनका पक्ष हमने कभी नहीं लिया। अगर ये आरोप उनके ऊपर लगाए जाएंगे तो यह अन्याय होगा। जिसकी अच्छी बात होती है, उसकी हम प्रशंसा करते हैं। जिसकी खराब बात होती है उसकी हम निंदा करते हैं। अखिलेश यादव ही थे जिन्हाेंने काशी में गणेश जी का अपमान किया था। तब मुखर होकर उनका हमने ही विरोध किया था। माघ मेले में वर्तमान सरकार की पुलिस ने प्रहार किया। जिनके ऊपर प्रहार किया गया था, उनके बारे में उन्होंने संवेदना के शब्द कहे, यह तो उन्होंने अच्छा किया। जो अच्छा करेगा उसको अच्छा नहीं कहा जाएगा। गुण दोष के आधार पर बात की जाती है। उनकी यात्रा में किसी पार्टी से सहयोग नहीं लिया गया है।
